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शासन ने किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेेने का लिया निर्णय

Thu, 16 Sep 2021 10:57 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Sep 2021 10:57 PM IST
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farmar found relief
शासन ने किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेेने का लिया निर्णय
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दो साल में पराली जलाने के दर्ज हुए थे 63 मुकदमे
90 से अधिक किसान बनाए गए थे आरोपी
लापरवाही में 13 कर्मचारियों को दी गई थी प्रतिकूल प्रवृष्टि
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। पराली जलाने के मामले में दो साल में 63 मुकदमे दर्ज हुए हैं। जिसमें 90 से अधिक लोग आरोपी बनाए गए हैं। शासन ने पराली जलाने के मामले में किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने का निर्णय लिया है। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जग गई है। वैसे प्रशासन ने अभी तक इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं होने की बात बताई है।

खेतों में फसल अवशेष जलाने पर रोक है। ऐसा करने वालों के खिलाफ प्रशासन के जरिए केस दर्ज कराया जाता है। खरीफ वर्ष 2019 में खलीलाबाद, बघौली, सेमरियावां, सांथा, मेंहदावल, बेलहर कला, पौली, नाथनगर और हैंसर बाजार ब्लॉक क्षेत्र में पराली जलाने के 50 मामले सामने आए थे। इसमें खलीलाबाद तहसील क्षेत्र में 15, मेंहदावल तहसील क्षेत्र में 28 और धनघटा तहसील क्षेत्र में 16 घटनाएं हुई थीं। जबकि खरीफ वर्ष 2020 में जिले में 44 घटनाएं हुई थीं। जिसमें खलीलाबाद तहसील में 32, मेंहदावल तहसील में सात और धनघटा तहसील में पांच घटनाएं हुई थीं। प्रशासन की ओर से वर्ष 2019 में पराली जलाने के 33 मुकदमे और वर्ष 2020 में 30 मुकदमे दर्ज कराए गए थे। जबकि 59 किसानों को नोटिस निर्गत की गई थी। किसानों से पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में वित्तीय वर्ष 2019 में 1.42 लाख और वर्ष 2020 में 2.175 लाख की वसूली भी की गई थी। दो वर्षों में 24 कंबाइन मशीन धारकों को नोटिस जारी की गई थी। जबकि पांच मुकदमे दर्ज कराए गए थे। जबकि सात कंबाइन मशीन सीज की गई थी। पराली जलाने से रोकने के मामले में लापरवाही बरतने पर 13 कर्मचारियों को प्रतिकूल प्रवृष्टि दी गई थी। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि किसान खेत में पराली न जलाएं, खेत में मिलाएं। जिससे खेत की उर्वरा शक्ति में वृद्धि हो। किसानों को जागरूक किए जाने के लिए गोष्ठी की जा रही है। पराली जलाने के मामले में किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने के संबंध में वैसे अभी कोई निर्देश पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। शासन का जैसा निर्देश होगा, कार्रवाई की जाएगी। वैसे किसानों से अपील है कि खेतों में पराली न जलाएं।
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