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ब्लॉक पर ताला लगाकर प्रमुख पहुंचे कलेक्ट्रेट
संतकबीरनगर/ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूराे
Updated Mon, 08 Aug 2016 11:42 PM IST
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ब्लॉकों में ताला लगाकर प्रमुखों ने प्रमुख संघ के जिलाध्यक्ष मनोज राय के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया।
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार बढ़ाए जाने की मांग को लेकर सोमवार को जनपद के विभिन्न ब्लॉकों में ताला लगाकर प्रमुखों ने प्रमुख संघ के जिलाध्यक्ष मनोज राय के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रमुखों ने सीएम के नाम संबोधित 32 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डीएम को दिया।
धरने को संबोधित करते हुए प्रमुख संघ के जिलाध्यक्ष मनोज राय ने कहा कि पूर्व में राज्य वित्त की धनराशि क्रमश: ग्राम पंचायत में 60 प्रतिशत, क्षेत्र पंचायत 20 प्रतिशत तथा जिला पंचायत 20 प्रतिशत सरकार द्वारा दी जाती है। अब वर्ष 2016-17 में यह धनराशि क्रमश: ग्राम पंचायत 50 प्रतिशत, क्षेत्र पंचायत 10 प्रतिशत एवं जिला पंचायत को 40 प्रतिशत कर दिया गया है।
प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायत अपने अपने क्षेत्र में विकास कार्य कराती है। क्षेत्र को विकासशील बनाने के लिए यह धनराशि बराबर भागों में बांटी जाए। पूर्व में क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत एवं ग्राम पंचायत को 13वें वित्त की धनराशि बराबर भागों में बांटी जाती थी। अब 14वें वित्त की धनराशि जितनी ग्राम पंचायत को दी जा रही है। उतनी धनराशि क्षेत्र के विकास के लिए क्षेत्र पंचायत को दी जाए।
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उन्होंने कहा कि क्षेत्र पंचायत, विकास खंड, ब्लॉक के समस्त वित्त एवं प्रशासनिक कार्य जो भी विकास खंड स्तर पर है प्रमुखों के अनुमोदन के उपरांत ही वह फाइल स्वीकृत हो। क्योंकि प्रमुख ही क्षेत्र पंचायत, विकास खंड और ब्लॉक का अध्यक्ष होता है। क्षेत्र पंचायत विकास खंड और ब्लॉक एक संवैधानिक संस्था है। जिसका अध्यक्ष ब्लॉक प्रमुख होता है। समस्त सेवाओं प्रमुख के अधीन कर दी जाए।
वेतन अवकाश तथा चरित्र पुस्तिका पर नियंत्रण प्रमुख का रहेगा। जो कि क्षेत्र पंचायत अधिनियम 1961 में निहित है। इन व्यवस्थाओं के पूर्ण रूप से लागू होने के उपरांत ही पंचायतों पर राज्य तंत्र सुचारु रूप से जनहित में कार्य कर सकेगा। उन्होंने कहा कि अन्य कई मांगे है जिस पर लड़ाई लड़ी जा रही है।
धरने में नाथनगर प्रमुख शिवनाथ यादव, फूलचंद चौधरी, प्रिंसअगम सिंह, विरेंद्र कन्नौजिया, प्रेम नारायण निषाद, पंकज, महमूद आलम, आत्मा यादव, लल्लन सिंह, जयहिंद यादव, अतिकुर्रहमान, महेश कुमार, सोनू सिंह, मोहम्मद तौफिक, रामराज मौर्य, निसार अहमद, ओम प्रकाश यादव, तौलन प्रसाद, संजय कुुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
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धरने को संबोधित करते हुए प्रमुख संघ के जिलाध्यक्ष मनोज राय ने कहा कि पूर्व में राज्य वित्त की धनराशि क्रमश: ग्राम पंचायत में 60 प्रतिशत, क्षेत्र पंचायत 20 प्रतिशत तथा जिला पंचायत 20 प्रतिशत सरकार द्वारा दी जाती है। अब वर्ष 2016-17 में यह धनराशि क्रमश: ग्राम पंचायत 50 प्रतिशत, क्षेत्र पंचायत 10 प्रतिशत एवं जिला पंचायत को 40 प्रतिशत कर दिया गया है।
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प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायत अपने अपने क्षेत्र में विकास कार्य कराती है। क्षेत्र को विकासशील बनाने के लिए यह धनराशि बराबर भागों में बांटी जाए। पूर्व में क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत एवं ग्राम पंचायत को 13वें वित्त की धनराशि बराबर भागों में बांटी जाती थी। अब 14वें वित्त की धनराशि जितनी ग्राम पंचायत को दी जा रही है। उतनी धनराशि क्षेत्र के विकास के लिए क्षेत्र पंचायत को दी जाए।
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उन्होंने कहा कि क्षेत्र पंचायत, विकास खंड, ब्लॉक के समस्त वित्त एवं प्रशासनिक कार्य जो भी विकास खंड स्तर पर है प्रमुखों के अनुमोदन के उपरांत ही वह फाइल स्वीकृत हो। क्योंकि प्रमुख ही क्षेत्र पंचायत, विकास खंड और ब्लॉक का अध्यक्ष होता है। क्षेत्र पंचायत विकास खंड और ब्लॉक एक संवैधानिक संस्था है। जिसका अध्यक्ष ब्लॉक प्रमुख होता है। समस्त सेवाओं प्रमुख के अधीन कर दी जाए।
वेतन अवकाश तथा चरित्र पुस्तिका पर नियंत्रण प्रमुख का रहेगा। जो कि क्षेत्र पंचायत अधिनियम 1961 में निहित है। इन व्यवस्थाओं के पूर्ण रूप से लागू होने के उपरांत ही पंचायतों पर राज्य तंत्र सुचारु रूप से जनहित में कार्य कर सकेगा। उन्होंने कहा कि अन्य कई मांगे है जिस पर लड़ाई लड़ी जा रही है।
धरने में नाथनगर प्रमुख शिवनाथ यादव, फूलचंद चौधरी, प्रिंसअगम सिंह, विरेंद्र कन्नौजिया, प्रेम नारायण निषाद, पंकज, महमूद आलम, आत्मा यादव, लल्लन सिंह, जयहिंद यादव, अतिकुर्रहमान, महेश कुमार, सोनू सिंह, मोहम्मद तौफिक, रामराज मौर्य, निसार अहमद, ओम प्रकाश यादव, तौलन प्रसाद, संजय कुुमार सहित अन्य मौजूद रहे।