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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   God's name does Ibdta agree--

खुदा का नाम लेकर इब्दता करती हूं--

Sat, 16 Jan 2016 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ संतकबीरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ संतकबीरनगर Updated Sat, 16 Jan 2016 11:40 PM IST
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कार्यक्रम की शुरुआत कव्वाल फिरोज शोला ने अपने अंदाज में कुछ यूं किया,जिसके बोल थे- खुदा को भूलने वाले जमी आबादन होगी, तमन्ना तेरे दिल की हरगिज शादन होगी।
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 इसके बाद कव्वाल ने नातिया कलाम पेश किया ,जिसके बोल थे- मोहब्बत के अश्को को पीना सिखाया, मोहम्मद ने उम्मत को जीना सिखाया, गवाही दे रहे है दो जहां के नजारे, सुनो कह रहे है ये कुरआं के पारे ।
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 इसके बाद  मुंबई से आई कव्वाला रुख्सार आरजू साबरी ने कलाम पेश किया, इसके  बोल थे-  खुदा का नाम लेकर इब्दता करती हूं, रखेंगे लाज वो मेरेे यहीं इल्तजा करती हूं।
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 फिरोज शोला वारसी ने फिर कव्वाली को रंग देना शुरू किया, जिसे सुनकर श्रोता झूम उठे। इसके बाद गजल पेश किया,जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। बोल थे- इश्क से दुश्मनी ले रही है, हुस्न से बद्दुआ ले रही है---।
  जवाब में कव्वाला रुख्सार आरजू ने भी एक खूबसूरत गजल पेश किया, जिस पर पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। जिसके बोल थे जिंदगी में प्यार की बरसात हो गई, जब से तेरी मेरी मुलाकात हो गई।
 इसके जवाब में फिर फिरोज शोला ने गजल सुनाया, इसके बोल थे- आंखों में उसने उतर कर नहीं देखा, कश्ती के मुसाफिर ने संमुदर नहीं देखा, पत्थर समझता है मुझे चाहने वाला, मै मोम थी उसने मुझे छू कर नहीं देखा। इस दौरान तहसीलदार मेंहदावल इंद्रभान तिवारी, प्रदीप कन्नौजिया, नासिर अली, वेद प्रकाश चौबे, जिया अंसारी, डॉक्टर हरिशरण शास्त्री, राम सेकव दास, मेंहदी हसन, बबलू खान,धर्मेंद्र यादव आदि उपस्थित रहे।

महोत्सव में सूफी भजन के जरिए बांधा समां
अमर उजाला ब्यूरो
मगहर। महोत्सव में सूफी भजन का कार्यक्रम हुआ। इसमें सूफी कलाम पेश किए गए जो श्रोताओं को काफी पसंद आए।
कार्यक्रम की शुरूआत सत्यम शिवम् सुंदरम् गीत प्रस्तुत कर गायिका प्रियंका चौहान ने की।
  इसके बाद सूफी भजन गायक एवं सहजनवां में चकबंदी लेखपाल विनय कुमार भट्ट ने कबीर पर आधारित भजन गुरुवर हम भी शरणागत है, स्वीकार करो तो जाने सुनाकर लोगों को भाव विभोर कर दिया।\

  इसके बाद जिसको जीवन में मिला सत्संग है, उसको हर घड़ी आनंद ही आनंद है। काशी जाओं मथुरा जाओं, न जाओं हरिद्वार सुनाकर समां बांध दिया।
इसके बाद मेरा कोई न सहारा बिन तेरे, गुरुदेव सवरियां मेरे सुनाकर कबीर भक्ति को बताया। ओम प्रकाश त्रिपाठी ने सफी भजन हमारे गुरू पुरन व ऐरी सखी मोरे पिया घर आए सुनाकर पंडाल को बैठे लोगों को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर दिया। 
 इस अवसर पर विद्या सिंह, बृज बिहारी दुबे, असीम कुमार राय, गौरव कृष्ण ने भी सूफी भजन प्रस्तुत कर लोगों को भावविभोर कर दिया।


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