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Sant Kabir Nagar News: आज से शिवालयों में गूजेंगे शिव के जयकारे
Mon, 22 Jul 2024 01:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 22 Jul 2024 01:24 AM IST
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- तामेश्वरनाथ धाम में दो माह तक चलेगी भगवान शिव की पूजा-आराधना
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सावन के पहले सोमवार को जिले के ऐतिहासिक तामेश्वरनाथ धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे। शिव की पूजा आराधना के लिए सोमवार से ही शिव भक्त जलाभिषेक की तैयारी में जुट गए हैं।
फूल, बेलपत्र सहित अन्य पूजा की सामग्री के इंतजाम के साथ ही श्रद्धालु मंदिर जाने की तैयारी में लगे हुए हैं। दो माह तक चलने वाले मेले में कांवड़ियों का जत्था भी शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए सरयू नदी से जल लेकर मंदिर पहुंचेगा। हर साल की तरह इस साल भी सावन महीने में तामेश्वरनाथ धाम में श्रद्धालुओं का जमावड़ा होगा। रविवार को मंदिर को सजाने का कार्य किया गया है। साथ ही लाइट का प्रबंध हुआ है।
पांडवों ने की थी शिवलिंग की स्थापना
स्थानीय लोगों के मुताबिक तामेश्वरनाथ धाम का शिव मंदिर महाभारत कालीन है। पूर्व प्रधान नरेंद्र नाथ भारती ने बताया कि तामेश्वरनाथ धाम में शिवलिंग की स्थापना पांडवों ने की थी। बताया कि अज्ञातवास के दौरान पांडव माता कुंती के साथ कुछ दिनों के लिए यहां रूके थे, तब यह क्षेत्र जंगल था, जो महाराज विराज के साम्राज्य की सीमा में था। मान्यताओं के अनुसार महात्मा बुद्ध ने तामेश्वरनाथ धाम में ही मुंडन संस्कार कराया था और अपने राजसी वस्त्र का त्याग भी किया था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सावन के पहले सोमवार को जिले के ऐतिहासिक तामेश्वरनाथ धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे। शिव की पूजा आराधना के लिए सोमवार से ही शिव भक्त जलाभिषेक की तैयारी में जुट गए हैं।
फूल, बेलपत्र सहित अन्य पूजा की सामग्री के इंतजाम के साथ ही श्रद्धालु मंदिर जाने की तैयारी में लगे हुए हैं। दो माह तक चलने वाले मेले में कांवड़ियों का जत्था भी शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए सरयू नदी से जल लेकर मंदिर पहुंचेगा। हर साल की तरह इस साल भी सावन महीने में तामेश्वरनाथ धाम में श्रद्धालुओं का जमावड़ा होगा। रविवार को मंदिर को सजाने का कार्य किया गया है। साथ ही लाइट का प्रबंध हुआ है।
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पांडवों ने की थी शिवलिंग की स्थापना
स्थानीय लोगों के मुताबिक तामेश्वरनाथ धाम का शिव मंदिर महाभारत कालीन है। पूर्व प्रधान नरेंद्र नाथ भारती ने बताया कि तामेश्वरनाथ धाम में शिवलिंग की स्थापना पांडवों ने की थी। बताया कि अज्ञातवास के दौरान पांडव माता कुंती के साथ कुछ दिनों के लिए यहां रूके थे, तब यह क्षेत्र जंगल था, जो महाराज विराज के साम्राज्य की सीमा में था। मान्यताओं के अनुसार महात्मा बुद्ध ने तामेश्वरनाथ धाम में ही मुंडन संस्कार कराया था और अपने राजसी वस्त्र का त्याग भी किया था।
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