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गांधी आश्रम के पास की खाली भूमि को लेकर गहराया विवाद
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गांधी आश्रम के पास की खाली भूमि को लेकर गहराया विवाद
यहां कराए जा रहे निर्माण कार्य को नगर प्रशासन ने रुकवाया
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। नगर के गांधी आश्रम चौराहे के पास मुख्य मार्ग के दक्षिण स्थित खाली पड़ी जमीन पर कराए जा रहे निर्माण कार्य को रविवार को नगर पंचायत प्रशासन ने रुकवा दिया। इसको लेकर सभी पक्ष अपने- अपने तर्क दे रहे हैं।
दरअसल, इस भूमि पर कब्जे को लेकर खातेदार बेचन प्रसाद मौर्य व गांधीआश्रम प्रशासन के बीच कई बार विवाद हो चुका है। तीन जून को राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में खातेदार बेचन प्रसाद मौर्य की जमीन की पैमाइश कर उन्हें हैंड ओवर करा दिया था। इस पर उन्होंने निर्माण कार्य शुरू किया तो गांधी आश्रम प्रशासन ने भी बाकी बची जमीन पर कब्जे की नीयत से निर्माण कार्य शुरू करा दिया। इसी से सटा नगर पंचायत का बाढ़ राहत भवन भी है।
इस पूरे रकबे की भूमि पर नगर पंचायत व गांधी आश्रम के बीच भी मामला विचाराधीन है। यह जानकारी नगर प्रशासन को मिलने के बाद प्रभारी अधिशाषी अधिकारी/अपर उपजिलाधिकारी नवीन कुमार श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को तत्काल रुकवा दिया।
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राजस्व विभाग की टीम ने पैमाईश कर खातेदार को दी है भूमि
कानूनगो निजामुद्दीन खान ने बताया कि डीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार के नेतृत्व में गठित राजस्व टीम ने खातेदार की भूमि की पैमाइश करके कब्जा दिलाया है। नगरपंचायत का इस भूमि पर कोई दखल ही नहीं बनता है।
गांधी आश्रम प्रशासन ने डीएम को दिया है शिकायती पत्र
गांधी आश्रम प्रशासन के मंत्री रमेश कुमार मिश्र का कहना है कि भूमि को लेकर वाद कोर्ट में विचाराधीन है। जिस पर स्थगन आदेश भी जारी है। इस कोरोना महामारी व लॉकडाउन का फायदा उठाते हुए खातेदार निर्माण कार्य पर आमादा है। जिसकी पैमाइश जबरन राजस्व विभाग ने कर दी। इसके लिए गांधी आश्रम ने समय मांगा तो नहीं दिया गया। इसे लेकर एक शिकायती पत्र डीएम को दिया गया है।
गांधी आश्रम चौराहे के निकट खाली जमीन वर्षों से खाली थी। इसके पीछे नगर पंचायत का बाढ़ राहत भवन है। भूमि के कागजात के अवलोकन तक फिलहाल दोनों पक्षों के निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया है। जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे।
- नवीन कुमार श्रीवास्तव, प्रभारी अधिशाषी अधिकारी/अपर उपजिलाधिकारी
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यहां कराए जा रहे निर्माण कार्य को नगर प्रशासन ने रुकवाया
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। नगर के गांधी आश्रम चौराहे के पास मुख्य मार्ग के दक्षिण स्थित खाली पड़ी जमीन पर कराए जा रहे निर्माण कार्य को रविवार को नगर पंचायत प्रशासन ने रुकवा दिया। इसको लेकर सभी पक्ष अपने- अपने तर्क दे रहे हैं।
दरअसल, इस भूमि पर कब्जे को लेकर खातेदार बेचन प्रसाद मौर्य व गांधीआश्रम प्रशासन के बीच कई बार विवाद हो चुका है। तीन जून को राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में खातेदार बेचन प्रसाद मौर्य की जमीन की पैमाइश कर उन्हें हैंड ओवर करा दिया था। इस पर उन्होंने निर्माण कार्य शुरू किया तो गांधी आश्रम प्रशासन ने भी बाकी बची जमीन पर कब्जे की नीयत से निर्माण कार्य शुरू करा दिया। इसी से सटा नगर पंचायत का बाढ़ राहत भवन भी है।
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इस पूरे रकबे की भूमि पर नगर पंचायत व गांधी आश्रम के बीच भी मामला विचाराधीन है। यह जानकारी नगर प्रशासन को मिलने के बाद प्रभारी अधिशाषी अधिकारी/अपर उपजिलाधिकारी नवीन कुमार श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को तत्काल रुकवा दिया।
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राजस्व विभाग की टीम ने पैमाईश कर खातेदार को दी है भूमि
कानूनगो निजामुद्दीन खान ने बताया कि डीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार के नेतृत्व में गठित राजस्व टीम ने खातेदार की भूमि की पैमाइश करके कब्जा दिलाया है। नगरपंचायत का इस भूमि पर कोई दखल ही नहीं बनता है।
गांधी आश्रम प्रशासन ने डीएम को दिया है शिकायती पत्र
गांधी आश्रम प्रशासन के मंत्री रमेश कुमार मिश्र का कहना है कि भूमि को लेकर वाद कोर्ट में विचाराधीन है। जिस पर स्थगन आदेश भी जारी है। इस कोरोना महामारी व लॉकडाउन का फायदा उठाते हुए खातेदार निर्माण कार्य पर आमादा है। जिसकी पैमाइश जबरन राजस्व विभाग ने कर दी। इसके लिए गांधी आश्रम ने समय मांगा तो नहीं दिया गया। इसे लेकर एक शिकायती पत्र डीएम को दिया गया है।
गांधी आश्रम चौराहे के निकट खाली जमीन वर्षों से खाली थी। इसके पीछे नगर पंचायत का बाढ़ राहत भवन है। भूमि के कागजात के अवलोकन तक फिलहाल दोनों पक्षों के निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया है। जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे।
- नवीन कुमार श्रीवास्तव, प्रभारी अधिशाषी अधिकारी/अपर उपजिलाधिकारी