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सांथा के मेंहदूपार में कोटेदार के चुनाव में हंगामा, पुलिस ने चटकाईं लाठियां
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सांथा के मेंहदूपार में कोटेदार के चुनाव में हंगामा, पुलिस ने चटकाईं लाठियां
धर्मसिंहवा। विकास खंड सांथा के मेंहदूपार में शनिवार को कोटेदार के चुनाव की प्रक्रिया के दौरान जमकर हंगामा हुआ। सक्षम अधिकारी का चरित्र प्रमाण न होने के कारण आवेदन निरस्त किए जाने पर एक दावेदार के समर्थक आग बबूला हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठी भांजनी पड़ी।
क्षेत्र के मेंहदूपार में दो बार बैठक रद्द होने के बाद पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शनिवार को कोटेदार का चुनाव होना था। नामित अधिकारी सहायक विकास अधिकारी कृषि राधेश्याम मिश्रा प्राथमिक विद्यालय मेंहदूपार पहुंचे। उनके साथ सचिव सतीश कुमार, प्रमोद कुमार और अभिषेक रावत थे। कोटेदार के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। बजरंगबली स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष का आवेदन अपूर्ण होने के कारण समूह का प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया।
व्यक्तिगत आवेदन की बारी आई। इसमें शबनम बेगम पत्नी आफाक अहमद व सुशीला पत्नी बृजेश ने आवेदन दिया। अधिकारियों ने दोनों के अभिलेखों को जांच की। सुशीला पत्नी बृजेश के आवेदन को यह कहकर निरस्त कर दिया कि उनमें डीएम की ओर से निर्गत चरित्र प्रमाणपत्र नहीं है। इस पर सुशीला के समर्थकों व समूह की महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। महिलाओं ने कुछ सरकारी अभिलेख भी फाड़ दिए। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठियां भांजी। हंगामा कर रहे लोग भागने लगे। बजरंग बली समूह के सदस्यों व सुशीला का आरोप था कि उनके आवेदन को गलत तरीके से निरस्त किया गया है। चरित्र प्रमाणपत्र चुनाव के बाद भी शामिल किया जा सकता था। उधर, सुशीला के पति बृजेश मनमानी करने का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए। उन्हें पुलिस ने हटा दिया। पुलिस ने चुनाव अधिकारियों को भीड़ से बचाकर ब्लॉक मुख्यालय पहुंचाया। एडीओ कृषि राधेश्याम मिश्र ने बताया कि शबनम बेगम को निर्विरोध कोटेदार चुन लिया गया है। एसओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि अभिलेख फाड़ने की कोई तहरीर नहीं मिली है। हंगामा रोकने व भीड़ हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया। अब वहां पर पूर्णरूप से शांति है।
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धर्मसिंहवा। विकास खंड सांथा के मेंहदूपार में शनिवार को कोटेदार के चुनाव की प्रक्रिया के दौरान जमकर हंगामा हुआ। सक्षम अधिकारी का चरित्र प्रमाण न होने के कारण आवेदन निरस्त किए जाने पर एक दावेदार के समर्थक आग बबूला हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठी भांजनी पड़ी।
क्षेत्र के मेंहदूपार में दो बार बैठक रद्द होने के बाद पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शनिवार को कोटेदार का चुनाव होना था। नामित अधिकारी सहायक विकास अधिकारी कृषि राधेश्याम मिश्रा प्राथमिक विद्यालय मेंहदूपार पहुंचे। उनके साथ सचिव सतीश कुमार, प्रमोद कुमार और अभिषेक रावत थे। कोटेदार के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। बजरंगबली स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष का आवेदन अपूर्ण होने के कारण समूह का प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया।
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व्यक्तिगत आवेदन की बारी आई। इसमें शबनम बेगम पत्नी आफाक अहमद व सुशीला पत्नी बृजेश ने आवेदन दिया। अधिकारियों ने दोनों के अभिलेखों को जांच की। सुशीला पत्नी बृजेश के आवेदन को यह कहकर निरस्त कर दिया कि उनमें डीएम की ओर से निर्गत चरित्र प्रमाणपत्र नहीं है। इस पर सुशीला के समर्थकों व समूह की महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। महिलाओं ने कुछ सरकारी अभिलेख भी फाड़ दिए। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठियां भांजी। हंगामा कर रहे लोग भागने लगे। बजरंग बली समूह के सदस्यों व सुशीला का आरोप था कि उनके आवेदन को गलत तरीके से निरस्त किया गया है। चरित्र प्रमाणपत्र चुनाव के बाद भी शामिल किया जा सकता था। उधर, सुशीला के पति बृजेश मनमानी करने का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए। उन्हें पुलिस ने हटा दिया। पुलिस ने चुनाव अधिकारियों को भीड़ से बचाकर ब्लॉक मुख्यालय पहुंचाया। एडीओ कृषि राधेश्याम मिश्र ने बताया कि शबनम बेगम को निर्विरोध कोटेदार चुन लिया गया है। एसओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि अभिलेख फाड़ने की कोई तहरीर नहीं मिली है। हंगामा रोकने व भीड़ हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया। अब वहां पर पूर्णरूप से शांति है।
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