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एक चिकित्सक के भरोसे चल रही पीएचसी
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किस खंड सांथा के रमवापुर में प्राथमिक स्वास्थ केंद्र।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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एक चिकित्सक के भरोसे चल रही पीएचसी
- दो चिकित्सक एक फार्मासिस्ट समेत पांच पद हैं स्वीकृत
संवाद न्यूज एजेंसी
सांथा। क्षेत्र के ग्राम पंचायत रमवापुर सरकारी में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बदहाली का शिकार है। एक वर्ष पूर्व आयुष चिकित्साधिकारी का जिले पर स्थानांतरण हो जाने के बाद एक एलोपैथिक चिकित्सक के सहारे मरीजों का इलाज हो रहा है।
करीब 20 हजार मरीजों के इलाज का जिम्मा एक ही चिकित्सक के कंधे पर है। बेहतर इलाज की सुविधा न मिलने से मरीजों को अन्य जगहों पर जाना पड़ता है। इसके साथ ही चिकित्सकों और कर्मचारियों के लिए बने आवास भी जर्जर हो गए हैं, जिसकी वजह से रात में कोई भी आवास पर रुकता नहीं है। रात में आने वाले मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के रमवापुर सरकारी, पसनारा, मीरापुर, गोबडौरी, जोलहपुरवा, घटरमा, प्रसादपुर, जोगीबीर, गोपालपुर आदि समेत गांव के लोगों को नजदीक में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 30 वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य रामनरेश चौधरी के अथक प्रयास के बाद शासन ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रमवापुर सरकारी गांव के पंचायत भवन में खोला। आयुष प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर अमरीश चौधरी का स्थानांतरण एक वर्ष पूर्व जिला मुख्यालय के लिए हो गया। इसके बाद से यह पद खाली पड़ा है। यहां पर दो डॉक्टर तथा एक फार्मास्सिट समेत पांच कर्मचारियों का पद सृजित हैं। मौजूदा समय में मात्र एक एलोपैथिक डॉक्टर के भरोसे अस्पताल का संचालन हो रहा है। डॉक्टर समेत कर्मचारियों के लिए बना आवास जर्जर है। इस संबंध सीएचसी सांथा के अधीक्षक यूएच अंसारी ने कहा कि पीएचसी रमवापुर सरकारी में चिकित्सकों की कमी है। जिसकी सूचना मुख्यालय को भेजी गई है। अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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- दो चिकित्सक एक फार्मासिस्ट समेत पांच पद हैं स्वीकृत
संवाद न्यूज एजेंसी
सांथा। क्षेत्र के ग्राम पंचायत रमवापुर सरकारी में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बदहाली का शिकार है। एक वर्ष पूर्व आयुष चिकित्साधिकारी का जिले पर स्थानांतरण हो जाने के बाद एक एलोपैथिक चिकित्सक के सहारे मरीजों का इलाज हो रहा है।
करीब 20 हजार मरीजों के इलाज का जिम्मा एक ही चिकित्सक के कंधे पर है। बेहतर इलाज की सुविधा न मिलने से मरीजों को अन्य जगहों पर जाना पड़ता है। इसके साथ ही चिकित्सकों और कर्मचारियों के लिए बने आवास भी जर्जर हो गए हैं, जिसकी वजह से रात में कोई भी आवास पर रुकता नहीं है। रात में आने वाले मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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क्षेत्र के रमवापुर सरकारी, पसनारा, मीरापुर, गोबडौरी, जोलहपुरवा, घटरमा, प्रसादपुर, जोगीबीर, गोपालपुर आदि समेत गांव के लोगों को नजदीक में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 30 वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य रामनरेश चौधरी के अथक प्रयास के बाद शासन ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रमवापुर सरकारी गांव के पंचायत भवन में खोला। आयुष प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर अमरीश चौधरी का स्थानांतरण एक वर्ष पूर्व जिला मुख्यालय के लिए हो गया। इसके बाद से यह पद खाली पड़ा है। यहां पर दो डॉक्टर तथा एक फार्मास्सिट समेत पांच कर्मचारियों का पद सृजित हैं। मौजूदा समय में मात्र एक एलोपैथिक डॉक्टर के भरोसे अस्पताल का संचालन हो रहा है। डॉक्टर समेत कर्मचारियों के लिए बना आवास जर्जर है। इस संबंध सीएचसी सांथा के अधीक्षक यूएच अंसारी ने कहा कि पीएचसी रमवापुर सरकारी में चिकित्सकों की कमी है। जिसकी सूचना मुख्यालय को भेजी गई है। अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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