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दवाएं खत्म, जन औषधि केंद्र पर लगा ताला
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जिला अस्पताल में बंद पड़ा प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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दवाएं खत्म, जन औषधि केंद्र पर लगा ताला
एक माह से नहीं आईं जन औषधि केंद्र पर दवाएं
संतकबीरनगर। मरीजों को सस्ती दर पर दवा उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल परिसर में खुले प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर ताला लग गया है। क्योंकि दवाएं एक माह से नहीं आई हैं। मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है।
सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली जेनरिक दवाइयों व प्राइवेट दुकानों पर मिलने वाली ब्रांडेड दवाइयों की कीमत में भारी अंतर को देखते हुए केेंद्र सरकार ने हर जिले में जन औषधि केेंद्र खुलवाया था। इस केंद्र पर नियंत्रित दर पर जेनरिक दवाइयां मिलती हैं। जिला अस्पताल परिसर में जन औषधि केंद्र खुला है। एक माह से इस केंद्र पर दवाएं नहीं आई हैं। जो दवाएं बची थीं वह खत्म हो गईं तो केंद्र पर ताला लग गया।
जन औषधि केंद्र पर पैरासिटामॉल का एक पत्ता पांच रुपये का है। जबकि बाजार में 12 रुपये का। दर्द निवारक दवा डाइक्लो के एक पत्ता की कीमत इस केंद्र पर तीन रुपये है। जबकि बाहर इसकी कीमत 80 रुपये है। सिफैक्जीम टेबलेट का एक पत्ता 100 रुपये का है और बाजार में 293 रुपये का है। प्रॉजोल सोडियम की कीमत इस केंद्र पर 30 रुपये तो बाहर 150 रुपये है।
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नार्थ फ्लाक्सो की कीमत 25 रुपये पत्ता तो बाहर 80 रुपये है। शनिवार को केंद्र पर दवा लेने पहुंचे सुनील कुमार, दिग्विजय नाथ पांडेय ने बताया कि केंद्र पर ताला लगा है। दवा अगर बाहर से खरीदते हैं तो ज्यादा कीमत देनी पड़ेगी। चिकित्सक को समस्या से अवगत कराया तो तीन दवा अस्पताल से मिली।
...
कोट
जन औषधि केंद्र पर दवाएं खत्म हो गई हैं। केंद्र का संचालन करने वाले ठेकेदार से दवा को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। दवाएं लखनऊ से ही आती हैं। जैसे ही दवाएं आएंगी केंद्र फिर से संचालित होने लगेगा।
डॉ. ओपी चतुर्वेदी, सीएमएस
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एक माह से नहीं आईं जन औषधि केंद्र पर दवाएं
संतकबीरनगर। मरीजों को सस्ती दर पर दवा उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल परिसर में खुले प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर ताला लग गया है। क्योंकि दवाएं एक माह से नहीं आई हैं। मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है।
सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली जेनरिक दवाइयों व प्राइवेट दुकानों पर मिलने वाली ब्रांडेड दवाइयों की कीमत में भारी अंतर को देखते हुए केेंद्र सरकार ने हर जिले में जन औषधि केेंद्र खुलवाया था। इस केंद्र पर नियंत्रित दर पर जेनरिक दवाइयां मिलती हैं। जिला अस्पताल परिसर में जन औषधि केंद्र खुला है। एक माह से इस केंद्र पर दवाएं नहीं आई हैं। जो दवाएं बची थीं वह खत्म हो गईं तो केंद्र पर ताला लग गया।
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जन औषधि केंद्र पर पैरासिटामॉल का एक पत्ता पांच रुपये का है। जबकि बाजार में 12 रुपये का। दर्द निवारक दवा डाइक्लो के एक पत्ता की कीमत इस केंद्र पर तीन रुपये है। जबकि बाहर इसकी कीमत 80 रुपये है। सिफैक्जीम टेबलेट का एक पत्ता 100 रुपये का है और बाजार में 293 रुपये का है। प्रॉजोल सोडियम की कीमत इस केंद्र पर 30 रुपये तो बाहर 150 रुपये है।
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नार्थ फ्लाक्सो की कीमत 25 रुपये पत्ता तो बाहर 80 रुपये है। शनिवार को केंद्र पर दवा लेने पहुंचे सुनील कुमार, दिग्विजय नाथ पांडेय ने बताया कि केंद्र पर ताला लगा है। दवा अगर बाहर से खरीदते हैं तो ज्यादा कीमत देनी पड़ेगी। चिकित्सक को समस्या से अवगत कराया तो तीन दवा अस्पताल से मिली।
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कोट
जन औषधि केंद्र पर दवाएं खत्म हो गई हैं। केंद्र का संचालन करने वाले ठेकेदार से दवा को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। दवाएं लखनऊ से ही आती हैं। जैसे ही दवाएं आएंगी केंद्र फिर से संचालित होने लगेगा।
डॉ. ओपी चतुर्वेदी, सीएमएस