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राशन कार्ड न मिलने पर डीएम को दिया ज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Fri, 20 May 2016 11:19 PM IST
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जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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विकास खंड पौली के बरगदवा गांव के लोगों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कोटेदार पर राशन कार्ड में हेरा फेरी और काला बाजारी का आरोप लगाया है। इस बाबत ग्रामीणों ने 12 सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी को दिया।
ग्रामीण रामजन्म, रामअवध, जीतेंद्र, फूलदेव आदि का कहना था कि गांव का कोटेदार मनमानी ढंग से राशन कार्ड में हेरा फेरी कर दिए है। जिसकी शिकायत की गई थी तो अनियमितता पाए जाने पर कोटे की दुकान को निलंबित कर दिया था। उसके बाद फिर दुकान को बहाल कर दिया गया। जो गलत है। दुकान बहाल होते ही कोटेदार राशन न देने की धमकी देते है। उसके बाद कोटेदार के खिलाफ तहसील दिवस में भी शिकायत किया गया था पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने कहा कि गांव के कार्ड धारक राशन न मिलने से परेशानी झेल रहे है। इसके साथ ही कोटेदार मिट्टी का तेल 20 रुपये लीटर देता है। चीनी भी साल में तीन बार ही देता है। अंत्योदय कार्ड धारकों को तीन माह का गल्ला नहीं दिया गया। निर्धारित मूल्य से ज्यादा रुपया लिया जाता है। सप्लाई इंस्पेक्टर द्वारा बगैर जांच किए कोटे की रिपोर्ट तैयार की जाती है। ग्रामीणों ने कोटेदार की दुकान को निरस्त करने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में रामनयन, चंद्रशेखर यादव, ठाकुर प्रसाद, खदेरू, कोमल, राम सिधारे समेत अन्य शामिल रहे।
कोटेदार के पक्ष में मिले लोग
विकास खंड पौली के बरगदवा गांव के कुछ लोग कोटेदार के पक्ष में अपना समर्थन देते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन दिए। गांव के कौशलानंद, रामआशीष, रामजीत आदि का कहना था कि चुनाव से खार खाए कुछ लोग कोटेदार के खिलाफ हो गए है और उसकी दुकान को निलंबित कराने की मांग कर रहे है। ग्रामीणों ने डीएम से जांच के बाद ही कुछ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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ग्रामीण रामजन्म, रामअवध, जीतेंद्र, फूलदेव आदि का कहना था कि गांव का कोटेदार मनमानी ढंग से राशन कार्ड में हेरा फेरी कर दिए है। जिसकी शिकायत की गई थी तो अनियमितता पाए जाने पर कोटे की दुकान को निलंबित कर दिया था। उसके बाद फिर दुकान को बहाल कर दिया गया। जो गलत है। दुकान बहाल होते ही कोटेदार राशन न देने की धमकी देते है। उसके बाद कोटेदार के खिलाफ तहसील दिवस में भी शिकायत किया गया था पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने कहा कि गांव के कार्ड धारक राशन न मिलने से परेशानी झेल रहे है। इसके साथ ही कोटेदार मिट्टी का तेल 20 रुपये लीटर देता है। चीनी भी साल में तीन बार ही देता है। अंत्योदय कार्ड धारकों को तीन माह का गल्ला नहीं दिया गया। निर्धारित मूल्य से ज्यादा रुपया लिया जाता है। सप्लाई इंस्पेक्टर द्वारा बगैर जांच किए कोटे की रिपोर्ट तैयार की जाती है। ग्रामीणों ने कोटेदार की दुकान को निरस्त करने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में रामनयन, चंद्रशेखर यादव, ठाकुर प्रसाद, खदेरू, कोमल, राम सिधारे समेत अन्य शामिल रहे।
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कोटेदार के पक्ष में मिले लोग
विकास खंड पौली के बरगदवा गांव के कुछ लोग कोटेदार के पक्ष में अपना समर्थन देते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन दिए। गांव के कौशलानंद, रामआशीष, रामजीत आदि का कहना था कि चुनाव से खार खाए कुछ लोग कोटेदार के खिलाफ हो गए है और उसकी दुकान को निलंबित कराने की मांग कर रहे है। ग्रामीणों ने डीएम से जांच के बाद ही कुछ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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