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दहेज हत्या के दोषी पति को 12 साल की सजा, 11 हजार रुपये अर्थदंड
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दहेज हत्या के दोषी पति को 12 साल की सजा, 11 हजार रुपये अर्थदंड
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एवं अपर सत्र न्यायाधीश राकेश पांडेय ने दहेज हत्या के मामले में दोषी पति को 12 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 11 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड की अदायगी न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
बखिरा क्षेत्र के भैंसठ निवासी देवता ने बखिरा थाने में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसकी बेटी सुलोचना की शादी क्षेत्र के डुहवा निवासी गिरजेश के साथ हुई थी। उसकी बेटी का मायके में आना-जाना लगा हुआ था। दहेज कम पाने के कारण उसके दामाद गिरजेश और प्रभावती, रूमाली व आरती बेटी को प्रताड़ित करती थीं। 11 जुलाई 2009 को रात में उसकी बेटी सुलोचना को मिट्टी का तेल छिड़ककर ससुुुरालियों ने जला दिया। बेटी की जब मृत्यु हो गई तो आरोपी उसी रात में लाश को भी जला दिए। घटना की जानकारी 12 जुलाई 2009 की शाम को दूसरे शख्स के जरिए उन्हें हुई। मामले में बखिरा थाना में मुकदमा पंजीकृत हुआ तथा विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हेमंत कुमार मिश्र ने बताया कि अभियोजन की तरफ से कुल 9 गवाहों की गवाही कराई गई। बाद में दो अभियुक्त रामजियावन व अवधेश को कोर्ट ने तलब किया था। इस मामले में रामजियावन ,अवधेश, प्रभावती ,आरती ,रुमाली को न्यायालय ने दोषमुक्त करार दिया। जबकि आरोपी पति गिरजेश को 12 वर्ष के सश्रम कारावास और 11000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की अदायगी न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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संतकबीरनगर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एवं अपर सत्र न्यायाधीश राकेश पांडेय ने दहेज हत्या के मामले में दोषी पति को 12 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 11 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड की अदायगी न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
बखिरा क्षेत्र के भैंसठ निवासी देवता ने बखिरा थाने में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसकी बेटी सुलोचना की शादी क्षेत्र के डुहवा निवासी गिरजेश के साथ हुई थी। उसकी बेटी का मायके में आना-जाना लगा हुआ था। दहेज कम पाने के कारण उसके दामाद गिरजेश और प्रभावती, रूमाली व आरती बेटी को प्रताड़ित करती थीं। 11 जुलाई 2009 को रात में उसकी बेटी सुलोचना को मिट्टी का तेल छिड़ककर ससुुुरालियों ने जला दिया। बेटी की जब मृत्यु हो गई तो आरोपी उसी रात में लाश को भी जला दिए। घटना की जानकारी 12 जुलाई 2009 की शाम को दूसरे शख्स के जरिए उन्हें हुई। मामले में बखिरा थाना में मुकदमा पंजीकृत हुआ तथा विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हेमंत कुमार मिश्र ने बताया कि अभियोजन की तरफ से कुल 9 गवाहों की गवाही कराई गई। बाद में दो अभियुक्त रामजियावन व अवधेश को कोर्ट ने तलब किया था। इस मामले में रामजियावन ,अवधेश, प्रभावती ,आरती ,रुमाली को न्यायालय ने दोषमुक्त करार दिया। जबकि आरोपी पति गिरजेश को 12 वर्ष के सश्रम कारावास और 11000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की अदायगी न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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