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Sant Kabir Nagar News: प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण देंगी कृषि सखियां
Tue, 29 Apr 2025 10:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 29 Apr 2025 10:52 PM IST
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संतकबीरनगर। कृषि विज्ञान केंद्र बगही के वैज्ञानिकों की ओर से केंद्र पर पांच दिवसीय कृषि सखियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. राजेश चंद्र वर्मा के नेतृत्व में हुआ।
केंद्र पर नेचुरल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजनांतर्गत प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कृषि सखियां नेचुरल फार्मिंग की विद्या को क्षेत्र में चयनित किसानों को जागरूक कर इसका प्रशिक्षण देंगी। प्राकृतिक खेती पूरी तरह से रसायन मुक्त होती है। इसमें रासायनिक खाद, कीटनाशक, खरपतवार नाशक का प्रयोग नहीं किया जाता है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. देवेश कुमार ने कहा कि सबसे पहले मिट्टी की जांच जरूरी है। उसके बाद फसल चक्र अपनाना है। कृषि सखियों को विस्तार से प्राकृतिक खेती विषय पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से चर्चा की गई। कृषि वैज्ञानिक डॉ. तरुन कुमार ने (एक एकड़ भूमि के लिए) घटक पानी 200 लीटर, देसी गाय का गोबर 10 किलोग्राम, देसी गाय का मूत्र 5-10 लीटर, गुड़ 1.5 किलोग्राम, बेसन एक से 1.5 किलोग्राम, खेत की मिट्टी लेकर टंकी में घोलकर का उपयोग सात दिन के अंदर करें।
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केंद्र पर नेचुरल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजनांतर्गत प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कृषि सखियां नेचुरल फार्मिंग की विद्या को क्षेत्र में चयनित किसानों को जागरूक कर इसका प्रशिक्षण देंगी। प्राकृतिक खेती पूरी तरह से रसायन मुक्त होती है। इसमें रासायनिक खाद, कीटनाशक, खरपतवार नाशक का प्रयोग नहीं किया जाता है।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. देवेश कुमार ने कहा कि सबसे पहले मिट्टी की जांच जरूरी है। उसके बाद फसल चक्र अपनाना है। कृषि सखियों को विस्तार से प्राकृतिक खेती विषय पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से चर्चा की गई। कृषि वैज्ञानिक डॉ. तरुन कुमार ने (एक एकड़ भूमि के लिए) घटक पानी 200 लीटर, देसी गाय का गोबर 10 किलोग्राम, देसी गाय का मूत्र 5-10 लीटर, गुड़ 1.5 किलोग्राम, बेसन एक से 1.5 किलोग्राम, खेत की मिट्टी लेकर टंकी में घोलकर का उपयोग सात दिन के अंदर करें।
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