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Sant Kabir Nagar News: फोरेंसिक लैब ने खड़े किए हाथ, अब डॉक्टरों का पैनल बतागा गर्भ था या नहीं

Wed, 23 Aug 2023 11:37 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Wed, 23 Aug 2023 11:37 PM IST
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Forensic lab raised its hands, now the panel of doctors will tell whether it was pregnant or not
दो अगस्त के अंक में छपी खबर।
महुली क्षेत्र की किशोरी की मौत का मामला
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पोस्टमार्टमकर्ता डॉक्टरों का पैनल नहीं बता पाया था कि किशोरी गर्भवती थी अथवा नहीं
सीओ धनघटा की रिपोर्ट पर सीएमओ ने सीएमएस की अध्यक्षता में गठित की चार सदस्यीय टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। महुली क्षेत्र की किशोरी की मौत मामले की विवेचना में आगे नहीं बढ़ पा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके गर्भवती होने या नहीं होने का जिक्र नहीं है। जबकि, इस मामले में गर्भपात के बाद अधिक रक्तस्राव से मौत का केस दर्ज है। पुलिस ने फोरेंसिक लैब गोरखपुर को पोस्टमार्टम रिपोर्ट भेजकर यह पता लगाने की कोशिश की कि किशोरी गर्भवती थी अथवा नहीं। फोरेंसिक लैब के लोग भी यह जानकारी दे पाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। अब सीएमओ की ओर से गठित डॉक्टरों का पैनल तय करेगा कि किशोरी गर्भवती थी अथवा नहीं। उसके बाद ही विवेचना आगे बढ़ पाएगी।
महुली क्षेत्र की रहने वाली 14 साल की किशोरी घर की गरीबी की वजह से गांव के 55 साल के आरोपी के घर काम-काज करने जाती थी। इसी बीच आरोपी ने किशोरी से अवैध संबंध स्थापित कर लिया था। किशोरी गर्भवती हो गई तो आरोपी ने 30 जुलाई को किशोरी का गर्भपात करा दिया। अधिक रक्तस्राव की वजह से एक अगस्त को किशोरी की मौत हो गई थी। घटना से अनभिज्ञ परिजनों ने किशोरी के शव को कुआनो नदी के किनारे दफन कर दिया। बाद में घटना की जानकारी होने पर पीड़ित पिता ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, गर्भपात कराने, गैरइरादतन हत्या, एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कराया।
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डीएम के आदेश पर पुलिस ने मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में शव को कब्र से निकलवा कर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ और विसरा सुरक्षित कर दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का जिक्र नहीं है कि किशोरी गर्भवती थी अथवा नहीं। इधर, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने खलीलाबाद में रहने वाली एक स्टॉफ नर्स से गर्भपात कराने की जानकारी दी। पुलिस ने आरोपी के साथ स्टॉफ नर्स को भी गिरफ्तार कर जेल भेजवा दिया। किशोरी के गर्भवती होने अथवा नहीं होने की जानकारी नहीं होने से पुलिस की विवेचना में पेच फंस गया है। विवेचक सीओ धनघटा ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला गोरखपुर को रिपोर्ट भेजकर यह जानकारी हासिल करने की कोशिश की कि किशोरी गर्भवती थी अथवा नहीं। वहां से आए जवाब में सिर्फ बताया गया है कि यहां मौत का कारण स्पष्ट होगा, गर्भवती थी कि नहीं यह डॉक्टर ही बताएंगे। अब, सीओ ने सीएमओ को पत्र भेजकर डॉक्टरों के पैनल से किशोरी के गर्भवती होने अथवा नहीं होने की जानकारी दिलाने का अनुरोध किया है।
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इंसेट
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी की मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। विसरा सुरक्षित है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने रिपोर्ट में यह नहीं बताया कि किशोरी गर्भवती थी अथवा नहीं। विधि विज्ञान प्रयोगशाला गोररखपुर ने भी यह जानकारी देने से हाथ खड़े कर लिए। विसरा की जांच से सिर्फ मौत का कारण पता होगा। गर्भ था या नहीं, यह जानकारी हासिल करने के लिए सीएमओ को पत्र भेजा गया है। सीएमओ से मांग की गई है कि डॉक्टरों का पैनल गठित कर उक्त जानकारी दिलाएं, जिससे केस की विवेचना पूरी की जा सके। -ब्रजेश सिंह, सीओ धनघटा

इंसेट
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों को यह स्पष्ट कर देना चाहिए था कि किशोरी गर्भवती थी अथवा नहीं। सीओ धनघटा का पत्र मिला है। सीएमएस डॉक्टर महेश प्रसाद, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रवि और पोस्टमार्टमकर्ता दोनों डॉक्टरों का पैनल गठित कर दिया गया है। किशोरी के यूटरस की जांच कर डॉक्टरों का पैनल यह तय करेगा कि किशोरी गर्भवती थी या नहीं। जैसी स्थिति होगी, सीओ को रिपोर्ट के माध्यम से अवगत करा दिया जाएगी। -अनिरुद्ध सिंह, सीएमओ
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