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Sant Kabir Nagar News: मनरेगा में कदम -कदम पर अनियमितता और कमीशन का खेल

Sun, 23 Jul 2023 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sun, 23 Jul 2023 12:44 AM IST
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Irregularity and commission game at every step in MNREGA
- सामग्री मद के भुगतान को लेकर हुआ था बखेड़ा
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शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। मनरेगा में कदम-कदम पर अनियमितता और कमीशन का खेल हावी हो गया है। जेसीबी से काम कराने, अधिक श्रमिक दिखाकर कम श्रमिक काम पर लगाने से लगायत भुगतान में भी तगड़ा खेल चल रहा है। एक ही दिन में जिले में जहां करीब 79 करोड़ मजदूरी मद में भुगतान हुआ,वहीं सामग्री मद में 40 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया। इसमें भी अनियमितता बरती गई। चहेते प्रधानों का एफटीओ पहले किया गया था और उन्हीं को भुगतान में वरीयता दी गई। इसको लेकर काफी हो- हल्ला भी मचा और तमाम तरह के आरोप ब्लॉक कर्मियों पर लगाए गए।
मनरेगा की गाइड लाइन में मजदूरों से ही काम कराए जाने का नियम है। इसमें जेसीबी का प्रयोग वर्जित है। लेकिन जिले के अलग-अलग ब्लॉकों में 11 ग्राम पंचायतों में जेसीबी से काम कराए जाने की शिकायतें मिली। अधिकारियों ने संज्ञान लिया और जांच हुई तो मामला पकड़ा भी गया। यहां तक सीडीओ ने जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम से जांच कराया तो सर्वाधिक गड़बडी नाथनगर ब्लॉक में सामने आई। जेसीबी का प्रयोग होना और अधिक मजदूर काम पर लगाना दिखाकर कम मजदूरों का मौके पर मिलना जांच में पाया भी गया। गठजोड़ करके पहले जेसीबी से काम कराते है,यदि मामला पकड़ में नहीं आया तो मस्टर रोल जारी करा कर भुगतान कराते है। डीएम ने तो दो ग्राम पंचायतों के प्रधानों को नोटिस जारी करके जवाब भी मांगा है। जबकि पांच ग्राम पंचायताें के प्रधानों को नोटिस दिए जाने की तैयारी भी चल रही है। विभागीय सूत्र बताते है कि मनरेगा में कदम- कदम पर कमीशन का खेल चल रहा है। इसमें ब्लॉक स्तर से चहेतों का फंड ट्रांफसर आर्डर पहले किया जाता है, और उन्हीं का भुगतान भी पहले होता है। यहीं खेल 18 जुलाई को हुआ। ब्लाॅक के कर्मियों ने चहेतो का भुगतान कर दिया। नाथनगर ब्लॉक में सबसे अधिक गड़बडी उजागर हुई थी। वहीं ब्लॉक भुगतान में भी अव्वल रहा है।
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ब्लॉक- मजदूरी मद में भुगतान- सामग्री मद में भुगतान
बघौली 868. 63 लाख - 21. 52 लाख
बेलहर कला- 668. 02 लाख - 393 लाख
हैंसर बाजार- 830 .18 लाख- 742 .49 लाख
खलीलाबाद- 842 .75 लाख- 217 85 लाख
मेंहदावल- 689 21 लाख- 334 .53 लाख
नाथनगर- 1338 .66 लाख- 804 लाख
पौली- 661 .45 लाख- 415. 54 लाख
सांथा- 850. 25 लाख- 393 . 8 लाख
सेमरियावां- 1160. 42 लाख- 744. 5 लाख
कुल- 7909 .61 लाख- 4067. 24 लाख


साइबर कैफे से हुआ भुगतान
नियम की धज्जियां उड़ाई गई, ब्लॉक मुख्यालय के कार्यालय से भुगतान करने की बजाय प्राइवेट साइबर कैफे से भुगतान किया गया। इसमें काफी बवाल हुआ। शहर के एक कैफे पर भुगतान में गड़बडी पर पूर्व विधायक जय चौबे भी पहुंच गए थे और ब्लॉक के कर्मचारियों को हिदायत तक दे डाली थी। उसके बाद कुछ हद तक भुगतान प्रक्रिय में सुधार हुआ। विवाद की सूचना पर सीओ और शहर के कोतवाल भी पहुंच गए थे। पूर्व विधायक ने कहा कि मनरेगा में कदम -कदम पर कमीशन का खेल चल रहा है। यदि आगे ऐसी स्थिति भुगतान में आई तो इसको लेकर बड़ा आंदोलन प्रधान छेड़ सकते है। इसमें सुधार की जरूरत है।
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भुगतान में आगे रहा नाथनगर ब्लॉक
नाथनगर ब्लॉक में सामग्री मद में सर्वाधिक आठ करोड से अधिक का भुगतान हुआ है। इसमें जमकर खेल हुआ। शासनादेश की धज्जियां उडाते हुए चहेती ग्राम पंचायतों का पूरा भुगतान कर दिया गया। वहीं पंचायत भवन और अमृत सरोवर क पुराना एफटीओ नहीं लगाया गया। पुराने एफटीओ नया बना दिया गया और चहेते फर्मों का फिर भुगतान किया गया। महाराजा अमृत सरोवर,डहरौली और भैंसही उर्फ भैसवरिया के पंचायत भवन का एफटीओ नहीं लगाया गया। इससे भुगतान नहीं हो पाया। चर्चा है कि चुनिंदा फर्म पर अधिक भुगतान किया गया है।


एपीओ नहीं हटे तो सोमवार से होगी ब्लॉक में तालाबंदी
प्रधानसंघ के जिलाध्यक्ष जगदीश चौधरी ने कहा कि मनरेगा के भुगतान की प्रक्रिया ठीक नहीं है। 18 जुलाई के पहले भी दो बार सामग्री मद का भुगतान हुआ था। 18 जुलाई को तो 97 में से सिर्फ 29 ग्राम पंचायतों में भुगतान हुआ है। इसमें कदम-कदम पर कमीशन का खेल है। चर्चा में आया था कि जिन प्रधानों को पक्का कार्य का भुगतान लेना है वे पहले चार प्रतिशत कमीशन ब्लॉक पर जमा करें। भुगतान आन लाइन होता है। नेट की समस्या आदि बनी रहती है। प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष ने कहा कि खलीलाबाद ब्लॉक के एपीओ को यदि नहीं हटाया गया तो सोमवार से ब्लॉक पर तालाबंदी कर दी जाएगी।




नियमत: क्षेत्र पंचायत कार्यालय से भुगतान होना चाहिए। प्रदेश स्तर पर समस्त ग्राम पंचायतों के लिए 1100 करोड़ आया था जो देय धनराशि से कम थी। इसमें पहले आओ और पहले पाओ का सिस्टम था। जिसमें बीडीओ स्तर से डोंगल लगता है। प्रदेश के सभी बीडीओ एक साथ भुगतान करते है। इस लिए नेट की समस्या की वजह से बीडीओ जहां सुविधा पाते है,वहीं से भुगतान कराते है। जहां कहीं गड़बडी की शिकायत होगी,वहां जांच कराई जाएगी। जिले में 11 ग्राम पंचायतों में मनरेगा में गडबड़ी पकड़ी गई है। जिसमे कार्रवाई की प्रक्रिया प्रचलित है।
-संत कुमार,सीडीओ
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