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हत्या के दोषी को उम्रकैद की सजा
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हत्या के दोषी को उम्रकैद की सजा
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय काशिफ़ शेख ने हत्या के दोषी को आजीवन कारावास व पचास हजार रुपये दंड लगाया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का कारावास की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हेमंत कुमार मिश्र ने बताया कि खलीलाबाद क्षेत्र के उड़सरा की विद्यावती देवी ने थाना दुधारा में प्रार्थनापत्र दिया कि नौ फरवरी 2016 को वह और उनके पति ओमप्रकाश तिवारी तथा एक व्यक्ति सामान खरीदने गए थे। उनके पति ने उन्हें बैंक चौराहा पर उतार दिया। वह व्यक्ति उसके पति को लेकर कहीं चला गया। काफी देर बाद जब उसके पति नहीं आए तो खोजबीन की गई। लखमा में उसके पति की लाश मिली। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। आरोपी बब्बू उफ़ॱर चंद्रशेखर तथा रामजीत के विरुद्ध मामला कोर्ट में चला। अपर सत्र न्यायाधीश काशिफ़ शेख ने साक्ष्य के अभाव में रामजीत को दोष मुक्त कर दिया। जबकि बब्बू उफ़ॱर चंद्रशेखर को दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 50 हजार रुपये दंड लगाया। अर्थदंड न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय काशिफ़ शेख ने हत्या के दोषी को आजीवन कारावास व पचास हजार रुपये दंड लगाया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का कारावास की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हेमंत कुमार मिश्र ने बताया कि खलीलाबाद क्षेत्र के उड़सरा की विद्यावती देवी ने थाना दुधारा में प्रार्थनापत्र दिया कि नौ फरवरी 2016 को वह और उनके पति ओमप्रकाश तिवारी तथा एक व्यक्ति सामान खरीदने गए थे। उनके पति ने उन्हें बैंक चौराहा पर उतार दिया। वह व्यक्ति उसके पति को लेकर कहीं चला गया। काफी देर बाद जब उसके पति नहीं आए तो खोजबीन की गई। लखमा में उसके पति की लाश मिली। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। आरोपी बब्बू उफ़ॱर चंद्रशेखर तथा रामजीत के विरुद्ध मामला कोर्ट में चला। अपर सत्र न्यायाधीश काशिफ़ शेख ने साक्ष्य के अभाव में रामजीत को दोष मुक्त कर दिया। जबकि बब्बू उफ़ॱर चंद्रशेखर को दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 50 हजार रुपये दंड लगाया। अर्थदंड न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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