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सात सीडीपीओ समेत 1814 का वेतन रोका 

Sat, 21 Jan 2017 12:02 AM IST
Sant Kabir Nagar
Sant Kabir Nagar Updated Sat, 21 Jan 2017 12:02 AM IST
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including seven cdpo 1814 worker the salaries of
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जिले में चिह्नित अतिकुपोषित बच्चों को संयुक्त जिला अस्पताल में स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती कराने में विभाग रुचि नहीं ले रहा है। आलम यह है कि दस बेड की व्यवस्था है और सिर्फ दो-तीन अतिकुपोषित बच्चे भर्ती कराए जा रहे हैं। एनआरसी केंद्र प्रभारी की रिपोर्ट के बाद डीपीओ ने लापरवाही मानते हुए सात सीडीपीओ, 42 सुपरवाइजरों का वेतन और 1765 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय रोक दिया गया है। 
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डीपीओ अरुण कुमार दूबे ने बताया कि जिले में 17000 अतिकुपोषित चिह्नित किए गए हैं। अतिकुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए संयुक्त जिला अस्पताल में एनआरसी यानि पोषण पुनर्वास केंद्र खोला गया है। यहां अतिकुपोषित बच्चों का लाने की जिम्मेदारी सीडीपीओ, सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता की है। 
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केंद्र पर दस अतिकुपोषित बच्चों के भर्ती कराए जाने की व्यवस्था है। 14 दिनों तक भर्ती कराना है और इस दौरान लाभार्थी को 700 रुपये और दोनों वक्त भोजन निशुल्क है। अतिकुपोषित बच्चों के एक अभिभावक को भी निशुल्क भोजन दिया जाता है। इसके साथ ही दवा और उपचार भी निशुल्क है। एनआरसी केंद्र के प्रभारी मेंहदावल के सीडीपीओ दीनानाथ द्विवेदी ने रिपोर्ट दी है कि पोषण पुनर्वास केंद्र पर दो अथवा तीन अतिकुपोषित बच्चे भर्ती रह रहे हैं। 
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पिछले कई दिनों से ऐसी स्थिति बनी हुई है। सीडीपीओ और सुपवरवाइजरों से लगातार संपर्क किए जाने के बाद भी अतिकुपोषित बच्चो को केंद्र पर लाकर भर्ती नहीं कराया जा रहा है। यह स्थिति  गंभीर है। 


जिले के सात सीडीओपीओ, 42 सुपरवाईजरों का वेतन और 1765 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय रोक दिया गया है। निर्देश दिया गया है कि जब तक एनआरसी पर अतिकुपोषित बच्चों को भर्ती न कराया जाए, तब तक संबंधितों का वेतन आहरित न किया जाए। 15 दिन पर सुपरवाइजरों की रिपोर्ट जानी जाएगी कि उनके जरिए कितने अतिकुपोषित बच्चों को एनआईसी केंद्र पर भर्ती कराया गया है। यदि इसके बावजूद भी सुधार नहीं हुआ तो आगे की कार्रवाई किए जाने के संबंध में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट  दी जाएगी।
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