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बिजली निगम का कारनामा : उपभोक्ता को भेजा पौने दो करोड़ का बिल
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- चार माह तक निगम कार्यालय का चक्कर लगाते थक गया मजदूर
- संपूर्ण समाधान दिवस में मजदूर की पत्नी ने डीएम को पत्र देकर बिल सुधार कराने की लगाई गुहार
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। वैसे तो अपने कारनामे को लेकर बिजली निगम अक्सर चर्चा में रहता है, लेकिन इधर एक और नया कारनामा कर सामने आया है। एक मजदूर के घर का करीब पौने दो करोड़ का बकाया बिजली भेज दिया। इसकी जानकारी होने पर परिवार सकते में आ गया। पीड़ित मजदूर की पत्नी ने शनिवार को मेंहदावल संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम के समक्ष पेश हुई और बिजली निगम की दांस्ता सुनाई तो डीएम भौचक रह गए। डीएम ने प्रकरण की जांच कर बिल सुधार कराने का निर्देश एक्सईएन मेंहदावल को दिया है।
सांथा विकास खंड के कसया गांव की रहने वाली रीना पत्नी राजेश ने बताया कि उसके पति तीन भाई है। तीनों भाई अलग-अलग रहते हैं। उसके पति बंगलौर में पेंट पॅालिश का काम करते हैं। तीन साल पहले पति ने बिजली का कनेक्शन लिया था। घर पर बिजली निगम ने मीटर भी लगाया है। पति के नाम से बकाया बिजली बिल 17 मई 2023 को 8796 रुपये था। 27 मई को 600 रुपये और 31 मई को 2500 रुपये जमा किया था। आरोप है कि बिजली निगम ने उसके पति के नाम से 1,65,91,937 रुपये का बकाया बिजली का बिल भेज दिया है। इतनी बडृी रकम बिजली बिल बकाया होने की सूचना से उसका परिवार सकते में आ गया है। बिजली की जानकारी होने पर उसकी सास शीला देवी की तबीयत खराब हो गई। बीमार सास की दवा मेहनत मजदूरी करके करा रही है। उसके पति वर्तमान में बंगलौर में है। आरोप है कि बिजली निगम की लापरवाही से यदि उसकी सास शीला के साथ कोई अप्रिय घटना हुई तो इसके लिए विद्युत निगम को जिम्मेदार माना जाए। पीड़ित रीना ने डीएम से मांग की है कि उसके बिल की गड़बड़ी में सुधार कराया जाए। इसके साथ ही बिल में गड़बडी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाए।
दूरभाष से हुई बात में पति राजेश ने बताया कि उसका खपरैल का मकान है। अप्रत्याशित बिजली का बिल आने से उसकी चिंता बढ़ गई। उसके परिवार के लोग आहत है। चार महीने तक वह विद्युत निगम मेंहदावल के कार्यालय का चक्कर लगाया,लेकिन जब बिल में सुधार नहीं हुआ तो हार थक कर दो महीने पहले बंगलूरू मजदूरी करने चला आया। यदि बिजली बिल में सुधार जल्द नहीं होगा तो उसकी मां के साथ अनहोनी होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। संवाद
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इंसेट
सांथा क्षेत्र के कसया गांव निवासी राजेश का बकाया बिल 1,65,91,937 रुपये आ गया है। यह साॅफ्टवेयर की गड़बड़ी से हुआ है। यह प्रकरण संज्ञान में आ चुका है। डीएम ने इसकी जांच दी है। एक सप्ताह के भीतर गड़बडी दूर करके बिल में सुधार करा दिया जाएगा।
- बीके गुप्ता, एक्सईएन बिजली, मेंहदावल
इंसेट
करीब पौने दो करोड़ का मजदूर उपभोक्ता का बिजली बकाया बिल आना विद्युत निगम का बड़ा फाल्ट है। यह बेहद गंभीर प्रकरण है। इसकी जांच करके बिल में सुधार कराते हुए एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश एक्सईएन मेंहदावल को दिया है।
