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Sant Kabir Nagar News: गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जांच में खुली पोल
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धनघटा। माध्यमिक शिक्षा सचिव भगवती सिंह के निर्देश पर जिले के सभी विद्यालयों की मान्यता और संचालित कक्षाओं की जांच तेज हो गई है। 19 मई तक सभी विद्यालयों की रिपोर्ट डीआईओएस कार्यालय को भेजी जानी है।
इसी क्रम में डीआईओएस हरिश्चंद्र नाथ द्वारा गठित जांच टीम ने शुक्रवार को कई निजी विद्यालयों का निरीक्षण किया, जिसमें अनियमितताएं सामने आई हैं। टीम ने जांच रिपोर्ट डीआईओएस को सौंप दी है।
जांच टीम शुक्रवार को आर्य गौरव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हैंसर पहुंची तो पता चला कि विद्यालय को केवल हाईस्कूल तक की मान्यता प्राप्त है। जबकि संचालन इंटरमीडिएट तक किया जा रहा है। यहां 12 वीं के विद्यार्थियों का पंजीकरण और बोर्ड फाॅर्म बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर इंटर कॉलेज ठठरा से भरवाया जाता है।
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इसके बाद जांच टीम गुरुकुल शिक्षण संस्थान तकिया पहुंची। यहां की स्थिति देखकर जांच अधिकारी भी स्तब्ध रह गए। विद्यालय को केवल पांचवीं तक की मान्यता प्राप्त है, लेकिन संचालन 12 वीं तक किया जा रहा था। विद्यार्थियों को डॉ. राम मनोहर लोहिया किसान इंटर कॉलेज हकीमपुर तथा बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर इंटर कॉलेज से संबद्ध कर परीक्षा दिलाई जाती है। जांच टीम ने बभनौली स्थित मां सरस्वती पब्लिक स्कूल और शास्त्री जी इंटर कॉलेज का भी निरीक्षण किया। यहां विद्यालय संचालक ने आठवीं तक मान्यता होने की बात स्वीकार की, जबकि कक्षाएं दसवीं तक संचालित पाई गईं। विद्यार्थियों को बाबा हनुमान दास सुखना देवी इंटर कॉलेज कुरी बाजार गोरखपुर से संबद्ध कराया गया था। वहीं एक्सपर्ट गुरुकुल एकेडमी डिहवा बाजार में बिना किसी मान्यता के आठवीं तक की कक्षाएं संचालित होती मिलीं। इसी प्रकार आरडी सेंट्रल एकेडमी में पांचवीं तक की मान्यता के बावजूद आठवीं तक संचालन किया जा रहा था। जांच के दौरान धनघटा स्थित अचीवर्स क्लासेस भी टीम के निशाने पर आया। यहां कोचिंग संस्थान का पंजीकरण एसपीटी ग्रुप ऑफ प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कराया गया है, लेकिन विद्यालय समय में नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई संचालित होती मिली।
संस्थान संचालकों ने कहा कि बच्चे अन्य विद्यालयों में नामांकन कराकर यहां केवल फाउंडेशन कोर्स करते हैं।
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इसी क्रम में डीआईओएस हरिश्चंद्र नाथ द्वारा गठित जांच टीम ने शुक्रवार को कई निजी विद्यालयों का निरीक्षण किया, जिसमें अनियमितताएं सामने आई हैं। टीम ने जांच रिपोर्ट डीआईओएस को सौंप दी है।
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जांच टीम शुक्रवार को आर्य गौरव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हैंसर पहुंची तो पता चला कि विद्यालय को केवल हाईस्कूल तक की मान्यता प्राप्त है। जबकि संचालन इंटरमीडिएट तक किया जा रहा है। यहां 12 वीं के विद्यार्थियों का पंजीकरण और बोर्ड फाॅर्म बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर इंटर कॉलेज ठठरा से भरवाया जाता है।
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इसके बाद जांच टीम गुरुकुल शिक्षण संस्थान तकिया पहुंची। यहां की स्थिति देखकर जांच अधिकारी भी स्तब्ध रह गए। विद्यालय को केवल पांचवीं तक की मान्यता प्राप्त है, लेकिन संचालन 12 वीं तक किया जा रहा था। विद्यार्थियों को डॉ. राम मनोहर लोहिया किसान इंटर कॉलेज हकीमपुर तथा बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर इंटर कॉलेज से संबद्ध कर परीक्षा दिलाई जाती है। जांच टीम ने बभनौली स्थित मां सरस्वती पब्लिक स्कूल और शास्त्री जी इंटर कॉलेज का भी निरीक्षण किया। यहां विद्यालय संचालक ने आठवीं तक मान्यता होने की बात स्वीकार की, जबकि कक्षाएं दसवीं तक संचालित पाई गईं। विद्यार्थियों को बाबा हनुमान दास सुखना देवी इंटर कॉलेज कुरी बाजार गोरखपुर से संबद्ध कराया गया था। वहीं एक्सपर्ट गुरुकुल एकेडमी डिहवा बाजार में बिना किसी मान्यता के आठवीं तक की कक्षाएं संचालित होती मिलीं। इसी प्रकार आरडी सेंट्रल एकेडमी में पांचवीं तक की मान्यता के बावजूद आठवीं तक संचालन किया जा रहा था। जांच के दौरान धनघटा स्थित अचीवर्स क्लासेस भी टीम के निशाने पर आया। यहां कोचिंग संस्थान का पंजीकरण एसपीटी ग्रुप ऑफ प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कराया गया है, लेकिन विद्यालय समय में नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई संचालित होती मिली।
संस्थान संचालकों ने कहा कि बच्चे अन्य विद्यालयों में नामांकन कराकर यहां केवल फाउंडेशन कोर्स करते हैं।