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Sant Kabir Nagar News: नौकरी दिलाने के नाम पर 5.24 लाख की ठगी, आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज
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मेंहदावल। नौकरी दिलाने का झांसा देकर 5.24 लाख रुपये की ठगी करने और विरोध करने पर गाली देते हुए जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर एक व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
थाना क्षेत्र के मईला गांव निवासी रामनिवास ने आरोप लगाया कि नई बाजार निवासी शमशाद अहमद ने एक संस्था के माध्यम से उसे ब्लॉक कोऑर्डिनेटर की नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके एवज में पहले 75 हजार रुपये नकद लिए गए। यह रकम पीड़ित ने अपने बड़े भाई की पत्नी के नाम पर एक निजी बैंक से ऋण लेकर दी थी। इसके बाद आरोपित ने फर्जी पहचान पत्र बनवाकर बखिरा स्थित अमर शहीदा इंटर कॉलेज में प्रशिक्षण भी कराया।
पीड़ित का आरोप है कि प्रशिक्षण के बाद जिला कोऑर्डिनेटर बनाने के नाम पर 49,500 रुपये और मांगे गए, जिन्हें उसने स्वयं और परिचितों से उधार लेकर ऑनलाइन भेज दिया। इसके बाद गोरखपुर मंडल कोऑर्डिनेटर के पद पर नियुक्ति का झांसा देकर 2.50 लाख रुपये और ले लिए। आरोप है कि इस पद पर 52 हजार रुपये मासिक वेतन मिलने का दावा किया गया था।
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रामनिवास के अनुसार, आरोपित ने उसके रिश्तेदार राहुल निवासी सेन्हुमा, थाना मिश्रौलिया, सिद्धार्थनगर को भी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 1.50 लाख रुपये वसूले। इसमें 75 हजार रुपये ऑनलाइन और 75 हजार रुपये नकद दिए गए। इस तरह कुल 5.24 लाख रुपये लिए गए।
नियुक्ति नहीं होने पर रकम वापस मांगने पर आरोपित ने अलग-अलग किस्तों में 3.05 लाख रुपये ऑनलाइन लौटा दिए, लेकिन शेष राशि वापस नहीं की। पीड़ित का आरोप है कि आठ मार्च को शिकायत के लिए मेंहदावल थाने जाने के बाद बाहर निकलते ही आरोपित ने उसे घेर लिया और गाली देते हुए जान से मारने की धमकी दी।
प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया है। विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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थाना क्षेत्र के मईला गांव निवासी रामनिवास ने आरोप लगाया कि नई बाजार निवासी शमशाद अहमद ने एक संस्था के माध्यम से उसे ब्लॉक कोऑर्डिनेटर की नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके एवज में पहले 75 हजार रुपये नकद लिए गए। यह रकम पीड़ित ने अपने बड़े भाई की पत्नी के नाम पर एक निजी बैंक से ऋण लेकर दी थी। इसके बाद आरोपित ने फर्जी पहचान पत्र बनवाकर बखिरा स्थित अमर शहीदा इंटर कॉलेज में प्रशिक्षण भी कराया।
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पीड़ित का आरोप है कि प्रशिक्षण के बाद जिला कोऑर्डिनेटर बनाने के नाम पर 49,500 रुपये और मांगे गए, जिन्हें उसने स्वयं और परिचितों से उधार लेकर ऑनलाइन भेज दिया। इसके बाद गोरखपुर मंडल कोऑर्डिनेटर के पद पर नियुक्ति का झांसा देकर 2.50 लाख रुपये और ले लिए। आरोप है कि इस पद पर 52 हजार रुपये मासिक वेतन मिलने का दावा किया गया था।
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रामनिवास के अनुसार, आरोपित ने उसके रिश्तेदार राहुल निवासी सेन्हुमा, थाना मिश्रौलिया, सिद्धार्थनगर को भी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 1.50 लाख रुपये वसूले। इसमें 75 हजार रुपये ऑनलाइन और 75 हजार रुपये नकद दिए गए। इस तरह कुल 5.24 लाख रुपये लिए गए।
नियुक्ति नहीं होने पर रकम वापस मांगने पर आरोपित ने अलग-अलग किस्तों में 3.05 लाख रुपये ऑनलाइन लौटा दिए, लेकिन शेष राशि वापस नहीं की। पीड़ित का आरोप है कि आठ मार्च को शिकायत के लिए मेंहदावल थाने जाने के बाद बाहर निकलते ही आरोपित ने उसे घेर लिया और गाली देते हुए जान से मारने की धमकी दी।
प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया है। विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।