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Sant Kabir Nagar News: शिक्षिकाओं को छुट्टी देने में हो रही कंजूसी
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शिक्षिकाओं को छुट्टी देने में हो रही कंजूसी
महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने बीएसए से किया जवाब तलब
ऑनलाइन आवेदन पत्रों को लटकाए रखा, जांच में खुला मामला
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों की शिक्षिकाओं को छुट्टी देने में गोरखपुर-बस्ती मंडल के बीएसए कंजूसी बरत रहे हैं। ऑनलाइन आवेदन पत्रों को लटकाए रखा। इस पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा अभियान ने नाराजगी जाहिर की है। इससे मामले में गोरखपुर-बस्ती मंडलों के महराजगंज को छोड़कर अन्य सभी जिलों के बीएसए से तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में तैनात शिक्षिकाओं को शासन की तरफ से बाल्यकाल देखभाल अवकाश तथा मातृत्व अवकाश मिलता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। यह आवेदन मानव संपदा पोर्टल पर किए जाते हैं। आवेदन को संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षाधिकारी संस्तुति कर बीएसए को भेजते हैं। उसके बाद बीएसए के स्तर से आवेदन स्वीकृत किए जाते हैं। इसकी समय सीमा भी होती है।
बीएसए के पास ऑनलाइन आवेदन आने के बाद उसे तीन दिन के अंदर स्वीकृत करना होता है या न करने पर जवाब देना होता है। इसमें कई जिलों के बीएसए ने लापरवाही बरती और शिक्षिकाओं को छुट्टी नहीं दी। इसकी शिकायत कुछ शिक्षिकाओं ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा से की थी। इसमें गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर जिले में शिक्षिकाओं के आवेदन पर कोई विचार नहीं किया गया।
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इस पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने नाराजगी की है। उन्होंने कहा है कि बाल्यकाल व मातृत्व अवकाश का आवेदन ऑनलाइन निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवेदन प्रकरण का निस्तारण बीएसए को करना था, लेकिन उन्होने अवकाश स्वीकृत नहीं किया, जो लापरवाही एवं उदासीनता का प्रतीक है। यह स्थिति काफी खराब है। संवाद
...
कोट
ऑनलाइन आवेदन पत्र का खंड शिक्षाधिकारी के स्तर पर लापरवाही बरती गई है। संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षाधिकारी से जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद उसे महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भेजा जाएगा।
-अतुल कुमार तिवारी, बीएसए
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महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने बीएसए से किया जवाब तलब
ऑनलाइन आवेदन पत्रों को लटकाए रखा, जांच में खुला मामला
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों की शिक्षिकाओं को छुट्टी देने में गोरखपुर-बस्ती मंडल के बीएसए कंजूसी बरत रहे हैं। ऑनलाइन आवेदन पत्रों को लटकाए रखा। इस पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा अभियान ने नाराजगी जाहिर की है। इससे मामले में गोरखपुर-बस्ती मंडलों के महराजगंज को छोड़कर अन्य सभी जिलों के बीएसए से तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में तैनात शिक्षिकाओं को शासन की तरफ से बाल्यकाल देखभाल अवकाश तथा मातृत्व अवकाश मिलता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। यह आवेदन मानव संपदा पोर्टल पर किए जाते हैं। आवेदन को संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षाधिकारी संस्तुति कर बीएसए को भेजते हैं। उसके बाद बीएसए के स्तर से आवेदन स्वीकृत किए जाते हैं। इसकी समय सीमा भी होती है।
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बीएसए के पास ऑनलाइन आवेदन आने के बाद उसे तीन दिन के अंदर स्वीकृत करना होता है या न करने पर जवाब देना होता है। इसमें कई जिलों के बीएसए ने लापरवाही बरती और शिक्षिकाओं को छुट्टी नहीं दी। इसकी शिकायत कुछ शिक्षिकाओं ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा से की थी। इसमें गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर जिले में शिक्षिकाओं के आवेदन पर कोई विचार नहीं किया गया।
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इस पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने नाराजगी की है। उन्होंने कहा है कि बाल्यकाल व मातृत्व अवकाश का आवेदन ऑनलाइन निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवेदन प्रकरण का निस्तारण बीएसए को करना था, लेकिन उन्होने अवकाश स्वीकृत नहीं किया, जो लापरवाही एवं उदासीनता का प्रतीक है। यह स्थिति काफी खराब है। संवाद
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कोट
ऑनलाइन आवेदन पत्र का खंड शिक्षाधिकारी के स्तर पर लापरवाही बरती गई है। संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षाधिकारी से जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद उसे महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भेजा जाएगा।
-अतुल कुमार तिवारी, बीएसए