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आंधी-बारिश से पूर्व बीडीसी सदस्य समेत चार की मौत
Sant Kabir Nagar
Updated Sat, 13 May 2017 11:44 PM IST
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प्रसादपुर के पास रामजानकी मार्ग पर शनिवार सुबह आंधी-बारिश के कारण पेड़ उखड़ कर टाटा मैजिक के पिछले हिस्से पर गिर गया। इससे वाहन एक ओर उठ गया।
- फोटो : इंद्रेश यादव
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धनघटा क्षेत्र में शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे आई तेज आंधी-बारिश से एक पूर्व बीडीसी समेत अलग-अलग गांवों के चार लोगों की मौत हो गई। जबकि 53 लोग घायल हो गए। 350 से अधिक लोगों के छप्पर और टिनशेड उड़ने की सूचना है। काफी संख्या में विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गए। इससे मुखलिसपुर और कोचरी सब स्टेशन से जुड़े गांवों की सप्लाई ठप हो गई। वहीं जगह-जगह सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित रहा।
सोनडीहा गांव के पूर्व बीडीसी सदस्य दिव्यांग जय हिन्द (32) घर से नित्य क्रिया कर्म के लिए बाहर निकले थे। आंधी देखकर वह बांस की खूंटी के किनारे छिप गए। उसी समय बांस की खूंटी गिरी और दब जाने से उनकी मौत हो गई। रानीपुर गांव के कोटेदार सुभाष की पत्नी उर्मिला देवी (50) अपने मायके महुली क्षेत्र के तरयापार गांव से लौट रही थीं। आंधी आने पर वह मूडाडीहा गांव के करीब छप्पर में चल रही एक चाय दुकान में रुक गईं और उसी दौरान छप्पर पर आम का पेड़ गिर गया। इसके नीचे दबने से उनकी मौत हो गई।
इसी तरह शनिचरा बाजार के लाला पुरवा निवासी परशुराम की पत्नी चंदा देवी (42) सुबह पशुओं को छप्पर से बाहर निकाल रही थीं, इसी दौरान गिरे महुए के पेड़ के नीचे दबने से चंदा की मौत हो गई। रजनौली गांव में कमलावती देवी (50) पत्नी रामजतन छप्पर में बैठी हुई थीं। इसी दौरान दरवाजे पर लगा महुए का पेड़ छप्पर पर गिर गया। इससे दबकर कमलावती की मौत की मौत हो गई। कमलावती के शव को पुलिस ने कब्जे मेें लेकर जहां पोस्टमार्टम के लिए भेजा, वही अन्य मृतकों के शव का पंचनामा कराने के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया।
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तहसीलदार राजेश गुप्ता ने बताया कि मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख आर्थिक सहायता के रूप में दिए जाएंगे। वहीं डीएम ने बताया कि आंधी- बारिश से धनघटा इलाके में काफी क्षति हुई है। इसमें चार लोगों की जान चली गई है। आंधी से हुई क्षति के नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है। एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसील क्षेत्र में ही मौजूद हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही क्षति के बारे में बताया जा सकूंगा, वैसे जो लोग बेघर हुए है,उनके भोजन का इंतजाम ग्राम प्रधान द्वारा कराए जाने का निर्देश दिया गया है। रविवार को प्रशासन की तरफ से पीड़ित परिवारों को मदद दिलाई जाएगी।
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सोनडीहा गांव के पूर्व बीडीसी सदस्य दिव्यांग जय हिन्द (32) घर से नित्य क्रिया कर्म के लिए बाहर निकले थे। आंधी देखकर वह बांस की खूंटी के किनारे छिप गए। उसी समय बांस की खूंटी गिरी और दब जाने से उनकी मौत हो गई। रानीपुर गांव के कोटेदार सुभाष की पत्नी उर्मिला देवी (50) अपने मायके महुली क्षेत्र के तरयापार गांव से लौट रही थीं। आंधी आने पर वह मूडाडीहा गांव के करीब छप्पर में चल रही एक चाय दुकान में रुक गईं और उसी दौरान छप्पर पर आम का पेड़ गिर गया। इसके नीचे दबने से उनकी मौत हो गई।
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इसी तरह शनिचरा बाजार के लाला पुरवा निवासी परशुराम की पत्नी चंदा देवी (42) सुबह पशुओं को छप्पर से बाहर निकाल रही थीं, इसी दौरान गिरे महुए के पेड़ के नीचे दबने से चंदा की मौत हो गई। रजनौली गांव में कमलावती देवी (50) पत्नी रामजतन छप्पर में बैठी हुई थीं। इसी दौरान दरवाजे पर लगा महुए का पेड़ छप्पर पर गिर गया। इससे दबकर कमलावती की मौत की मौत हो गई। कमलावती के शव को पुलिस ने कब्जे मेें लेकर जहां पोस्टमार्टम के लिए भेजा, वही अन्य मृतकों के शव का पंचनामा कराने के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया।
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तहसीलदार राजेश गुप्ता ने बताया कि मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख आर्थिक सहायता के रूप में दिए जाएंगे। वहीं डीएम ने बताया कि आंधी- बारिश से धनघटा इलाके में काफी क्षति हुई है। इसमें चार लोगों की जान चली गई है। आंधी से हुई क्षति के नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है। एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसील क्षेत्र में ही मौजूद हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही क्षति के बारे में बताया जा सकूंगा, वैसे जो लोग बेघर हुए है,उनके भोजन का इंतजाम ग्राम प्रधान द्वारा कराए जाने का निर्देश दिया गया है। रविवार को प्रशासन की तरफ से पीड़ित परिवारों को मदद दिलाई जाएगी।