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Sant Kabir Nagar News: बिना डॉक्टर व प्रशिक्षित कर्मी के चल रहा था अस्पताल, एसडीएम ने किया सील
Sat, 28 Oct 2023 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 28 Oct 2023 12:44 AM IST
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संतकबीरनगर। जिले में अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों के पकड़े जाने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को एसडीएम के नेतृत्व में गठित टीम ने नंदौर क्षेत्र के एक अस्पताल को सील किया है। इस अस्पताल में न तो डॉक्टर थे और न ही प्रशिक्षित कर्मी ही मिले। अस्पताल में परिसर में गंदगी मिली। ऑपरेशन थियेटर में एक्सपायरी दवाएं रखी गई थीं। टीम ने अस्पताल को सील कर दिया।
एसडीएम मेंहदावल अरुण कुमार के नेतृत्व में डिप्टी सीएमओ डॉ आरपी मौर्य, जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ मुबारक अली, सीएचसी मेंहदावल के अधीक्षक डॉ. इंद्रदेव गौरव नंदौर स्थित परी हास्पिटल पर पहुंचे। वहां पर न तो चिकित्सक मिले और न ही प्रशिक्षित कर्मी। इसके साथ ही जिस चिकित्सक के नाम पर अस्पताल का रजिस्ट्रेशन है, वह चिकित्सक भी नहीं मिले। डिप्टी सीएमओ डॉ. आरपी मौर्य ने बताया कि अस्पताल में एक महिला का ऑपरेशन किया गया था। उस महिला का ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक का नाम भी कर्मी नहीं बता पाए और न ही मोबाइल फोन नंबर दे पाए। उसकी कौन देखरेख कर रहा है? यह किसी को पता नहीं था। ओपीडी में कोई चिकित्सक नहीं मिला। अस्पताल में अव्यवस्था का आलम था। अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में एक्सपायरी दवाएं रखी गई थीं। इसके बारे में कर्मी कुछ बता नहीं पाए। अस्पताल में गंदगी की भरमार मिली। हर तरफ से दुर्गंध आ रही है। जिस मरीज का ऑपरेशन हुआ था, उसे एंबुलेंस से सीएचसी मेंहदावल भेजवाया गया। उसका वहीं पर इलाज किया जाएगा। अस्पताल को सील कर दिया गया है। टीम की इस कार्रवाई से अन्य अस्पतालों व पैथालॉजी सेंटरों में हड़कंप मच गया है।
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इससे पूर्व भी बिना पंजीकरण के मिले थे 10 अस्पताल, एक हुआ था सील
डीएम की गठित टीम ने 18 अक्तूबर को मेंहदावल, बखिरा और बघौली में छापा मारा था। उस दौरान 10 अस्पताल और पैथोलॉजी बिना पंजीकरण के संचालित होते मिले थे। इन सभी को नोटिस जारी किया गया है। इसी तरह से 11 अक्तूबर को नंदौर में ही केयर वेल हास्पिटल की शिकायत पर जांच हुई तो वह भी अधोमानक मिला था। उसे सील कर दिया गया था।
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एसडीएम मेंहदावल अरुण कुमार के नेतृत्व में डिप्टी सीएमओ डॉ आरपी मौर्य, जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ मुबारक अली, सीएचसी मेंहदावल के अधीक्षक डॉ. इंद्रदेव गौरव नंदौर स्थित परी हास्पिटल पर पहुंचे। वहां पर न तो चिकित्सक मिले और न ही प्रशिक्षित कर्मी। इसके साथ ही जिस चिकित्सक के नाम पर अस्पताल का रजिस्ट्रेशन है, वह चिकित्सक भी नहीं मिले। डिप्टी सीएमओ डॉ. आरपी मौर्य ने बताया कि अस्पताल में एक महिला का ऑपरेशन किया गया था। उस महिला का ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक का नाम भी कर्मी नहीं बता पाए और न ही मोबाइल फोन नंबर दे पाए। उसकी कौन देखरेख कर रहा है? यह किसी को पता नहीं था। ओपीडी में कोई चिकित्सक नहीं मिला। अस्पताल में अव्यवस्था का आलम था। अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में एक्सपायरी दवाएं रखी गई थीं। इसके बारे में कर्मी कुछ बता नहीं पाए। अस्पताल में गंदगी की भरमार मिली। हर तरफ से दुर्गंध आ रही है। जिस मरीज का ऑपरेशन हुआ था, उसे एंबुलेंस से सीएचसी मेंहदावल भेजवाया गया। उसका वहीं पर इलाज किया जाएगा। अस्पताल को सील कर दिया गया है। टीम की इस कार्रवाई से अन्य अस्पतालों व पैथालॉजी सेंटरों में हड़कंप मच गया है।
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इससे पूर्व भी बिना पंजीकरण के मिले थे 10 अस्पताल, एक हुआ था सील
डीएम की गठित टीम ने 18 अक्तूबर को मेंहदावल, बखिरा और बघौली में छापा मारा था। उस दौरान 10 अस्पताल और पैथोलॉजी बिना पंजीकरण के संचालित होते मिले थे। इन सभी को नोटिस जारी किया गया है। इसी तरह से 11 अक्तूबर को नंदौर में ही केयर वेल हास्पिटल की शिकायत पर जांच हुई तो वह भी अधोमानक मिला था। उसे सील कर दिया गया था।
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