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Sant Kabir Nagar News: गुणवत्ता को दरकिनार कर कराए जा रहे इंटरलॉकिंग कार्य
Sat, 29 Jun 2024 11:15 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 29 Jun 2024 11:15 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। विकास खंड हैंसर बाजार और पौली में गुणवत्ता को दरकिनार कर इंटरलॉकिंग सड़क बनाई जा रही है। जिसका नतीजा है कि एक वर्ष के भीतर ही सड़के टूटने लगी है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मानक पर ध्यान देने को तैयार नहीं है।
विकास खंड हैंसर बाजार के समय माता मंदिर से भैंसाखुट गांव तक बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़क एक वर्ष के भीतर ही टूट कर राहगीरों की राह चलना मुश्किल कर दी है। इसी तरह ग्राम प्रजापतिपुर में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण के बाद ही ध्वस्त होना शुरू कर दी है। यही हाल ग्राम पंचायत ददरवार, डेबरी, डुहिया, कठहा, शनिचरा बाजार, बसवारी गांव, बभनौली, गायघाट पूर्वी आदि गांव में बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़कों की है।
ग्रामीण राम उजागिर, दीनदयाल, राधेश्याम, गोपाल तिवारी, गिरजेश, गिरजा शंकर, रामप्रसाद आदि का कहना है कि गांव के लोगों को आने जाने में कोई परेशानी न हो इसके लिए सरकार ग्राम पंचायत में इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण करा रही है। लेकिन सड़क बनाते समय मानक को दर किनार कर दिया जा रहा है। सही से गिट्टी आदि सामग्री न डालने से सड़क एक वर्ष के भीतर ही टूट जा रही है। गांव के लोगों का कहना है कि जिस समय सड़क बनाई जाती है और मानक का पालन नहीं किया जाता है।
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इस संबंध में बीडीओ विनोद मणि त्रिपाठी का कहना है कि हर हाल में इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण मानक के तहत होना चाहिए। गुणवत्ता के साथ बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़क इतना जल्दी टूटना नहीं चाहिए। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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धनघटा। विकास खंड हैंसर बाजार और पौली में गुणवत्ता को दरकिनार कर इंटरलॉकिंग सड़क बनाई जा रही है। जिसका नतीजा है कि एक वर्ष के भीतर ही सड़के टूटने लगी है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मानक पर ध्यान देने को तैयार नहीं है।
विकास खंड हैंसर बाजार के समय माता मंदिर से भैंसाखुट गांव तक बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़क एक वर्ष के भीतर ही टूट कर राहगीरों की राह चलना मुश्किल कर दी है। इसी तरह ग्राम प्रजापतिपुर में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण के बाद ही ध्वस्त होना शुरू कर दी है। यही हाल ग्राम पंचायत ददरवार, डेबरी, डुहिया, कठहा, शनिचरा बाजार, बसवारी गांव, बभनौली, गायघाट पूर्वी आदि गांव में बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़कों की है।
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ग्रामीण राम उजागिर, दीनदयाल, राधेश्याम, गोपाल तिवारी, गिरजेश, गिरजा शंकर, रामप्रसाद आदि का कहना है कि गांव के लोगों को आने जाने में कोई परेशानी न हो इसके लिए सरकार ग्राम पंचायत में इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण करा रही है। लेकिन सड़क बनाते समय मानक को दर किनार कर दिया जा रहा है। सही से गिट्टी आदि सामग्री न डालने से सड़क एक वर्ष के भीतर ही टूट जा रही है। गांव के लोगों का कहना है कि जिस समय सड़क बनाई जाती है और मानक का पालन नहीं किया जाता है।
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इस संबंध में बीडीओ विनोद मणि त्रिपाठी का कहना है कि हर हाल में इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण मानक के तहत होना चाहिए। गुणवत्ता के साथ बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़क इतना जल्दी टूटना नहीं चाहिए। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।