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Sant Kabir Nagar News: सीमा विस्तारित क्षेत्र में विकास की जगी उम्मीद
Thu, 06 Jun 2024 11:15 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 06 Jun 2024 11:15 PM IST
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संतकबीरनगर। लोकसभा चुनाव समाप्त होने के साथ ही सीमा विस्तारित क्षेत्रों में विकास की उम्मीद जग गई है। नगर पालिका परिषद अभी इन क्षेत्रों के विकास के लिए सिर्फ योजना ही बनाता रहा, लेकिन अब कार्य योजना को अमली जामा पहनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इससे इन क्षेत्रों के लोगों में विकास की उम्मीद जग गई है।
नगर पालिका बोर्ड के गठन के बाद से ही सीमा विस्तारित क्षेत्रों में विकास को लेकर पालिका प्रशासन कार्य योजना तैयार करने में जुटा रहा। इस बीच लोकसभा चुनाव की घोषणा हो गई और आचार संहिता लागू होने के कारण विकास के कार्य नहीं हो सके। वैसे अक्तूबर 2020 में ही शहर के आस-पास के 16 गांवों को पालिका में शामिल कर लिया गया था, लेकिन किसी न किसी कारण से यहां पर विकास के कार्य नहीं हो सके। इस क्षेत्र के लोगों को न तो शहरी बिजली मिल पा रही है और न ही नाला, सड़क और पथ प्रकाश व्यवस्था आदि के कार्य ही हो पाए हैं। पालिका प्रशासन का दावा है कि अब प्राथमिकता के आधार पर कार्य होंगे।
शहरी बिजली न मिलने से लोगों में हैं मायूसी
शहर के शामिल होने के बाद भी सीमा विस्तारित क्षेत्रों में अभी तक ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति हो रही है। शहरी बिजली देने के लिए कार्य होने हैं, लेकिन यह कार्य शुरू नहीं हो पाया। यही नहीं क्षेत्र में कई जगह बांस- बल्ली के सहारे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। गौसपुर, कसैला, मैलानी, बड़गो, मोहद्दीनपुर आदि ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर लोग शहरी बिजली की आस लगाए हुए हैं। इस क्षेत्र के निवासी राधेश्याम, संजय कुमार आदि ने कहा कि पहले सीमा विस्तारित क्षेत्र की उपेक्षा की गई, कार्य योजना बनी, लेकिन लोकसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद कार्य शुरू नहीं हुआ। अब उम्मीद जगह है कि विकास के कार्य होंगे और शहरी बिजली की आपूर्ति शुरू हो सकती है।
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सीमा विस्तरित क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए कार्ययोजना बनकर तैयार है। लोकसभा चुनाव के कारण विलंब हुुआ है, लेकिन जल्द ही कार्य शुरू कराए जाएंगे।
जगत जायसवाल, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद खलीलाबाद
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नगर पालिका बोर्ड के गठन के बाद से ही सीमा विस्तारित क्षेत्रों में विकास को लेकर पालिका प्रशासन कार्य योजना तैयार करने में जुटा रहा। इस बीच लोकसभा चुनाव की घोषणा हो गई और आचार संहिता लागू होने के कारण विकास के कार्य नहीं हो सके। वैसे अक्तूबर 2020 में ही शहर के आस-पास के 16 गांवों को पालिका में शामिल कर लिया गया था, लेकिन किसी न किसी कारण से यहां पर विकास के कार्य नहीं हो सके। इस क्षेत्र के लोगों को न तो शहरी बिजली मिल पा रही है और न ही नाला, सड़क और पथ प्रकाश व्यवस्था आदि के कार्य ही हो पाए हैं। पालिका प्रशासन का दावा है कि अब प्राथमिकता के आधार पर कार्य होंगे।
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शहरी बिजली न मिलने से लोगों में हैं मायूसी
शहर के शामिल होने के बाद भी सीमा विस्तारित क्षेत्रों में अभी तक ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति हो रही है। शहरी बिजली देने के लिए कार्य होने हैं, लेकिन यह कार्य शुरू नहीं हो पाया। यही नहीं क्षेत्र में कई जगह बांस- बल्ली के सहारे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। गौसपुर, कसैला, मैलानी, बड़गो, मोहद्दीनपुर आदि ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर लोग शहरी बिजली की आस लगाए हुए हैं। इस क्षेत्र के निवासी राधेश्याम, संजय कुमार आदि ने कहा कि पहले सीमा विस्तारित क्षेत्र की उपेक्षा की गई, कार्य योजना बनी, लेकिन लोकसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद कार्य शुरू नहीं हुआ। अब उम्मीद जगह है कि विकास के कार्य होंगे और शहरी बिजली की आपूर्ति शुरू हो सकती है।
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सीमा विस्तरित क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए कार्ययोजना बनकर तैयार है। लोकसभा चुनाव के कारण विलंब हुुआ है, लेकिन जल्द ही कार्य शुरू कराए जाएंगे।
जगत जायसवाल, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद खलीलाबाद