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बढ़ रहा कुपोषित बच्चों का प्रतिशत
Sant Kabir Nagar
Updated Sun, 18 Dec 2016 11:32 PM IST
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कुपोषण भागने की शासन- प्रशासन की तमाम कवायदें परवान चढ़ती नजर नहीं आ रहीं हैं। वजन दिवस के आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं।
नवंबर 2016 में शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन कराया गया था। इसमें 7158 बच्चे अतिकुपोषित और 27007 कुपोषित बच्चे पाए गए थे। वहीं जिले के दस बाल विकास परियोजना कार्यालयों में दस और 12 दिसंबर को वजन दिवस का कार्यक्रम हुआ था। जिले में पैदा होने से लेकर पांच वर्ष आयु तक के 180778 बच्चे चिह्नित किए गए थे।
जिसमें से 172864 बच्चों का वजन हुआ था। आंकड़े बताते हैं कि 127754 बच्चे सामान्य श्रेणी के पाए गए। जबकि 27997 बच्चे कुपोषित और 17113 बच्चे अतिकुपोषित पाए गए। ऐसे में साफ है कि नवंबर में हुए जब वजन कराया गया था तो कुपोषित बच्चे 15. 45 प्रतिशत थे जो दिसंबर में बढ़ कर 16.2 प्रतिशत हो गए। इसी तरह अतिकुपोषित बच्चों का प्रतिशत पहले 4.15 प्रतिशत था, जो इस बार बढ़कर 9 .9 प्रतिशत हो गया।
डीपीओ अरुण कुमार दूबे ने बताया कि नवंबर में सर्वे के सभी बच्चों का वजन नहीं हो पाया था। वजन दिवस में 95 प्रतिशत बच्चों का वजन हुआ है। जिसमें कुपोषित बच्चों का प्रतिशत बढ़ कर आया है। हौसला पोषण मिशन दस अगस्त से दस नवंबर तक ही संचालित हो पाया था। जिसमें घी और दूूध की आपूर्ति डेयरी विभाग के जरिए की गई थी। वर्तमान में अग्रिम आहरण की स्वीकृति प्राप्त नही होने के कारण दूध और घी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। वित्तीय स्वीकृत मिलते ही दूध और घी का वितरण कराया जाएगा।
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नवंबर 2016 में शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन कराया गया था। इसमें 7158 बच्चे अतिकुपोषित और 27007 कुपोषित बच्चे पाए गए थे। वहीं जिले के दस बाल विकास परियोजना कार्यालयों में दस और 12 दिसंबर को वजन दिवस का कार्यक्रम हुआ था। जिले में पैदा होने से लेकर पांच वर्ष आयु तक के 180778 बच्चे चिह्नित किए गए थे।
जिसमें से 172864 बच्चों का वजन हुआ था। आंकड़े बताते हैं कि 127754 बच्चे सामान्य श्रेणी के पाए गए। जबकि 27997 बच्चे कुपोषित और 17113 बच्चे अतिकुपोषित पाए गए। ऐसे में साफ है कि नवंबर में हुए जब वजन कराया गया था तो कुपोषित बच्चे 15. 45 प्रतिशत थे जो दिसंबर में बढ़ कर 16.2 प्रतिशत हो गए। इसी तरह अतिकुपोषित बच्चों का प्रतिशत पहले 4.15 प्रतिशत था, जो इस बार बढ़कर 9 .9 प्रतिशत हो गया।
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डीपीओ अरुण कुमार दूबे ने बताया कि नवंबर में सर्वे के सभी बच्चों का वजन नहीं हो पाया था। वजन दिवस में 95 प्रतिशत बच्चों का वजन हुआ है। जिसमें कुपोषित बच्चों का प्रतिशत बढ़ कर आया है। हौसला पोषण मिशन दस अगस्त से दस नवंबर तक ही संचालित हो पाया था। जिसमें घी और दूूध की आपूर्ति डेयरी विभाग के जरिए की गई थी। वर्तमान में अग्रिम आहरण की स्वीकृति प्राप्त नही होने के कारण दूध और घी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। वित्तीय स्वीकृत मिलते ही दूध और घी का वितरण कराया जाएगा।
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