{"_id":"65cd0ab1a1fa671202001124","slug":"murder-accused-husband-acquitted-due-to-lack-of-evidence-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-109813-2024-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: हत्यारोपी पति साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: हत्यारोपी पति साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त
Thu, 15 Feb 2024 12:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 15 Feb 2024 12:17 AM IST
विज्ञापन
- न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय काशिफ शेख की कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न में पत्नी को प्रताड़ित करने, हत्या कर लाश को कब्रिस्तान में दफनाने के मामले में आरोपी बनाए गए पति को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि थाना हरपुर बुदहट के ग्राम देवरार तुला निवासी सुन्निषा ने बेटी सहीदुन्निसा की शादी 20 दिसंबर 2008 को बिस्मिल्लाह निवासी मौजा झिंगुरापर थाना महुली के साथ हुआ था। बेटी ससुराल गई तो उसके पति बिस्मिल्लाह, ससुर हनीफ, जेठ गुट्टू, सास नसीबुननिशा, ननद तकरीबुन्निसा कम दहेज लाने का ताना देते हुए अपशब्द कहते हुए मारते-पीटते थे। दहेज में एक लाख रुपये की मांग करते थे।
मां का आरोप है कि 29 मई 2013 को ससुरालवालों ने बताया कि उसकी बेटी की तबियत खराब है। असलियत जानने के लिए लड़की के ससुराल गई तो पता चला कि उसकी मौत उसी दिन हो गई व लाश को कब्रिस्तान में दफना दिया है। सीजेएम कोर्ट के आदेश पर थाना धनघटा में आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज हुआ।
विज्ञापन
विवेचक ने दौरान विवेचना अपराध का होना न पाते हुए अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में मृतक लड़की की मां ने आपत्ति की। कोर्ट ने अंतिम रिपोर्ट को निरस्त करते हुए केस को परिवाद के रूप में दर्ज किया। दहेज हत्या में आरोपी पति बिस्मिल्लाह को तलब किया। कोर्ट में आरोपी पति ने आरोपों से इन्कार किया और विचारण चाहा।
कोर्ट में अभियोजन पक्ष से कोई ऐसा विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। जिससे यह पता चलता हो कि मृतका की मृत्यु असामान्य परिस्थिति में हुई हो या दहेज की मांग को लेकर उसकी मृत्यु हुई हो। कोर्ट ने आरोपी पति बिस्मिल्लाह निवासी झिंगुरापार थाना महुली को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय काशिफ शेख की कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न में पत्नी को प्रताड़ित करने, हत्या कर लाश को कब्रिस्तान में दफनाने के मामले में आरोपी बनाए गए पति को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि थाना हरपुर बुदहट के ग्राम देवरार तुला निवासी सुन्निषा ने बेटी सहीदुन्निसा की शादी 20 दिसंबर 2008 को बिस्मिल्लाह निवासी मौजा झिंगुरापर थाना महुली के साथ हुआ था। बेटी ससुराल गई तो उसके पति बिस्मिल्लाह, ससुर हनीफ, जेठ गुट्टू, सास नसीबुननिशा, ननद तकरीबुन्निसा कम दहेज लाने का ताना देते हुए अपशब्द कहते हुए मारते-पीटते थे। दहेज में एक लाख रुपये की मांग करते थे।
विज्ञापन
मां का आरोप है कि 29 मई 2013 को ससुरालवालों ने बताया कि उसकी बेटी की तबियत खराब है। असलियत जानने के लिए लड़की के ससुराल गई तो पता चला कि उसकी मौत उसी दिन हो गई व लाश को कब्रिस्तान में दफना दिया है। सीजेएम कोर्ट के आदेश पर थाना धनघटा में आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज हुआ।
विज्ञापन
विवेचक ने दौरान विवेचना अपराध का होना न पाते हुए अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में मृतक लड़की की मां ने आपत्ति की। कोर्ट ने अंतिम रिपोर्ट को निरस्त करते हुए केस को परिवाद के रूप में दर्ज किया। दहेज हत्या में आरोपी पति बिस्मिल्लाह को तलब किया। कोर्ट में आरोपी पति ने आरोपों से इन्कार किया और विचारण चाहा।
कोर्ट में अभियोजन पक्ष से कोई ऐसा विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। जिससे यह पता चलता हो कि मृतका की मृत्यु असामान्य परिस्थिति में हुई हो या दहेज की मांग को लेकर उसकी मृत्यु हुई हो। कोर्ट ने आरोपी पति बिस्मिल्लाह निवासी झिंगुरापार थाना महुली को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।