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फसल अवशेष का सही ढंग से करें प्रबंधन : डाॅ. राजेश
Sun, 06 Jul 2025 12:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 06 Jul 2025 12:14 AM IST
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रोसयाबाजार। कृषि विज्ञान केंद्र बगही में कृषि अभियंत्रण विभाग ने आयोजित पांच दिवसीय व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के अवसर पर शनिवार को किसानों को फसल अवशेष के सही प्रबंधन की जानकारी दी। वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. राजेश चन्द्र वर्मा ने कहा कि फसल अवशेष के प्रबंधन के लिए सरकार उपकरणों पर अनुदान दे रही है। इन उपकरण से किसान फसल अवशेष का सही ढंग से प्रबंधन कर सकते हैं।
डॉ. देवेश कुमार ने बताया कि धान की फसल के उपरांत गेहूं की बुआई हैप्पी सीडर, सुपर सीडर मशीन करें। किसान यदि सुपर सीडर से बुआई करते हैं तो फसल अवशेष को बिना जलाए ही समय से बुआई कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक टन फसल अवशेष जलाने से 5.5 किलो नत्रजन, 2.3 किलो फॉस्फोरस, 2.5 किलो पोटाश और 1.2 किलो सल्फर का नुकसान होता है।
इसलिए किसानों को किसी भी सूरत में फसल अवशेष को जलाना नहीं बल्कि उनका प्रबंधन करना चाहिए। फसल अवशेष को एमबी प्लॉउ की सहायता से मृदा में मिला देना चाहिए। वैज्ञानिक श्रीप्रकाश चंद्र ने कहा कि फसल अवशेष को ट्रैक्टर चलित चारा काटने वाली मशीन से काटकर एकत्र कर लें और उसे पशुओं के चारा के रूप में प्रयोग कर सकते हैं।
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प्रशिक्षण के समापन में उपस्थित प्रगतिशील किसान चंद्र कांत मणि, लाल जी यादव, राम रतन भास्कर, चंद्र प्रकाश शुक्ल, विनोद, सदानंद त्रिपाठी, देव प्रसाद और सुरेश चंद्र को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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डॉ. देवेश कुमार ने बताया कि धान की फसल के उपरांत गेहूं की बुआई हैप्पी सीडर, सुपर सीडर मशीन करें। किसान यदि सुपर सीडर से बुआई करते हैं तो फसल अवशेष को बिना जलाए ही समय से बुआई कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक टन फसल अवशेष जलाने से 5.5 किलो नत्रजन, 2.3 किलो फॉस्फोरस, 2.5 किलो पोटाश और 1.2 किलो सल्फर का नुकसान होता है।
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इसलिए किसानों को किसी भी सूरत में फसल अवशेष को जलाना नहीं बल्कि उनका प्रबंधन करना चाहिए। फसल अवशेष को एमबी प्लॉउ की सहायता से मृदा में मिला देना चाहिए। वैज्ञानिक श्रीप्रकाश चंद्र ने कहा कि फसल अवशेष को ट्रैक्टर चलित चारा काटने वाली मशीन से काटकर एकत्र कर लें और उसे पशुओं के चारा के रूप में प्रयोग कर सकते हैं।
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प्रशिक्षण के समापन में उपस्थित प्रगतिशील किसान चंद्र कांत मणि, लाल जी यादव, राम रतन भास्कर, चंद्र प्रकाश शुक्ल, विनोद, सदानंद त्रिपाठी, देव प्रसाद और सुरेश चंद्र को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।