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Sant Kabir Nagar News: सीएचसी हैंसर में डॉक्टरों की कमी, समुचित इलाज बना चुनौती
Mon, 24 Mar 2025 11:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 24 Mar 2025 11:44 PM IST
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सीएचसी मलौली में इलाज करने के लिए पहुंचे लोग।
धनघटा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैंसर बाजार में डॉक्टरों की कमी से मरीजों का समुचित इलाज चुनौती बना हुआ है। तीन माह से महिला डॉक्टर की तैनाती न होने से महिला मरीजों को भटकना पड़ रहा है। वहीं आठ वर्षों से अस्पताल पर बाल रोग विशेषज्ञ, सर्जन व नेत्र चिकित्सक की तैनाती न होने से संबंधित मरीजों को निजी अस्पतालों में इलाज के लिए जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
धनघटा क्षेत्र का प्रमुख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैंसर बाजार इन दिनों डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। हर जगह चिकित्सकों की कमी दिखाई दे रही है। अस्पताल पर तैनात महिला डॉक्टर ने तीन माह पूर्व त्याग पत्र दे दिया। उसके बाद अस्पताल पर किसी महिला डॉक्टर की तैनाती न होने से महिला मरीजों को दिक्कतें उठानी पड़ रही है। महिलाओं का प्रसव केवल स्टाफ नर्स के भरोसे चल रहा है। अस्पताल पर महिला डॉक्टर न होने से इसका सीधा लाभ निजी अस्पतालों द्वारा उठाया जा रहा है।
अस्पताल पर मौजूद महिला मरीज के साथ आये परिजन जनक नन्दनी, कौशिल्या देवी, राम रति देवी, किरण देवी, बासमती आदि ने बताया कि अस्पताल पर महिला डॉक्टर न होने से महिला मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। मलौली निवासी राम अधार, बृज किशोर, राम केश, चंद्रभान आदि ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में अस्पताल पर किसी बाल रोग विशेषज्ञ व सर्जन की तैनाती नही हुई। ऑपरेशन जैसी स्थित में जरूरतमंद प्राइवेट अस्पतालों के शोषण का शिकार हो रहे हैं।
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पिछले दिनों पटल परिवर्तन में सीएचसी नाथनगर में तैनात नेत्र परीक्षण अधिकारी को सीएचसी हैंसर भेजा गया। लेकिन कुछ दिन बाद वह दोबारा सीएचसी नाथनगर लौट गए। अस्पताल में दंत चिकित्सक की तैनाती नहीं हुई। क्षेत्र के लोगों ने अस्पताल पर विशेषज्ञ चिकित्सकों कि तैनाती किए जाने की मांग की है।
कोट
अस्पताल पर चिकित्सक की तैनाती को लेकर उच्च अधिकारियों को पत्र दिया गया है। शीघ्र अस्पताल पर चिकित्सक की तैनाती की जाएगी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए निरंतर प्रयास चल रहे हैं।
-डॉ. जितेंद्र चौधरी, अधीक्षक, सीएचसी हैंसर बाजार
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धनघटा क्षेत्र का प्रमुख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैंसर बाजार इन दिनों डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। हर जगह चिकित्सकों की कमी दिखाई दे रही है। अस्पताल पर तैनात महिला डॉक्टर ने तीन माह पूर्व त्याग पत्र दे दिया। उसके बाद अस्पताल पर किसी महिला डॉक्टर की तैनाती न होने से महिला मरीजों को दिक्कतें उठानी पड़ रही है। महिलाओं का प्रसव केवल स्टाफ नर्स के भरोसे चल रहा है। अस्पताल पर महिला डॉक्टर न होने से इसका सीधा लाभ निजी अस्पतालों द्वारा उठाया जा रहा है।
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अस्पताल पर मौजूद महिला मरीज के साथ आये परिजन जनक नन्दनी, कौशिल्या देवी, राम रति देवी, किरण देवी, बासमती आदि ने बताया कि अस्पताल पर महिला डॉक्टर न होने से महिला मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। मलौली निवासी राम अधार, बृज किशोर, राम केश, चंद्रभान आदि ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में अस्पताल पर किसी बाल रोग विशेषज्ञ व सर्जन की तैनाती नही हुई। ऑपरेशन जैसी स्थित में जरूरतमंद प्राइवेट अस्पतालों के शोषण का शिकार हो रहे हैं।
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पिछले दिनों पटल परिवर्तन में सीएचसी नाथनगर में तैनात नेत्र परीक्षण अधिकारी को सीएचसी हैंसर भेजा गया। लेकिन कुछ दिन बाद वह दोबारा सीएचसी नाथनगर लौट गए। अस्पताल में दंत चिकित्सक की तैनाती नहीं हुई। क्षेत्र के लोगों ने अस्पताल पर विशेषज्ञ चिकित्सकों कि तैनाती किए जाने की मांग की है।
कोट
अस्पताल पर चिकित्सक की तैनाती को लेकर उच्च अधिकारियों को पत्र दिया गया है। शीघ्र अस्पताल पर चिकित्सक की तैनाती की जाएगी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए निरंतर प्रयास चल रहे हैं।
-डॉ. जितेंद्र चौधरी, अधीक्षक, सीएचसी हैंसर बाजार