{"_id":"6a778d029c95a166d40cc286","slug":"impact-of-heat-and-humidity-rise-in-viral-infection-patients-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1039-155270-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्मी-उमस का असर : वायरल संक्रमण के मरीज बढ़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्मी-उमस का असर : वायरल संक्रमण के मरीज बढ़े
विज्ञापन
संतकबीरनगर। मौसम के बदलते मिजाज का असर लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। कभी तेज धूप, कभी बारिश और फिर उमस भरी गर्मी के कारण वायरल संक्रमण के मरीज बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में सर्दी-जुकाम, बुखार, डायरिया, पेट संबंधी संक्रमण, आंखों के संक्रमण और अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है। ऐसे मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। सर्दी-जुकाम, बुखार, गले का संक्रमण और जलजनित बीमारियों का खतरा इस समय अधिक रहता है।
वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. उमेश चंद्रा ने लोगों से घरों में रखे कूलर का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार बदलने, आसपास पानी जमा न होने देने और नालियों की नियमित सफाई कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में जमा पानी मच्छरों के पनपने का सबसे बड़ा कारण बनता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा दूषित पानी के कारण जलजनित रोग भी तेजी से फैलते हैं।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमाशंकर सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में मरीजों के उपचार के साथ-साथ उन्हें बीमारी से बचाव के उपायों की भी जानकारी दी जाती है। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही मौसमी और जलजनित बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। वहीं दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुरोध पाठक ने बताया कि इन दिनों दांतों और मसूड़ों के संक्रमण के मरीज भी बढ़ रहे हैं।
उन्होंने लोगों को भोजन के बाद नियमित रूप से ब्रश करने और मुंह की साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी।
विज्ञापन
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है। ऐसे मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। सर्दी-जुकाम, बुखार, गले का संक्रमण और जलजनित बीमारियों का खतरा इस समय अधिक रहता है।
विज्ञापन
वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. उमेश चंद्रा ने लोगों से घरों में रखे कूलर का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार बदलने, आसपास पानी जमा न होने देने और नालियों की नियमित सफाई कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में जमा पानी मच्छरों के पनपने का सबसे बड़ा कारण बनता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा दूषित पानी के कारण जलजनित रोग भी तेजी से फैलते हैं।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमाशंकर सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में मरीजों के उपचार के साथ-साथ उन्हें बीमारी से बचाव के उपायों की भी जानकारी दी जाती है। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही मौसमी और जलजनित बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। वहीं दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुरोध पाठक ने बताया कि इन दिनों दांतों और मसूड़ों के संक्रमण के मरीज भी बढ़ रहे हैं।
उन्होंने लोगों को भोजन के बाद नियमित रूप से ब्रश करने और मुंह की साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी।