फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   Indiscriminate exploitation of underground water, problems may increase in summer

Sant Kabir Nagar News: भूमिगत जल का अंधाधुंध दोहन, गर्मी में बढ़ सकती है मुसीबत

Sun, 03 Mar 2024 11:03 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sun, 03 Mar 2024 11:03 PM IST
विज्ञापन
Indiscriminate exploitation of underground water, problems may increase in summer
-भूजल का हो रहा व्यावसायिक इस्तेमाल, पंजीकरण नहीं
विज्ञापन

- प्रतिवर्ष 15 सेंटीमीटर यानि आधा फीट घट रहा जलस्तर
- 2023 में 7.15 एमबीजीएल तो वर्ष 2024 में 7.34 एमबीजीएल है जल स्तर
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। भूमिगत जल के अंधाधुंध व अनियंत्रित दोहन के चलते जिले में भूजल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। सतही जल की कमी के कारण भूमिगत जल पर निर्भरता बढ़ रही है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जल का अंधाधुंध दोहन हो रहा है। जिले में गाड़ी धुलाई के करीब 90 सर्विस सेंटर हैं। साथ ही लोग जहां चाह रहे हैं वहां सबमर्सिबल लगा ले रहे हैं। आरो प्लांट भी लग रहा हैं, लेकिन लोग इसका पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। व्यावसायिक और औद्योगिक इकाईयां भी नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं, जबकि नियमानुसार इसका पंजीकरण लघु सिंचाई विभाग में होना चाहिए। अगर यही स्थिति रही तो गर्मी में जब पानी का लेवल नीचे जाएगा तो लोगों को पीने के पानी का संकट खड़ा हो सकता है।
जिले में लगातार भूजल स्तर गिर रहा है। वर्ष 2022 में जिले का भूजल स्तर 7.04 एमबीजीएल (मीटर बिलो ग्राउंड वाटर लेवल) था। यह घटकर और कम हो गया है। वर्ष 2023 में 7.15 एमबीजीएल और वर्ष 2024 में 7.34 एमबीजीएल पहुंच गया। यानि प्रतिवर्ष आधा फीट जलस्तर घट रहा है, जो चिंता का विषय है। जल दोहन के प्रति जागरूता बढ़ाने के लिए भूजल सेना का गठन है लेकिन वह केवल फाइलों में हैं। डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला टास्क फोर्स नियमों के पालन की जानकारी करती है। जिले में करीब 90 से अधिक वाहन धुलाई केंद्र, कई आरओ प्लांट के अलावा कई व्यवसायिक और औद्योगिक इकाईयां हैं, लेकिन ज्यादातर ने पंजीकरण नहीं कराया है। साथ ही एनओसी भी नहीं ली है।
विज्ञापन


भूजल सेना में 51 सदस्य नामित
उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल प्रबंधन और विनियमन अधिनियम 2019 के तहत ऐेसे गठित व्यक्तियों का समूह है जिसमें विविध क्षेत्रों के कम से कम 51 सदस्य शामिल हैं। जिनका दायित्व होता है कि अतिशय भूगर्भ जल निष्कर्ष और जल प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से लोगों को जागरूक करें। जिले में 12 एनजीओ, 10 मेडिकल व अन्य, पांच व्यावसायिक, 10 प्रगतिशील लोग और 16 विद्यार्थी भूजल सेना में नामित सदस्य हैं। इन लोगों को प्रचार-प्रसार व अन्य व्यवस्था खंडीय अधिकारी से आवंटित बजट के माध्यम से की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बेरोकटोक लग रहा सबमर्सिबल

नई कालोनियों और नए आबादी वाले क्षेत्र में तेजी के साथ सबमर्सिबल लगवाए जा रहे हैं। ढाई सौ से तीन फीट गहराई तक चार इंच परिधि की बोरिंग करके बड़े पैमाने पर जल निकाले जा रहे हैं। विभाग इस पर रोकथाम के लिए कोई पहल नहीं कर रहा है। बेरोकटोक नई कालोनियों में सबमर्सिबल कराया जा रहा है। जिससे जलदोहन का ग्राफ बढ़ता जा रहा है।

भूजल दोहन के ये हैं नियम

उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन और विनियमन) अधिनियम, 2019 के अधीन यदि कोई वाणिज्यिक, औद्योगिक या सामूहिक भूगर्भ जल उपभोक्ता बगैर रजिस्ट्रीकरण के भूगर्भ जल निकालते पाया जाता है तो उसे दंडित किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति नियत सीमा का उल्लंघन करके भूगर्भ जल नहीं निकाल सकता है। धारा 17 (1) के अनुसार कोई व्यक्ति बगैर भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद के रजिस्ट्रीकरण और आदेश के बिना भूगर्भ जल निकालने हेतु भूमि का न भेदन करेगा ना ही जल निष्क्रमण करेगा। इस पर दंड का भी प्रावधान है।

भूगर्भ जल विभाग के दायित्व

भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद के माध्यम से समुचित निकाय नगरीय क्षेत्रों और ग्रामीण क्षेत्र हेतु भूगर्भ जल प्रबंधन समिति के साथ समन्वय स्थापित करके क्रियाविधि विकसित करेगा। पिछले पांच वर्षों में जिस भी एरिया में प्रतिवर्ष 20 सेंटीमीटर भूजल ह्रास हुआ है वहां भूगर्भ जल के समग्र प्रबंधन का कार्य निर्धारित करेगा। भूगर्भ जल सूचना आंकड़ों को संग्रह करेगा। भूजल सेना और जलदूतों के साथ समन्वय स्थापित करके अतिशय भूगर्भ जल निष्कर्षण और भूगर्भ जल दोहन को कम करने में सहयोग प्रदान करेगा।



जिले में 14 औद्योगिक इकाईयों ने पंजीकरण कराया है। इन्हें अनापत्ति प्रमाणपत्र दिया गया है। अन्य का पंजीकरण नहीं हुआ है। डीएम की अध्यक्षता में भूगर्भ जल को लेकर समिति बनी है। जो निर्देश मिलेगा उनके अनुसार कदम उठाए जाएंगे।
- राजेश कुमार, एई, लघु सिंचाई विभाग

भूगर्भ जल समिति बनी हुई है। एक सीमा तक ही जल निकालने की अनुमति है। संबंधित को निर्देश दिया जाएगा कि नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराएं।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed