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राजकीय वाहन चालकों ने नहीं किया काम
Sant Kabir Nagar
Updated Tue, 20 Sep 2016 12:03 AM IST
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अपनी मांगो को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते राजकीय वाहन चालक संघ के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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राजकीय वाहन चालक महासंघ के पदाधिकारियों ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर सोमवार को हड़ताल पर रहे। इस दौरान वाहन चालकों ने कलेक्ट्रेट पर पहुंच कर प्रदर्शन किया और सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। सरकारी चालकों के हड़ताल पर जाने के कारण सरकारी वाहन नहीं चले। ऐसे में अफसरों को निजी या प्राइवेट वाहनों से दफ्तर से दफ्तर आना पड़ा। वहीं इस हड़ताल से डीएम की गाड़ी और एंबुलेंस चालक बाहर रहे।
संघ के जिलाध्यक्ष जय सिंह और महामंत्री प्रेम प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि वाहन चालक संवर्ग के संवर्गी ढांचे का पुनर्गठन किया जाए। वाहन चालकों को टेक्निकल घोषित किया जाए। इसके साथ ही वाहन चालकों की प्रथम नियुक्ति की शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल, आईटीआई का होना अनिवार्य हो। सभी राजकीय वाहनों का बीमा कराया जाए। पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए।
कहा कि ठेकेदार प्रथा के माध्यम से राजकीय वाहन चालकों की भर्ती पर रोक लगे। इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण वाहन चालकों को 20 प्रतिशत लिपिक व अन्य संवर्ग में कार्य करने का अवसर दिया जाए। चेतावनी दी कि मांगंे पूरी होते तक आंदोलन जारी रहेगा।
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इस अवसर पर अमरनाथ, सुशील, रामचरन, रामकिशोर, सुरेश यादव, रामनवल, मुहम्मद अकरम, मनीराम, सुभाष चंद, पंकज मिश्रा, बेचन प्रसाद समेत कई अन्य वाहन चालक मौजूद रहे।
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संघ के जिलाध्यक्ष जय सिंह और महामंत्री प्रेम प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि वाहन चालक संवर्ग के संवर्गी ढांचे का पुनर्गठन किया जाए। वाहन चालकों को टेक्निकल घोषित किया जाए। इसके साथ ही वाहन चालकों की प्रथम नियुक्ति की शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल, आईटीआई का होना अनिवार्य हो। सभी राजकीय वाहनों का बीमा कराया जाए। पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए।
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कहा कि ठेकेदार प्रथा के माध्यम से राजकीय वाहन चालकों की भर्ती पर रोक लगे। इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण वाहन चालकों को 20 प्रतिशत लिपिक व अन्य संवर्ग में कार्य करने का अवसर दिया जाए। चेतावनी दी कि मांगंे पूरी होते तक आंदोलन जारी रहेगा।
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इस अवसर पर अमरनाथ, सुशील, रामचरन, रामकिशोर, सुरेश यादव, रामनवल, मुहम्मद अकरम, मनीराम, सुभाष चंद, पंकज मिश्रा, बेचन प्रसाद समेत कई अन्य वाहन चालक मौजूद रहे।