- महेंद्र सिंह तंवर,डीएम
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- संपूर्ण समाधान दिवस में मजदूर की पत्नी ने डीएम को पत्र देकर बिल सुधार कराने की लगाई गुहार
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। वैसे तो अपने कारनामे को लेकर बिजली निगम अक्सर चर्चा में रहता है, लेकिन इधर एक और नया कारनामा कर सामने आया है। एक मजदूर के घर का करीब पौने दो करोड़ का बकाया बिजली भेज दिया। इसकी जानकारी होने पर परिवार सकते में आ गया। पीड़ित मजदूर की पत्नी ने शनिवार को मेंहदावल संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम के समक्ष पेश हुई और बिजली निगम की दांस्ता सुनाई तो डीएम भौचक रह गए। डीएम ने प्रकरण की जांच कर बिल सुधार कराने का निर्देश एक्सईएन मेंहदावल को दिया है।
सांथा विकास खंड के कसया गांव की रहने वाली रीना पत्नी राजेश ने बताया कि उसके पति तीन भाई है। तीनों भाई अलग-अलग रहते हैं। उसके पति बंगलौर में पेंट पॅालिश का काम करते हैं। तीन साल पहले पति ने बिजली का कनेक्शन लिया था। घर पर बिजली निगम ने मीटर भी लगाया है। पति के नाम से बकाया बिजली बिल 17 मई 2023 को 8796 रुपये था। 27 मई को 600 रुपये और 31 मई को 2500 रुपये जमा किया था। आरोप है कि बिजली निगम ने उसके पति के नाम से 1,65,91,937 रुपये का बकाया बिजली का बिल भेज दिया है। इतनी बडृी रकम बिजली बिल बकाया होने की सूचना से उसका परिवार सकते में आ गया है। बिजली की जानकारी होने पर उसकी सास शीला देवी की तबीयत खराब हो गई। बीमार सास की दवा मेहनत मजदूरी करके करा रही है। उसके पति वर्तमान में बंगलौर में है। आरोप है कि बिजली निगम की लापरवाही से यदि उसकी सास शीला के साथ कोई अप्रिय घटना हुई तो इसके लिए विद्युत निगम को जिम्मेदार माना जाए। पीड़ित रीना ने डीएम से मांग की है कि उसके बिल की गड़बड़ी में सुधार कराया जाए। इसके साथ ही बिल में गड़बडी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाए।
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दूरभाष से हुई बात में पति राजेश ने बताया कि उसका खपरैल का मकान है। अप्रत्याशित बिजली का बिल आने से उसकी चिंता बढ़ गई। उसके परिवार के लोग आहत है। चार महीने तक वह विद्युत निगम मेंहदावल के कार्यालय का चक्कर लगाया,लेकिन जब बिल में सुधार नहीं हुआ तो हार थक कर दो महीने पहले बंगलूरू मजदूरी करने चला आया। यदि बिजली बिल में सुधार जल्द नहीं होगा तो उसकी मां के साथ अनहोनी होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। संवाद
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सांथा क्षेत्र के कसया गांव निवासी राजेश का बकाया बिल 1,65,91,937 रुपये आ गया है। यह साॅफ्टवेयर की गड़बड़ी से हुआ है। यह प्रकरण संज्ञान में आ चुका है। डीएम ने इसकी जांच दी है। एक सप्ताह के भीतर गड़बडी दूर करके बिल में सुधार करा दिया जाएगा।
- बीके गुप्ता, एक्सईएन बिजली, मेंहदावल
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करीब पौने दो करोड़ का मजदूर उपभोक्ता का बिजली बकाया बिल आना विद्युत निगम का बड़ा फाल्ट है। यह बेहद गंभीर प्रकरण है। इसकी जांच करके बिल में सुधार कराते हुए एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश एक्सईएन मेंहदावल को दिया है।
- महेंद्र सिंह तंवर,डीएम