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मदद मिले तो पैर पर खड़ी हो दिव्यांग कुसमावती

Sat, 06 Mar 2021 09:55 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 06 Mar 2021 09:55 PM IST
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kushmawati reached dm office for help in  medicine
कलेक्ट्रेट पहुंची दिव्यांग कुसमावती - फोटो : KHALILABAD
मदद मिले तो पैर पर खड़ी हो दिव्यांग कुसमावती
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छह साल पहले ढिबरी से लगी आग में जलने से दोनों पैर हो गए खराब
आर्थिक स्थिति खराब होने से नहीं हो रहा ऑपरेशन
35 किलोमीटर साइकिल से दिव्यांग बेटी को लेकर डीएम दफ्तर पहुंचा पिता
संतकबीरनगर। छह साल पहले ढिबरी से लगी आग में जल जाने से कठहा खैरगाड़ की रहने वाली कुसमावती के दोनों पैर खराब हो गए। इस घटना ने कुसमावती को दिव्यांग बना दिया। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है। मदद मिले और ऑपरेशन हो जाए तो कुसमावती खुद के पैरों पर खड़ी हो सकती है।
धनघटा तहसील क्षेत्र के कठहा खैरगाड़ की रहने वाली 16 वर्षीय कुसमावती पुत्री विश्वनाथ विश्वकर्मा बताती है कि छह साल पहले भोजन बनाने के दौरान ढिबरी से लगी आग में दोनों पैर झुलस गए। पैर की चमड़ी सिकुड़ जाने से चलने-फिरने में असमर्थ हो गई। दिव्यांगता का दंश और ऊपर से परिवार की गरीबी ने उसे लाचार बना दिया। हर रोज उसे घिसटकर चलते देखकर बेबस पिता रोने लगते हैं। गोरखपुर के प्राइवेट डॉक्टर को दिखाया तो ऑपरेशन करने की बात बताए। ऑपरेशन के खर्च को परिवार के लोग वहन करने में अक्षम हैं। 35 किलोमीटर दूरी तय करके उसके पिता विश्वनाथ विश्वकर्मा साइकिल से लेकर डीएम दफ्तर पहुंचे थे। डीएम दिव्या मित्तल और एडीएम मनोज कुमार के समक्ष दिव्यांग बेटी को लेकर पिता पहुंचे और अपनी समस्या बताई। पिता विश्वनाथ ने बताया कि बाढ़ में नाव पलट जाने से उसके पौत्र सुजीत की घाघरा में डूबने से मौत हो गई थी। उसके तीन बेटे और चार बेटियां है। इनमें से दो बेटियों की शादी हो चुकी है। दिव्यांग बेटी कुसमावती चौथे नंबर की है। उसके दो बेटे बाहर रहते हैं। बेटों ने मुंह मोड़ लिया है और कोई मदद नहीं करते हैं। सिर्फ एक बीघा जमीन है। मजदूरी के सहारे ही परिवार का खर्च चलता है। ऐसे में दिव्यांग बेटी का ऑपरेशन कैसे कराएं, समझ में नहीं आ रहा है। हाथ जोड़कर पिता बेटी के ऑपरेशन कराने के लिए गिड़गिडाए तो डीएम भावुक हो गईं। डीएम ने बाप-बेटी को तहसीलदार वंदना पांडेय के साथ अपर सीएमओ के पास भेजा। अपर सीएमओ को पूरी मदद कराने के निर्देश दिए।
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कोट
किशोरी कुसमावती के दोनों पैर जल जाने से उसकी चमड़ी सिकुड़ गई है। यही वजह है कि वह चलने में असमर्थ है। इसका ऑपरेशन जिले पर नहीं हो पाएगा। पिता विश्वनाथ विश्वकर्मा के पास आयुष्मान कार्ड है। आधार कार्ड बनवाने का सुझाव दिया गया है। आधार कार्ड बनने के बाद आयुष्मान कार्ड से गोरखपुर के किसी बेहतर अस्पताल में उसके पैर का ऑपरेशन करा दिया जाएगा।
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- डॉक्टर मोहन झा, अपर सीएमओ
कोट
दिव्यांग कुसमावती की मदद कराने की पहल शुरू कर दी गई है। अपर सीएमओ डॉक्टर मोहन झा के पास प्रार्थनापत्र को भेज दिया गया। उन्हें निर्देश दिए हैं कि आयुष्मान कार्ड बनवाएं और फिर डॉक्टरों से परामर्श करके कुसमावती के पैर का ऑपरेशन जहां संभव हो अवश्य कराएं। पूरी कोशिश होगी कि कुसमावती अपने पैर पर खड़ी हो सके।
-दिव्या मित्तल,डीएम
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