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बोल्डर ने रोक दी कटान, अफसरों ने ली राहत की सांस
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घाघरा नदी की कटान को रोकने के लिए बिछाए जा रहे बोल्डर।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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बोल्डर ने रोक दी कटान, अफसरों ने ली राहत की सांस
बोल्डर डाल कर सिंचाई विभाग ने कटान को रोका
डीएम और एसपी ने कटानस्थल का निरीक्षण किया
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी की कटान से एमबीडी बांध पर आए संकट के बादल कटते नजर आने लगे रहे हैं। रविवार की देर शाम तक काबू से बाहर होती जा रही कटान सोमवार की सुबह थमती नजर आने लगी। बंधे से बमुश्किल तीन मीटर की दूरी पर नदी द्वारा की जा रही कटान को बोल्डर से रोक कर देर शाम तक सिंचाई विभाग ने करीब 10 मीटर दूर कर दिया।
तुर्कवलिया नायक के पास घाघरा नदी एक माह से कटान करते हुए एमबीडी बांध तक पहुंच चुकी थी। कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग 15 दिनों से नदी में बोरी भरी बालू व मिट्टी बोरी में भरकर डाल रहा था, लेकिन कटान रुकने की जगह बढ़ते हुए बांध तक पहुंच गई। इससे ग्रामीण भयभीत होकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर तरह-तरह का आरोप लगाते हुए बोल्डर से कटान रोके जाने की मांग कर रहे थे। रविवार की सुबह जब बंधे पर खतरा बढ़ने लगा तो सिंचाई विभाग ने बोल्डर का प्रयोग करना शुरू किया। इसका परिणाम भी सुखद निकलता दिखने लगा है। रविवार की आधी रात तक जो कटान नियंत्रण से कोसों दूर थी, वह रुकने लगी और विभाग के लोग सोमवार की देर शाम तक कटान स्थल पर करीब 10 मीटर तक बोल्डर डालने में कामयाबी का दावा करने लगे। सोमवार की शाम जिलाधिकारी दिव्या मित्तल और एसपी डॉक्टर कौस्तुभ कटान स्थल पर पहुंचकर इस स्थिति का जायजा लिया। गांव वालों का कहना है कि यहां तो कटान थमने लगी है लेकिन 200 मीटर पश्चिम बाबूलाल के मड़ई के सामने नदी ने तेजी के साथ कटान करना शुरू कर दिया है। गांववालों ने बताया कि नदी की मुख्य धारा एक साल पहले आंबेडकर नगर जिले की सीमा में बहती थी। इस समय पूरी धारा संत कबीर नगर जिले में बहने लगी है। जो यहां के लोगों के लिए शुभ संकेत नहीं है।
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बोल्डर डाल कर सिंचाई विभाग ने कटान को रोका
डीएम और एसपी ने कटानस्थल का निरीक्षण किया
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी की कटान से एमबीडी बांध पर आए संकट के बादल कटते नजर आने लगे रहे हैं। रविवार की देर शाम तक काबू से बाहर होती जा रही कटान सोमवार की सुबह थमती नजर आने लगी। बंधे से बमुश्किल तीन मीटर की दूरी पर नदी द्वारा की जा रही कटान को बोल्डर से रोक कर देर शाम तक सिंचाई विभाग ने करीब 10 मीटर दूर कर दिया।
तुर्कवलिया नायक के पास घाघरा नदी एक माह से कटान करते हुए एमबीडी बांध तक पहुंच चुकी थी। कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग 15 दिनों से नदी में बोरी भरी बालू व मिट्टी बोरी में भरकर डाल रहा था, लेकिन कटान रुकने की जगह बढ़ते हुए बांध तक पहुंच गई। इससे ग्रामीण भयभीत होकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर तरह-तरह का आरोप लगाते हुए बोल्डर से कटान रोके जाने की मांग कर रहे थे। रविवार की सुबह जब बंधे पर खतरा बढ़ने लगा तो सिंचाई विभाग ने बोल्डर का प्रयोग करना शुरू किया। इसका परिणाम भी सुखद निकलता दिखने लगा है। रविवार की आधी रात तक जो कटान नियंत्रण से कोसों दूर थी, वह रुकने लगी और विभाग के लोग सोमवार की देर शाम तक कटान स्थल पर करीब 10 मीटर तक बोल्डर डालने में कामयाबी का दावा करने लगे। सोमवार की शाम जिलाधिकारी दिव्या मित्तल और एसपी डॉक्टर कौस्तुभ कटान स्थल पर पहुंचकर इस स्थिति का जायजा लिया। गांव वालों का कहना है कि यहां तो कटान थमने लगी है लेकिन 200 मीटर पश्चिम बाबूलाल के मड़ई के सामने नदी ने तेजी के साथ कटान करना शुरू कर दिया है। गांववालों ने बताया कि नदी की मुख्य धारा एक साल पहले आंबेडकर नगर जिले की सीमा में बहती थी। इस समय पूरी धारा संत कबीर नगर जिले में बहने लगी है। जो यहां के लोगों के लिए शुभ संकेत नहीं है।
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