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अभिलेखों में हेराफेरी कर अपात्र को दे दिया पीएम आवास योजना का लाभ

Tue, 16 Aug 2022 10:57 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 16 Aug 2022 10:57 PM IST
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Manipulating the records and giving the benefit of PM Awas Yojana to the ineligible
अभिलेखों में हेराफेरी कर अपात्र को दे दिया पीएम आवास योजना का लाभ
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- जांच में अपात्र की पुष्टि और सीडीओ के जरिए धन आहरण पर रोक के बाद भी की मनमानी
- कोर्ट के आदेश पर सचिव, महिला लाभार्थी पर केस दर्ज
धनघटा। अभिलेखों में हेराफेरी करके नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के जमिरा गांव की अपात्र लाभार्थी को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दे दिया गया। शिकायत पर जांच में अपात्र होने की पुष्टि हुई और सीडीओ के जरिए खाते से धन आहरण पर रोक भी लगाया गया, बावजूद इसके मनमानी की गई। कोर्ट के आदेश पर इस मामले में महुली पुलिस ने सचिव/ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष और अपात्र लाभार्थी समेत तीन के खिलाफ जालसाजी और गबन का केस दर्ज किया।

जमिरा गांव निवासी इंद्र बहादुर पुत्र राम भरत का आरोप है कि उसके गांव की मोइला देवी पत्नी रामहित, जो प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए अपात्र है। इसके बावजूद गांव में तैनात सचिव अनिल सिंह ने मोइला देवी से सांठगांठ करके कूटरचित दस्तावेज तैयार किया। आरोप है कि मोइला देवी को अभिलेख में पात्र बनाकर रिपोर्ट जिला प्रशासन के पास भेज दिया। जब इसकी भनक लगी तो उसने गांव की एक अन्य महिला चंदा देवी के माध्यम से पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत सीडीओ,बीडीओ से की। उच्चाधिकारी के निर्देश पर गठित टीम द्वारा जांच की गई। जांच में मोइला के अपात्र होने की पुष्टि हुई। मामला उजागर होने के बाद सीडीओ ने 26 नवंबर 2021 को मोइला देवी का चयन निरस्त करने के साथ खाते में पीएम आवास की धनराशि के आहरण पर रोक लगाने के लिए पत्र जारी कर दी। आरोप है कि इसके बावजूद सचिव अनिल सिंह ने मोइला देवी के खाते में चालीस हजार रुपये की प्रथम किस्त भेज दी। जांच रिपोर्ट में धन भेजने के रोक के बावजूद सचिव अनिल सिंह ने पीएम आवास की तीन किस्त क्रमश: 30 सितंबर 2021, 24 जनवरी 2022 तथा 24 फरवरी 2022 को कुल मिलाकर एक लाख बीस हजार रुपये भेज दिया गया। आरोप है कि सचिव और नाथनगर ब्लॉक के अन्य पदीय अधिकारी ने मिलीभगत कर सरकारी धन के बंदरबाट के लिए यह काम किया। उन्होंने इसकी शिकायत मुख्य सचिव, गृह सचिव ग्राम विकास मंत्रालय के अलावा जिले से मंडल स्तर तक के अधिकारियों के पास पंजीकृत डाक से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। एसओ रविंद्र सिंह ने बताया कि पंचायत सचिव अनिल सिंह, मोइला देवी पत्नी राम हित निवासी जमिरा तथा अन्य पदीय अधिकारी नाथनगर के खिलाफ जालसाजी और सरकारी धन के गबन का केस दर्ज किया गया। विवेचना से जो तथ्य सामने आएगा, आगे वैसी कार्रवाई की जाएगी।
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