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बिजली कटौती से बिगड़ी दिनचर्या, छिन गई रातों की नींद

Wed, 18 Aug 2021 11:21 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 18 Aug 2021 11:21 PM IST
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elecricity cut
बिजली कटौती से बिगड़ी दिनचर्या, छिन गई रातों की नींद
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। खलीलाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से बिजली कटौती से लोग रतजगा करने को मजबूर हैं। रात में नींद पूरी न होने से लोगों की दिनचर्या बिगड़ गई है। जिन लोगों को कार्यालय व कामकाज के लिए निकलना रहता है, उन्हें देरी हो जा रही है। इससे लोग काफी परेशान है। दिन में भी कामकाज पर इसका असर पड़ रहा है।
लोगों के अनुसार, वैसे तो जिले में विद्युत व्यवस्था आए दिन पटरी से उतर जाती है। कभी फीडर में खराबी तो कभी लोकल फाल्ट से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उमस भरी गर्मी और मच्छरों के प्रकोप के कारण नींद पूरी नहीं हो पा रही है। खलीलाबाद क्षेत्र के गड़सरपार, बरईपार, सहसरावमाफी, महास्थान, नहसापार, चकदही आदि गांवों में पिछले कई दिनों यही स्थिति है।
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दीपांजन, दिलीप कुमार, राम करन, राम फल, राम नरायन, प्रेमचंद्र आदि ने कहा कि रात में बार-बार बिजली कटने से काफी दिक्कत हो रही है। दिन में सुबह छह बजे से दस बजे तक बिजली नहीं रहती है। इसके बाद भी कई बार बिजली कटती है। रात में आठ बजे बिजली गुल हो जा रही है और दस बजे आती है। इसके बाद कई बार बिजली कटने का क्रम चलता रहता है। उन्होंने मांग की कि रात में बिजली की कटौती बंद की जाए।
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विद्युत वितरण निगम के अधिशाषी अभियंता आरके सिंह ने कहा कि ओवर लोड के चलते समस्या आ रही है। समस्या निस्तारण के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। जल्द ही समस्या से उपभोक्ताओं को निजात मिल जाएगी।

नींद पूरी न होने पर हो सकते हैं डिप्रेशन का शिकार
जिला चिकित्सालय से हाल में सेवानिवृत्त हुए वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आलोक सिन्हा ने कहा कि नींद पूरी न होने से डिप्रेशन की समस्या हो सकती है। व्यक्ति के कामकाज पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को न्यूनतम छह घंटे नींद अवश्य लेनी चाहिए। इसमें खलल पड़ने से बाद में समस्या गंभीर हो सकती है और व्यक्ति मनोरोग का शिकार हो सकता है।
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