{"_id":"6734e70e63011e8df509b0db","slug":"if-there-is-no-budget-for-bus-station-then-ccb-is-waiting-for-land-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1039-123770-2024-11-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: बस स्टेशन के लिए बजट नहीं तो सीसीबी को जमीन का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: बस स्टेशन के लिए बजट नहीं तो सीसीबी को जमीन का इंतजार
विज्ञापन
मरीगंज यहीं पर बनना था रोडवेज बस स्टेशन लेकिन अभी तक नही बना।संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में रोडवेज बस अड्डा के लिए मीरगंज में जमीन तो मिल गई। इसे परिवहन को स्थानांतरित कर भी दिया गया, लेकिन बजट नहीं मिला, जिसकी वजह से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
इधर क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए एक साल पहले 27 करोड़ रुपये जारी हुए थे, लेकिन इसके लिए जमीन ही नहीं मिल पाई। दोनों परियोजनाएं अधर में लटकी हुई है। रोडवेज न बनने यात्री परेशानी झेल रहे हैं वही गंभीर मरीजों को गोरखपुर रेफर किया जा रहा है।
वर्ष 1997 में जिले का सृजन हुआ तो लोगाें को उम्मीद जगी कि रोडवेज बस स्टेशन बनेगा, लेकिन जमीन के पेंच में बस स्टेशन नहीं बन सका। अब प्रशासन ने इसके लिए मीरगंज में जमीन उपलब्ध करा दी है। इसके साथ ही यह जमीन परिवहन निगम के नाम पर खतौनी में दर्ज हो गई है। अब बजट का इंतजार हो रहा है। प्रशासन ने बजट के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है, लेकिन अब तक फूटी कौड़ी नहीं मिली है। इसके कारण रोडवेज का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते यात्रियों को मेंहदावल बाईपास पर अस्थायी बस स्टाॅप सेंटर पर खुले आसमान के तले खड़े होकर बसों का इंतजार करने की मजबूरी बनी हुई है।
विज्ञापन
यहां पर न तो बैठने के लिए कोई व्यवस्था हुई है और न ही शेड ही लग पाया है। इससे यात्री परेशानी झेल रहे हैं। शहर के निवासी प्रेमचंद्र, रमेश कुमार आदि ने कहा कि यदि रोडवेज बस स्टेशन बन जाता तो यात्रियों को होने वाली दुश्वारियां कम होती और जाम की समस्या से भी निजात मिलती। ु
विज्ञापन
संतकबीरनगर। जिले में रोडवेज बस अड्डा के लिए मीरगंज में जमीन तो मिल गई। इसे परिवहन को स्थानांतरित कर भी दिया गया, लेकिन बजट नहीं मिला, जिसकी वजह से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
इधर क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए एक साल पहले 27 करोड़ रुपये जारी हुए थे, लेकिन इसके लिए जमीन ही नहीं मिल पाई। दोनों परियोजनाएं अधर में लटकी हुई है। रोडवेज न बनने यात्री परेशानी झेल रहे हैं वही गंभीर मरीजों को गोरखपुर रेफर किया जा रहा है।
विज्ञापन
वर्ष 1997 में जिले का सृजन हुआ तो लोगाें को उम्मीद जगी कि रोडवेज बस स्टेशन बनेगा, लेकिन जमीन के पेंच में बस स्टेशन नहीं बन सका। अब प्रशासन ने इसके लिए मीरगंज में जमीन उपलब्ध करा दी है। इसके साथ ही यह जमीन परिवहन निगम के नाम पर खतौनी में दर्ज हो गई है। अब बजट का इंतजार हो रहा है। प्रशासन ने बजट के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है, लेकिन अब तक फूटी कौड़ी नहीं मिली है। इसके कारण रोडवेज का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते यात्रियों को मेंहदावल बाईपास पर अस्थायी बस स्टाॅप सेंटर पर खुले आसमान के तले खड़े होकर बसों का इंतजार करने की मजबूरी बनी हुई है।
विज्ञापन
यहां पर न तो बैठने के लिए कोई व्यवस्था हुई है और न ही शेड ही लग पाया है। इससे यात्री परेशानी झेल रहे हैं। शहर के निवासी प्रेमचंद्र, रमेश कुमार आदि ने कहा कि यदि रोडवेज बस स्टेशन बन जाता तो यात्रियों को होने वाली दुश्वारियां कम होती और जाम की समस्या से भी निजात मिलती। ु