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खरमास : बाजार सुस्त, अब नए साल में दुकान सजाने की तैयारी
Tue, 17 Dec 2024 11:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 17 Dec 2024 11:26 PM IST
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गोलाबाजार में आभूषण की दुकान पर ग्राहक कम रही है।
संतकबीरनगर। खरमास लगते ही बाजारों से रौनक गायब हो गई है। इससे पहले नवंबर और दिसंबर में सहालग के चलते बाजारों में रौनक रही है। दुकानदार भी अब नए साल का इंतजार कर रहे हैं। नए साल में बाजार को नए वेरायटी के कपड़ों और डिजाइनदार गहनों से सजाने की तैयारी है। इसके साथ ही खिचड़ी मेले के बाद व्यापार में रौनक आएगी। दुकानदार खरमास में पुराना स्टाॅक खपाने में जुटे हैं।
सहालग नवंबर में शुरू हुआ था। जिसमे ज्वेलरी, कपड़ा समेत अन्य दुकानदारों ने सामान .का स्टाॅक मंगाया था। सहालग में खूब बिक्री हुई। इसमें फल-फूल, सजावट, गिफ्ट आइटम समेत अन्य सामान भी शामिल थे। दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ होने से बाजारों में रौनक थी। 15 दिसंबर के बाद खरमास लगा गया, जिससे सभी मांगलिक कार्य रुक गए हैं।
अब खिचड़ी मेले के बाद ही मांगलिक कार्य शुरू हो सकेंगे। ऐसे में दुकानदार अभी नए साल का इंतजार कर रहे हैं ताकि जो सामान बचा हुआ है वह भी बिक जाए।
दुकानदार पूरे खरमास में बचे हुए स्टाॅक से ही काम चलाने की बात कह रहे हैं। वहीं कपड़े के व्यापारी ठंड को देखते हुए ऊनी कपड़े मंगा रहें हैं। कपड़ा व्यापारी उमेश कुमार ने बताया कि लगन समाप्त हो गया है। ठंड में ऊनी कपड़ों की बिक्री ज्यादा है। अन्य कपड़े अब खरमास के बाद ही बिकेंगे।े
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सहालग नवंबर में शुरू हुआ था। जिसमे ज्वेलरी, कपड़ा समेत अन्य दुकानदारों ने सामान .का स्टाॅक मंगाया था। सहालग में खूब बिक्री हुई। इसमें फल-फूल, सजावट, गिफ्ट आइटम समेत अन्य सामान भी शामिल थे। दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ होने से बाजारों में रौनक थी। 15 दिसंबर के बाद खरमास लगा गया, जिससे सभी मांगलिक कार्य रुक गए हैं।
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अब खिचड़ी मेले के बाद ही मांगलिक कार्य शुरू हो सकेंगे। ऐसे में दुकानदार अभी नए साल का इंतजार कर रहे हैं ताकि जो सामान बचा हुआ है वह भी बिक जाए।
दुकानदार पूरे खरमास में बचे हुए स्टाॅक से ही काम चलाने की बात कह रहे हैं। वहीं कपड़े के व्यापारी ठंड को देखते हुए ऊनी कपड़े मंगा रहें हैं। कपड़ा व्यापारी उमेश कुमार ने बताया कि लगन समाप्त हो गया है। ठंड में ऊनी कपड़ों की बिक्री ज्यादा है। अन्य कपड़े अब खरमास के बाद ही बिकेंगे।े
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