{"_id":"614229f28ebc3ee52b417e09","slug":"health-khalilabad-news-gkp409328932","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए खोजे नहीं मिल रही भूमि और किराए के भवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए खोजे नहीं मिल रही भूमि और किराए के भवन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए खोजे नहीं मिल रही भूमि और किराए के भवन
जिले में संचालित किए जाने हैं 68 उपकेंद्र, शासन द्वारा भेजी गई सूची में 15 गांवों में पहले से हैं केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर किए जाने के उद्देश्य से 68 नए स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने हैं। इन केंद्रों संचालन के लिए न तो किराए के भवन मिल रहे हैं और न ही भवन निर्माण के लिए भूमि। यही नहीं शासन द्वारा भेजी गई सूची में 15 गांव ऐसे हैं जहां पहले से उपकेंद्र संचालित हो रहे हैं। ऐेसे में नवीन उपकेंद्रों के संचालन में दिक्कत आ रही है। दूसरी ओर शासन जल्द से जल्द इन उपकेंद्रों का संचालन शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है।
जिले में 68 नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों की स्वीकृति शासन ने प्रदान की। इसकी सूची भी शासन स्तर से ही उपलब्ध कराई गई है। शासन का निर्देश है कि इन स्वास्थ्य उपकेंद्रों को जल्द से जल्द संचालित कराने के लिए ग्राम पंचायतों से जमीन का प्रस्ताव प्राप्त कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। स्वास्थ्य विभाग ने जमीन के लिए प्रयास शुरू किए तो कई ग्राम पंचायतों ने जमीन उपलब्ध न होने की बात कहीं। इसमें चौरी, बेलहुआ, बेलहारा आदि शामिल है। इसके अलावा पट्टी हिस्सा समोधर, बंटवार, खरवनिया, शनिचरा चौबे, डिहवा, मटिहनिया, पौली, गागरगढ़, केचुआखोर, छिबरा, परसिया, पिपरा प्रथम, भेडौरा पिकौरा में आदि ऐसे गांव हैं जहां या तो पूर्व में उपकेंद्र बने हुए हैं या फिर सटे ही उपकेंद्र संचालित हैं। ऐसे में वहां उपकेंद्र संचालित करना संभव नहीं है। वैसे शासन ने यह भी निर्देश दिया है कि जब तक उपकेंद्रों के लिए जमीन की उपलब्धता नहीं होती है तब तक किराए का मकान लेकर उसमें उपकेंद्रों का संचालन शुरू कराया जाए। इसके लिए तीन हजार रुपये किराया निर्धारित किया गया है, लेकिन किराए का मकान ढूंढने में भी विभागीय अधिकारियों को पसीना छूट रहा है।
कारण यह है कि कोविड महामारी का दौर चल रहा है, ऐसे में लोग भवन किराए पर देना नहीं चाह रहे हैं। जिला कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर संजीव कुमार सिंह ने कहा कि शासन को रिपोर्ट तैयार कर भेजी जा रही है। शासन से जो निर्देश मिलेगा, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में संचालित किए जाने हैं 68 उपकेंद्र, शासन द्वारा भेजी गई सूची में 15 गांवों में पहले से हैं केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर किए जाने के उद्देश्य से 68 नए स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने हैं। इन केंद्रों संचालन के लिए न तो किराए के भवन मिल रहे हैं और न ही भवन निर्माण के लिए भूमि। यही नहीं शासन द्वारा भेजी गई सूची में 15 गांव ऐसे हैं जहां पहले से उपकेंद्र संचालित हो रहे हैं। ऐेसे में नवीन उपकेंद्रों के संचालन में दिक्कत आ रही है। दूसरी ओर शासन जल्द से जल्द इन उपकेंद्रों का संचालन शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है।
जिले में 68 नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों की स्वीकृति शासन ने प्रदान की। इसकी सूची भी शासन स्तर से ही उपलब्ध कराई गई है। शासन का निर्देश है कि इन स्वास्थ्य उपकेंद्रों को जल्द से जल्द संचालित कराने के लिए ग्राम पंचायतों से जमीन का प्रस्ताव प्राप्त कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। स्वास्थ्य विभाग ने जमीन के लिए प्रयास शुरू किए तो कई ग्राम पंचायतों ने जमीन उपलब्ध न होने की बात कहीं। इसमें चौरी, बेलहुआ, बेलहारा आदि शामिल है। इसके अलावा पट्टी हिस्सा समोधर, बंटवार, खरवनिया, शनिचरा चौबे, डिहवा, मटिहनिया, पौली, गागरगढ़, केचुआखोर, छिबरा, परसिया, पिपरा प्रथम, भेडौरा पिकौरा में आदि ऐसे गांव हैं जहां या तो पूर्व में उपकेंद्र बने हुए हैं या फिर सटे ही उपकेंद्र संचालित हैं। ऐसे में वहां उपकेंद्र संचालित करना संभव नहीं है। वैसे शासन ने यह भी निर्देश दिया है कि जब तक उपकेंद्रों के लिए जमीन की उपलब्धता नहीं होती है तब तक किराए का मकान लेकर उसमें उपकेंद्रों का संचालन शुरू कराया जाए। इसके लिए तीन हजार रुपये किराया निर्धारित किया गया है, लेकिन किराए का मकान ढूंढने में भी विभागीय अधिकारियों को पसीना छूट रहा है।
विज्ञापन
कारण यह है कि कोविड महामारी का दौर चल रहा है, ऐसे में लोग भवन किराए पर देना नहीं चाह रहे हैं। जिला कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर संजीव कुमार सिंह ने कहा कि शासन को रिपोर्ट तैयार कर भेजी जा रही है। शासन से जो निर्देश मिलेगा, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन