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रमजान उल मुबारक का आखिरी जुमा आज
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रमजान उल मुबारक का आखिरी जुमा आज
बाघनगर। बरकत अजमत व रहमत का महीना रमजान-उल-मुबारक का आखिरी जुमा शुक्रवार को है। रमजान माह के आखिरी शुक्रवार को जुमा अलविदा कहा जाता है। जुमा अलविदा को छोटी ईद के तौर पर भी माना जाता है।
धार्मिक संस्थाओं की ओर से लॉकडाउन के चलते जामा मस्जिद में जुमा अलविदा की नमाज अदा न करके रोजेदारों को इस बार अपने घरों में नमाज-ए-जोहर अदा किए जाने का ऐलान किया गया है। मस्जिद में सिर्फ पांच लोग एक इमाम, एक मोअज्जिन और तीन अन्य लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करके नमाज अदा कर सकते हैं।
मौलाना फुजैल अहमद नदवी ने बताया कि रमजान के महीने से जुमा अलविदा हो रहा है। इस साल का खैर व बरकत का महीना रमजान कुछ दिन का मेहमान है। इस महीने की बरकत, रहमत पाने के लिए मुसलमान दुआ करें। खुदा अगले साल फिर इस माह की रहमत नसीब करे। बहुत खुशनसीब हैं वे लोग, जिन्हें यह महीना मिला।
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सेहुड़ा के अफजाल नदवी ने बताया कि मुसलमान जिस तरह इस माह में नमाज, कुरान की तिलवात, इबादत करते रहे हैं, बाकी महीनों में करने का अहद करें। इसी में कामयाबी है। रमजान का महीना बहुत सीख देता है। गरीबों की मदद, अपने नफ्स पर काबू, भूखे प्यासे लोगों का एहसास आदि बातें शामिल हैं। रमजान की रहमत बरकत सबको नसीब हो।
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बाघनगर। बरकत अजमत व रहमत का महीना रमजान-उल-मुबारक का आखिरी जुमा शुक्रवार को है। रमजान माह के आखिरी शुक्रवार को जुमा अलविदा कहा जाता है। जुमा अलविदा को छोटी ईद के तौर पर भी माना जाता है।
धार्मिक संस्थाओं की ओर से लॉकडाउन के चलते जामा मस्जिद में जुमा अलविदा की नमाज अदा न करके रोजेदारों को इस बार अपने घरों में नमाज-ए-जोहर अदा किए जाने का ऐलान किया गया है। मस्जिद में सिर्फ पांच लोग एक इमाम, एक मोअज्जिन और तीन अन्य लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करके नमाज अदा कर सकते हैं।
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मौलाना फुजैल अहमद नदवी ने बताया कि रमजान के महीने से जुमा अलविदा हो रहा है। इस साल का खैर व बरकत का महीना रमजान कुछ दिन का मेहमान है। इस महीने की बरकत, रहमत पाने के लिए मुसलमान दुआ करें। खुदा अगले साल फिर इस माह की रहमत नसीब करे। बहुत खुशनसीब हैं वे लोग, जिन्हें यह महीना मिला।
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सेहुड़ा के अफजाल नदवी ने बताया कि मुसलमान जिस तरह इस माह में नमाज, कुरान की तिलवात, इबादत करते रहे हैं, बाकी महीनों में करने का अहद करें। इसी में कामयाबी है। रमजान का महीना बहुत सीख देता है। गरीबों की मदद, अपने नफ्स पर काबू, भूखे प्यासे लोगों का एहसास आदि बातें शामिल हैं। रमजान की रहमत बरकत सबको नसीब हो।