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Sant Kabir Nagar News: अनियमित दिनचर्या व तनाव बढ़ा रहा माइग्रेन
Wed, 22 May 2024 11:11 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 22 May 2024 11:11 PM IST
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संतकबीरनगर। अनियमित दिनचर्या और तनाव से माइग्रेन के रोगियों की संख्या बढ़ रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों के पास सिरदर्द, उल्टी, बुखार की समस्या को लेकर 30 फीसदी रोगी पहुंच रहे हैं। लगभग एक दर्जन से अधिक मरीज रोग माइग्रेन, नींद न आने, चिड़चिड़ापन और अवसाद से पीड़ित आ रहे हैं। चिकित्सक प्राथमिक परामर्श देकर इन मरीजों को अस्पताल के सामाजिक मनोचिकित्सक के पास भेजते हैं। अस्पताल में मानसिक रोग विशेषज्ञ न होने के कारण मानसिक रोग के गंभीर मरीजों को बीआरडी मेडिकल काॅलेज भेज दिया जाता है।
भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित दिनचर्या, तनाव और मौसम में उतार चढ़ाव से रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इन दिनों जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग में पेटदर्द, सिरदर्द, उल्टी और बुखार के अलावा माइग्रेन, चिड़चिड़ापन और अवसाद आदि मानसिक रोग के मरीज भी पहुंच रहे हैं। मेडिसिन वार्ड में 40 फीसदी रोगी मौसमी बीमारियों के पहुंच रहे हैं। इसके अलावा माइग्रन, चिड़चिड़पन, नींद न आने आदि मानसिक रोग की समस्या को लेकर लोग पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में मानसिक रोग विशेषज्ञ न होने के कारण गंभीर मानसिक रोगियों को बीआरडी मेडिकल कालेज भेज दिया जा रहा है। सामाजिक मनोचिकित्सक डॉ त्वांगिमणि के अनुसार जीवन में भागदाैड़ भरी जिंदगी में तनाव, गर्मी और बिजली कट जाने के कारण लोगों का नींद पूरा नहीं होता, जिससे सिरदर्द, चिड़चिड़पन, अवसाद और माइग्रेन की समस्या भी बढ़ रही है। माइग्रेन को सामान्य भाषा में अधकपारी भी कहा जाता है। इसमें सिर के आधे हिस्से में दर्द होता है। माइग्रेन से पीड़ित अधिकतर महिलाएं आती हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों का इलाज किया जाता है। जो गंभीर मरीज होते हैं, उन्हें इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल काॅलेज भेज दिया जाता है।
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बचाव के लिए तनाव करें कम
बासी और तलाभुना खाना खाने से बचें।
तनाव कम लें, नियमित व्यायाम करें।
स्वास्थ्य के लिए जरूरी है पर्याप्त नींद।
लोगों के बीच में रहे, मिलते-जुलते रहे।
नियमित करें योग प्राणायाम।
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माइग्रेन को सामान्य भाषा में अधकपारी भी कहते हैं। सिरदर्द, उल्टी और बुखार की समस्या को लेकर अधिक मरीज आ रहे हैं। नींद कम आने, चिड़चिड़ापन और माइग्रेन आदि के मरीज मरीज आ रहे हैं। मानसिक रोग के मरीजों को मनोचिकित्सक के पास भेजा जाता है।
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- डॉ रमा शंकर सिंह
वरिष्ठ परामर्श चिकित्सक
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भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित दिनचर्या, तनाव और मौसम में उतार चढ़ाव से रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इन दिनों जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग में पेटदर्द, सिरदर्द, उल्टी और बुखार के अलावा माइग्रेन, चिड़चिड़ापन और अवसाद आदि मानसिक रोग के मरीज भी पहुंच रहे हैं। मेडिसिन वार्ड में 40 फीसदी रोगी मौसमी बीमारियों के पहुंच रहे हैं। इसके अलावा माइग्रन, चिड़चिड़पन, नींद न आने आदि मानसिक रोग की समस्या को लेकर लोग पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में मानसिक रोग विशेषज्ञ न होने के कारण गंभीर मानसिक रोगियों को बीआरडी मेडिकल कालेज भेज दिया जा रहा है। सामाजिक मनोचिकित्सक डॉ त्वांगिमणि के अनुसार जीवन में भागदाैड़ भरी जिंदगी में तनाव, गर्मी और बिजली कट जाने के कारण लोगों का नींद पूरा नहीं होता, जिससे सिरदर्द, चिड़चिड़पन, अवसाद और माइग्रेन की समस्या भी बढ़ रही है। माइग्रेन को सामान्य भाषा में अधकपारी भी कहा जाता है। इसमें सिर के आधे हिस्से में दर्द होता है। माइग्रेन से पीड़ित अधिकतर महिलाएं आती हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों का इलाज किया जाता है। जो गंभीर मरीज होते हैं, उन्हें इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल काॅलेज भेज दिया जाता है।
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बचाव के लिए तनाव करें कम
बासी और तलाभुना खाना खाने से बचें।
तनाव कम लें, नियमित व्यायाम करें।
स्वास्थ्य के लिए जरूरी है पर्याप्त नींद।
लोगों के बीच में रहे, मिलते-जुलते रहे।
नियमित करें योग प्राणायाम।
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माइग्रेन को सामान्य भाषा में अधकपारी भी कहते हैं। सिरदर्द, उल्टी और बुखार की समस्या को लेकर अधिक मरीज आ रहे हैं। नींद कम आने, चिड़चिड़ापन और माइग्रेन आदि के मरीज मरीज आ रहे हैं। मानसिक रोग के मरीजों को मनोचिकित्सक के पास भेजा जाता है।
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- डॉ रमा शंकर सिंह
वरिष्ठ परामर्श चिकित्सक