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गुरुदक्षिणा में मांगते हैं सफाई का वादा
ब्यूरो अमर उजाला/ संतकबीरनगर
Updated Sat, 06 Aug 2016 12:19 AM IST
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स्वच्छता मिशन
- फोटो : अमर उजाला
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शिक्षक कभी रिटायर नहीं होता। हरिहरपुर के सेवानिवृत्त प्राइमरी अध्यापक रामभरोस पांडेय से मिलकर इसका अहसास सहज ही हो जाता है। पांच साल पहले रिटायर हुए तो सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ गई। रंगमंच से लेकर सामाजिक संस्थाओं के विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये समाज को कुछ देने की ललक उम्र बढ़ने के साथ ही बढ़ती गई। इसी बीच देश में स्वच्छता अभियान का आगाज हुआ तो रामभरोस ने इसे मिशन बना लिया।
पहले शिक्षा की ज्योति जलाने वाले गुरुजी अब समाज को साफ-सफाई का सबक सिखा रहे हैं। जिन्हें कभी पढ़ाया था उनसे अब गुरुदक्षिणा में सफाई का वादा चाहिए तो जो अंजान हैं उन्हें पर्चा देकर जागरूक करना इनकी दिनचर्या बन गई है।
हर रोज वार्डों में घूमकर लोगों से नगर को स्वच्छ बनाए रखने की अपील करते हुए यह आसानी से मिल जाते हैं। जो सामने होता है उसे खुले में शौच न करने, कूड़ा-कचरा इधर-उधर न फेंकने और घरों के पास पानी न जमा होने देने की बात बताते हुए इसके नुकसान भी गिनाते हैं। कहते हैं कि नगर को स्वच्छ बनाए रखना हर व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। इसलिए प्रत्येक नगरवासी को चाहिए कि वह अपने आसपास गंदगी इकट्ठा न होने दे और अन्य को भी साफ-सफाई के प्रति जागरूक करे। लोगों को जागरूक करने के लिए गुरुजी के थैले में हमेशा पर्चा पड़ा होता है।
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इस पर गंदगी से होने वाली बीमारियों से लेकर स्वच्छता के फायदे लिखे होते हैं। पर्चे पर अपील भी होती है ‘नगर आपका है इसे स्वच्छ बनाए रखने की जिम्मेदारी आपकी है’। गुरुजी और उनका पर्चा इन दिनों पूरे नगर में चर्चा में है। लोग न सिर्फ रामभरोस के अभियान की प्रशंसा कर रहे हैं बल्कि उनसे मिलकर स्वच्छता अभियान में अपनी भागीदारी का भरोसा भी दिला रहे हैं।
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पहले शिक्षा की ज्योति जलाने वाले गुरुजी अब समाज को साफ-सफाई का सबक सिखा रहे हैं। जिन्हें कभी पढ़ाया था उनसे अब गुरुदक्षिणा में सफाई का वादा चाहिए तो जो अंजान हैं उन्हें पर्चा देकर जागरूक करना इनकी दिनचर्या बन गई है।
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हर रोज वार्डों में घूमकर लोगों से नगर को स्वच्छ बनाए रखने की अपील करते हुए यह आसानी से मिल जाते हैं। जो सामने होता है उसे खुले में शौच न करने, कूड़ा-कचरा इधर-उधर न फेंकने और घरों के पास पानी न जमा होने देने की बात बताते हुए इसके नुकसान भी गिनाते हैं। कहते हैं कि नगर को स्वच्छ बनाए रखना हर व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। इसलिए प्रत्येक नगरवासी को चाहिए कि वह अपने आसपास गंदगी इकट्ठा न होने दे और अन्य को भी साफ-सफाई के प्रति जागरूक करे। लोगों को जागरूक करने के लिए गुरुजी के थैले में हमेशा पर्चा पड़ा होता है।
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इस पर गंदगी से होने वाली बीमारियों से लेकर स्वच्छता के फायदे लिखे होते हैं। पर्चे पर अपील भी होती है ‘नगर आपका है इसे स्वच्छ बनाए रखने की जिम्मेदारी आपकी है’। गुरुजी और उनका पर्चा इन दिनों पूरे नगर में चर्चा में है। लोग न सिर्फ रामभरोस के अभियान की प्रशंसा कर रहे हैं बल्कि उनसे मिलकर स्वच्छता अभियान में अपनी भागीदारी का भरोसा भी दिला रहे हैं।