{"_id":"5dc98b278ebc3e5b530c9706","slug":"fraund-in-built-in-toilet-order-for-recovery-khalilabad-news-gkp3288703117","type":"story","status":"publish","title_hn":"शौचालय निर्माण में 13 लाख 32 हजार का घपला उजागर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शौचालय निर्माण में 13 लाख 32 हजार का घपला उजागर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शौचालय निर्माण में 13 लाख 32 हजार का घपला उजागर
- दोषी प्रधान और सचिव से आधी-आधी रकम वसूलने का निर्देश पत्र हुआ जारी
- 111 शौचालयों की रकम डकारने के दोषी पाए गए प्रधान-सचिव
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। विकास खंड पौली के मड़पौना गांव में शौचालय निर्माण में हुई जांच में 13 लाख 32 हजार रुपये का घपला उजागर हुआ है। डीएम ने घपले के दोषी प्रधान और सचिव से आधी-आधी रकम की वसूली कराए जाने का निर्देश पत्र जारी किया है।
डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि विकास खंड पौली के मडपौना गांव में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत बनवाएं गए शौचालयों की जांच 27 जून को कराई गई। जांच के दौरान पाया गया कि 749 शौचालयों की धनराशि 12000 रुपये की दर से ग्राम निधि के खाते में भेजी गई थी। जिसके सापेक्ष 77 शौचालय पूर्ण पाए और छह शौचालय अपूर्ण व दो शौचालय ध्वस्त पाए गए। जबकि 11 शौचालयों का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं पाया गया। जबकि 358 शौचालयों की धनराशि लाभार्थियों के खाते में भेजी गई थी। जिसके सापेक्ष 280 शौचालय पूर्ण, 29 अपूर्ण, दो ध्वस्त और 47 शुरू नहीं पाए गए। ग्राम पंचायत के जरिए 94 शौचालयों की धनराशि खाते से आहरित या आरटीजीएस किया गया, लेकिन प्रधान और सचिव की ओर से उसका विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके साथ न ही शौचालयों का निर्माण कराया गया। जबकि 111 शौचालयों की धनराशि 13 लाख 32 हजार रुपये का दुरुपयोग करने में प्रधान व सचिव दोषी पाए गए। 15 अक्तूबर को ग्राम प्रधान श्रीमती राजुल और सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी की गई। 15 दिने के भीतर स्पष्टीकरण उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया गया लेकिन प्रधान और सचिव की ओर से जवाब नहीं दिया गया। डीपीआरओ ने बताया कि डीएम की ओर से प्रधान से 6 लाख 66 हजार और सचिव से 6 लाख 66 हजार रुपये वसूली का आदेश पत्र निर्गत किया गया।
विज्ञापन
- दोषी प्रधान और सचिव से आधी-आधी रकम वसूलने का निर्देश पत्र हुआ जारी
- 111 शौचालयों की रकम डकारने के दोषी पाए गए प्रधान-सचिव
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। विकास खंड पौली के मड़पौना गांव में शौचालय निर्माण में हुई जांच में 13 लाख 32 हजार रुपये का घपला उजागर हुआ है। डीएम ने घपले के दोषी प्रधान और सचिव से आधी-आधी रकम की वसूली कराए जाने का निर्देश पत्र जारी किया है।
डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि विकास खंड पौली के मडपौना गांव में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत बनवाएं गए शौचालयों की जांच 27 जून को कराई गई। जांच के दौरान पाया गया कि 749 शौचालयों की धनराशि 12000 रुपये की दर से ग्राम निधि के खाते में भेजी गई थी। जिसके सापेक्ष 77 शौचालय पूर्ण पाए और छह शौचालय अपूर्ण व दो शौचालय ध्वस्त पाए गए। जबकि 11 शौचालयों का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं पाया गया। जबकि 358 शौचालयों की धनराशि लाभार्थियों के खाते में भेजी गई थी। जिसके सापेक्ष 280 शौचालय पूर्ण, 29 अपूर्ण, दो ध्वस्त और 47 शुरू नहीं पाए गए। ग्राम पंचायत के जरिए 94 शौचालयों की धनराशि खाते से आहरित या आरटीजीएस किया गया, लेकिन प्रधान और सचिव की ओर से उसका विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके साथ न ही शौचालयों का निर्माण कराया गया। जबकि 111 शौचालयों की धनराशि 13 लाख 32 हजार रुपये का दुरुपयोग करने में प्रधान व सचिव दोषी पाए गए। 15 अक्तूबर को ग्राम प्रधान श्रीमती राजुल और सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी की गई। 15 दिने के भीतर स्पष्टीकरण उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया गया लेकिन प्रधान और सचिव की ओर से जवाब नहीं दिया गया। डीपीआरओ ने बताया कि डीएम की ओर से प्रधान से 6 लाख 66 हजार और सचिव से 6 लाख 66 हजार रुपये वसूली का आदेश पत्र निर्गत किया गया।
विज्ञापन