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किसानों की उम्मीद पर खरा नहीं उतर रहा कृषि विज्ञान केंद्र
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पौली में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र बगही।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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किसानों की उम्मीद पर खरा नहीं उतर रहा कृषि विज्ञान केंद्र
- केंद्र से स्थानीय किसानों को नहीं मिल रहा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। जिले के किसानों को उन्नतशील खेती की जानकारी देने के लिए वर्ष 2009-10 में कृषि विज्ञान केंद्र बगही की स्थापना हुई। केंद्र खुला तो किसानों को उम्मीद हुई कि अब वैज्ञानिक तरीके से खेती करके उत्पादन को बढ़ाया जा सकेगा, लेकिन एक दशक बाद भी किसानों के उम्मीद पर कृषि विज्ञान केंद्र खरा उतर नहीं सका है। जिसका नतीजा है कि किसान आज भी पुरानी पद्धति से खेती कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि कृषि विज्ञान केंद्र किस उद्देश्य के लिए खोला गया है। इसकी जानकारी उनको आज तक नहीं हो पाई। कृषि विज्ञान केंद्र पर कभी कभार कृषि वैज्ञानिक आते हैं। लेकिन उनके द्वारा स्थानीय किसानों को कोई भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। छपरा मगरबी, बगही, विशुनपुर, अगापुर गुलरिहा, उमरिया बाजार, कटहा उर्फ भिटहा आदि गांव के किसानों ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र पर जाने पर केवल चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी मिलते हैं।
कृषि वैज्ञानिक कब केंद्र पर रहते हैं इसकी जानकारी स्थानीय किसानों को नहीं है। उन्नतशील खेती करके किसान अधिक से अधिक लाभ ले सके इस उद्देश्य के साथ कृषि विज्ञान केंद्र खोला गया, लेकिन यहां पर कार्यरत कृषि वैज्ञानिकों के हमेशा गायब रहने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर रहा है।
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- कल्पनाथ यादव, किसान
अच्छी खेती करने के लिए किसानों को इस केंद्र से प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। गाय, बकरी, मधुमक्खी पालन करने के साथ ही साग सब्जी के उत्पादन का गुर सिखाया जाना चाहिए। लेकिन इस केंद्र पर कागज में ही किसानों को प्रशिक्षित किया जाता है प्रशिक्षण के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट होता है।
- सुभाष, किसान
कृषि विज्ञान केंद्र बगही से स्थानीय किसानों कोई लाभ नहीं मिलने वाला है। यहां कागज में ही सब कुछ निपटा दिया जाता है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार तरह-तरह का योजना चला रही है। जिसकी जानकारी कृषि वैज्ञानिक से किसानों को मिलना चाहिए, लेकिन किसान इस लाभ से वंचित है।
- मुन्ना, किसान
कृषि विज्ञान केंद्र बगही पर क्या होता है किस उद्देश्य के लिए खोला गया है इसकी जानकारी नहीं है और ना ही कभी उन्नतशील खेती करने का तरीका बताने के लिए कोई आया। पुरानी पद्धति से ही खेती करके जीविकोपार्जन किया जा रहा है।
- खदेरन, किसान
सीमित संसाधनों के साथ कृषि विज्ञान केंद्र जिले के किसानों को अच्छी खेती करने का तौर तरीका बता रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र कि अधिकतर जमीन आज भी समतल नहीं है। कृषि वैज्ञानिक जिले के विभिन्न गांव में पहुंचकर वैज्ञानिक ढंग से खेती करने का तरीका तो लोगों को बताते हैं। केंद्र पर किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
- डॉक्टर अरविंद सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केंद्र
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- केंद्र से स्थानीय किसानों को नहीं मिल रहा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। जिले के किसानों को उन्नतशील खेती की जानकारी देने के लिए वर्ष 2009-10 में कृषि विज्ञान केंद्र बगही की स्थापना हुई। केंद्र खुला तो किसानों को उम्मीद हुई कि अब वैज्ञानिक तरीके से खेती करके उत्पादन को बढ़ाया जा सकेगा, लेकिन एक दशक बाद भी किसानों के उम्मीद पर कृषि विज्ञान केंद्र खरा उतर नहीं सका है। जिसका नतीजा है कि किसान आज भी पुरानी पद्धति से खेती कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि कृषि विज्ञान केंद्र किस उद्देश्य के लिए खोला गया है। इसकी जानकारी उनको आज तक नहीं हो पाई। कृषि विज्ञान केंद्र पर कभी कभार कृषि वैज्ञानिक आते हैं। लेकिन उनके द्वारा स्थानीय किसानों को कोई भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। छपरा मगरबी, बगही, विशुनपुर, अगापुर गुलरिहा, उमरिया बाजार, कटहा उर्फ भिटहा आदि गांव के किसानों ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र पर जाने पर केवल चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी मिलते हैं।
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कृषि वैज्ञानिक कब केंद्र पर रहते हैं इसकी जानकारी स्थानीय किसानों को नहीं है। उन्नतशील खेती करके किसान अधिक से अधिक लाभ ले सके इस उद्देश्य के साथ कृषि विज्ञान केंद्र खोला गया, लेकिन यहां पर कार्यरत कृषि वैज्ञानिकों के हमेशा गायब रहने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर रहा है।
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- कल्पनाथ यादव, किसान
अच्छी खेती करने के लिए किसानों को इस केंद्र से प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। गाय, बकरी, मधुमक्खी पालन करने के साथ ही साग सब्जी के उत्पादन का गुर सिखाया जाना चाहिए। लेकिन इस केंद्र पर कागज में ही किसानों को प्रशिक्षित किया जाता है प्रशिक्षण के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट होता है।
- सुभाष, किसान
कृषि विज्ञान केंद्र बगही से स्थानीय किसानों कोई लाभ नहीं मिलने वाला है। यहां कागज में ही सब कुछ निपटा दिया जाता है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार तरह-तरह का योजना चला रही है। जिसकी जानकारी कृषि वैज्ञानिक से किसानों को मिलना चाहिए, लेकिन किसान इस लाभ से वंचित है।
- मुन्ना, किसान
कृषि विज्ञान केंद्र बगही पर क्या होता है किस उद्देश्य के लिए खोला गया है इसकी जानकारी नहीं है और ना ही कभी उन्नतशील खेती करने का तरीका बताने के लिए कोई आया। पुरानी पद्धति से ही खेती करके जीविकोपार्जन किया जा रहा है।
- खदेरन, किसान
सीमित संसाधनों के साथ कृषि विज्ञान केंद्र जिले के किसानों को अच्छी खेती करने का तौर तरीका बता रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र कि अधिकतर जमीन आज भी समतल नहीं है। कृषि वैज्ञानिक जिले के विभिन्न गांव में पहुंचकर वैज्ञानिक ढंग से खेती करने का तरीका तो लोगों को बताते हैं। केंद्र पर किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
- डॉक्टर अरविंद सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केंद्र