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गड़ही में बने शौचालय पर चला बुल्डोजर
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गड़ही में बने शौचालय पर चला बुल्डोजर
धर्मसिंहवा। मेंहदावल तहसील क्षेत्र के पुनया गांव में गड़ही की जमीन में प्रधान के बने शौचालय पर तहसील प्रशासन ने शनिवार को बुल्डोजर चलाकर उसे कब्जा मुक्त कराया। गड़ही के बगल में बंजर भूमि पर बने मकान में भूसा होने के कारण कब्जेदार के निवेदन पर भूसा खाली करने के लिए तहसीलदार ने तीन दिन की मोहलत दी। तीन दिन बाद उस मकान को भी गिराकर कब्जामुक्त करा दिया जाएगा।
तहसीलदार निशा श्रीवास्तव ने बताया के पुनया गांव में अराजी संख्या 262 गड़ही व 261 बंजर भूमि के नाम से दर्ज है। गड़ही कुल 101 एअर में है। दोनों अराजी पर राजस्व संहिता 67 की कार्यवाही तहसील न्यायालय में प्रचलित थी। कब्जा बेदखली का आदेश पारित हुआ था। गड़ही की जमीन पर प्रधान अरूंधती देवी के परिवार ने कुछ हिस्से में शौचालय व एक दीवार बना ली था। जिसे जेसीबी के माध्यम से गिराकर कब्जामुक्त करा दिया गया है। बंजर की भूमि एक हेक्टेअर 165 एअर में है। जिसमें भी गांव के ही रमेंद्र ओझा ने एक मकान व भूपेंद्र ओझा ने नीव डालकर कब्जा कर रखा था। भूपेंद्र ओझा के नींव उखाड़कर कब्जा हटवाया गया। जबकि रमेंद्र के मकान में भूसा होने के कारण उनके निवेदन पर तीन दिन में खाली करने का अवसर दे दिया गया है और तीन दिन बाद मकान को भी गिराकर कब्जामुक्त करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि गड़ही का स्वरूप बदलकर समतल हो गया है। इसके लिए बीडीओ सांथा को गड़ही की खुदाई के लिए पत्र प्रेषित कर दिया गया है।
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धर्मसिंहवा। मेंहदावल तहसील क्षेत्र के पुनया गांव में गड़ही की जमीन में प्रधान के बने शौचालय पर तहसील प्रशासन ने शनिवार को बुल्डोजर चलाकर उसे कब्जा मुक्त कराया। गड़ही के बगल में बंजर भूमि पर बने मकान में भूसा होने के कारण कब्जेदार के निवेदन पर भूसा खाली करने के लिए तहसीलदार ने तीन दिन की मोहलत दी। तीन दिन बाद उस मकान को भी गिराकर कब्जामुक्त करा दिया जाएगा।
तहसीलदार निशा श्रीवास्तव ने बताया के पुनया गांव में अराजी संख्या 262 गड़ही व 261 बंजर भूमि के नाम से दर्ज है। गड़ही कुल 101 एअर में है। दोनों अराजी पर राजस्व संहिता 67 की कार्यवाही तहसील न्यायालय में प्रचलित थी। कब्जा बेदखली का आदेश पारित हुआ था। गड़ही की जमीन पर प्रधान अरूंधती देवी के परिवार ने कुछ हिस्से में शौचालय व एक दीवार बना ली था। जिसे जेसीबी के माध्यम से गिराकर कब्जामुक्त करा दिया गया है। बंजर की भूमि एक हेक्टेअर 165 एअर में है। जिसमें भी गांव के ही रमेंद्र ओझा ने एक मकान व भूपेंद्र ओझा ने नीव डालकर कब्जा कर रखा था। भूपेंद्र ओझा के नींव उखाड़कर कब्जा हटवाया गया। जबकि रमेंद्र के मकान में भूसा होने के कारण उनके निवेदन पर तीन दिन में खाली करने का अवसर दे दिया गया है और तीन दिन बाद मकान को भी गिराकर कब्जामुक्त करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि गड़ही का स्वरूप बदलकर समतल हो गया है। इसके लिए बीडीओ सांथा को गड़ही की खुदाई के लिए पत्र प्रेषित कर दिया गया है।
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