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Sant Kabir Nagar News: अस्पतालों के कमरों में धूल फांक रहीं हेल्थ एटीएम
Mon, 09 Jun 2025 11:14 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 09 Jun 2025 11:14 PM IST
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सीएचसी खलीलाबाद में कमरे में रखी हेल्थ एटीएम
संतकबीरनगर। जिले में तीन साल पहले नौ हेल्थ एटीएम आए थे, जिनका उद्घाटन भी हुआ था, लेकिन उसके बाद संचालन नहीं हुआ। इससे 62 प्रकार की जांच होनी थी, लेकिन यह मशीन बंद कमरों में धूल फांक रही है।
अगर यह एटीएम चालू रहता तो मरीजों को एक मिनट में जांच रिपोर्ट मिल जाती है। ये हेल्थ एटीएम अस्पताल के कमरे में पड़े-पड़े कबाड़ हो रही हैं, इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
सीएचसी खलीलाबाद, सीएचसी मेंहदावल, पीएचसी बघौली और रोसया बाजार, सीएचसी सेमरियावां समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल नौ हेल्थ एटीएम तीन साल पूर्व आई थीं। इन हेल्थ एटीएम को अस्पतालों पर लगाया गया ताकि मरीजों की विभिन्न प्रकार की जांच हो और तत्काल रिपोर्ट मिल सके। इस मशीन से शुगर, बीपी, टायफाइड, मलेरिया समेत अन्य जांच की सुविधा मिलनी थी लेकिन मशीन चालू नहीं हुईं।
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बताया जा रहा है कि एक हेल्थ मशीन की कीमत करीब पांच लाख रुपये है। यह मशीन अस्पताल के कमरे में बंद हैं। यही नहीं इन मशीनों को चलाने के लिए कोई टेक्नीशियन भी नहीं हैं। सीएचसी खलीलाबाद पर कमरे में बंद पड़ी मशीन के पार्ट भी खुल गए हैं। अगर यही हाल रहा तो जल्द ही मशीन कबाड़ हो जाएगी।
सीएचसी पर आए रामकरन, राजकुमार आदि ने बताया कि अगर हेल्थ एटीएम चलता तो तत्काल जांच रिपोर्ट मिल जाती है। विभाग को इसे सही कराना चाहिए।
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अगर यह एटीएम चालू रहता तो मरीजों को एक मिनट में जांच रिपोर्ट मिल जाती है। ये हेल्थ एटीएम अस्पताल के कमरे में पड़े-पड़े कबाड़ हो रही हैं, इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
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सीएचसी खलीलाबाद, सीएचसी मेंहदावल, पीएचसी बघौली और रोसया बाजार, सीएचसी सेमरियावां समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल नौ हेल्थ एटीएम तीन साल पूर्व आई थीं। इन हेल्थ एटीएम को अस्पतालों पर लगाया गया ताकि मरीजों की विभिन्न प्रकार की जांच हो और तत्काल रिपोर्ट मिल सके। इस मशीन से शुगर, बीपी, टायफाइड, मलेरिया समेत अन्य जांच की सुविधा मिलनी थी लेकिन मशीन चालू नहीं हुईं।
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बताया जा रहा है कि एक हेल्थ मशीन की कीमत करीब पांच लाख रुपये है। यह मशीन अस्पताल के कमरे में बंद हैं। यही नहीं इन मशीनों को चलाने के लिए कोई टेक्नीशियन भी नहीं हैं। सीएचसी खलीलाबाद पर कमरे में बंद पड़ी मशीन के पार्ट भी खुल गए हैं। अगर यही हाल रहा तो जल्द ही मशीन कबाड़ हो जाएगी।
सीएचसी पर आए रामकरन, राजकुमार आदि ने बताया कि अगर हेल्थ एटीएम चलता तो तत्काल जांच रिपोर्ट मिल जाती है। विभाग को इसे सही कराना चाहिए।