{"_id":"64c953e327543200aa0aecd4","slug":"due-to-nuisance-in-hrpg-college-girl-students-were-afraid-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-1040-2023-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: एचआरपीजी कॉलेज में उपद्रव के चलते सहमी रही छात्राएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: एचआरपीजी कॉलेज में उपद्रव के चलते सहमी रही छात्राएं
Wed, 02 Aug 2023 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 02 Aug 2023 12:20 AM IST
विज्ञापन
एचआरपीजी कॉलेज में प्रदर्शन के दौरान गेट खोलने को लेकर कोतवाल से हो रही धक्का मुक्की।
- स्नातक चतुर्थ सेमेस्टर में फेल होने से नाराज थे छात्र
- पुलिस से भी की धक्का मुक्की, गेट कर दिया था बंद
संतकबीरनगर। एचआरपीजी कॉलेज के छात्रों ने मंगलवार को कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा किया। छात्र नेताओं के उपद्रव के चलते कॉलेज परिसर में मौजूद छात्राएं सहमी रहीं। छात्राएं कमरों में जाकर बैठ गई और उपद्रव के खत्म होने का इंतजार करने लगी। छात्रा नुसरत जहां, कविता, संजू ने कहा कि इस तरह के उपद्रव होने से पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसके लिए कॉलेज को बातचीत कर माहौल को बेहतर बनाना चाहिए।
छात्रों की मांग- कॉलेज उनके अंक पत्रों को सही कराए
छात्र रमजान अली, विवेक, सदानंद, सलमान, बलराम, कृष्णानंद, राहुल, संध्या, ज्योति, नीलम, प्रीति, खुशी, प्रिया, जैनब खातून, निशा आदि का आरोप था कि स्नातक चतुर्थ सेमेस्टर में सभी अंक पत्रों पर नाॅट प्रमोटेड लिखा गया है। उन्हें अगली कक्षाओं में प्रवेश नहीं मिलेगा। फिर से बैक पेपर देना पड़ेगा। जिससे उनका साल बर्बाद होगा। कॉलेज प्रशासन इस समस्या से निजात दिलाए। जिससे की उनका भविष्य बर्बाद न हो।
बीएड परीक्षा को लेकर परेशान रहा कॉलेज प्रशासन
बीएड की वार्षिक परीक्षा दोपहर 2.30 बजे से शुरू होनी थी। छात्रों के हंगामे के चलते बीएड परीक्षा की तैयारियों में रूकावटें आईं। कॉलेज के मुख्य गेट पर परीक्षा संबंधित स्लीप लगा दी गई थी लेकिन अंदर स्लीप नहीं लग पाई। कॉलेज प्रशासन इसको लेकर परेशान था। जब उपद्रवी छात्र परिसर से बाहर गए तो शिक्षकों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
प्राचार्य ने अज्ञात छात्रों के खिलाफ दी तहरीर
एचआरपीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने कॉलेज में तोड़फोड के मामले में अज्ञात छात्रों के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। प्राचार्य का कहना है कि बीए द्वितीय वर्ष चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षाफल के प्रकरण को लेकर छात्रसंघ पदाधिकारी, छात्र नेता, अनुत्तीर्ण छात्र, छात्राएं एवं अज्ञात लोगों के जरिए कॉलेज में विरोध प्रदर्शन कर वातावरण को अशांत कर दिया गया। जिससे बीएड की विश्वविद्यालयीय परीक्षा तैयारी में बाधा उत्पन्न हुई। साथ ही महाविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है।
कॉलेज के मुख्य गेट को बंद कर चाभी अपने पास रख लिया। पुलिस प्रशासन के आरक्षी के साथ भी अभद्रता की गई। उपद्रवी माहौल के कारण कॉलेज में पठन-पाठन, प्रवेश आदि कार्य बाधित हो गया। इसमे शामिल लोगों पर केस दर्ज करते हुए कॉलेज पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए।
कुछ छात्र व छात्र नेताओं ने स्नातक चतुर्थ सेमेस्टर में फेल होने को लेकर हंगामा किया है। कॉलेज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। साथ ही पुलिस कर्मियों से हाथापाई की है। परीक्षा परिणाम विश्वविद्यालय जारी करता है। वहीं पर कापियां जांची जाती हैं। अगर ऐसा है तो छात्रों की बातों को विश्वविद्यालय के सामने रखा जाएगा।
- प्रोफेसर ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, प्राचार्य, एचआरपीजी कॉलेज
कॉलेज में हंगामे की सूचना पहुंचे थे। छात्रों ने स्नातक चतुर्थ सेमेस्टर में फेल होने का आरोप लगाया है। प्राचार्य से बातचीत की गई है। साथ ही छात्रों के हितों को देखते हुए सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से बातचीत करने के लिए प्राचार्य से कहा गया है। कॉलेज में हंगामा करना गलत है।
शैलेश कुमार दुबे, एसडीएम सदर
विज्ञापन
- पुलिस से भी की धक्का मुक्की, गेट कर दिया था बंद
संतकबीरनगर। एचआरपीजी कॉलेज के छात्रों ने मंगलवार को कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा किया। छात्र नेताओं के उपद्रव के चलते कॉलेज परिसर में मौजूद छात्राएं सहमी रहीं। छात्राएं कमरों में जाकर बैठ गई और उपद्रव के खत्म होने का इंतजार करने लगी। छात्रा नुसरत जहां, कविता, संजू ने कहा कि इस तरह के उपद्रव होने से पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसके लिए कॉलेज को बातचीत कर माहौल को बेहतर बनाना चाहिए।
छात्रों की मांग- कॉलेज उनके अंक पत्रों को सही कराए
छात्र रमजान अली, विवेक, सदानंद, सलमान, बलराम, कृष्णानंद, राहुल, संध्या, ज्योति, नीलम, प्रीति, खुशी, प्रिया, जैनब खातून, निशा आदि का आरोप था कि स्नातक चतुर्थ सेमेस्टर में सभी अंक पत्रों पर नाॅट प्रमोटेड लिखा गया है। उन्हें अगली कक्षाओं में प्रवेश नहीं मिलेगा। फिर से बैक पेपर देना पड़ेगा। जिससे उनका साल बर्बाद होगा। कॉलेज प्रशासन इस समस्या से निजात दिलाए। जिससे की उनका भविष्य बर्बाद न हो।
विज्ञापन
बीएड परीक्षा को लेकर परेशान रहा कॉलेज प्रशासन
बीएड की वार्षिक परीक्षा दोपहर 2.30 बजे से शुरू होनी थी। छात्रों के हंगामे के चलते बीएड परीक्षा की तैयारियों में रूकावटें आईं। कॉलेज के मुख्य गेट पर परीक्षा संबंधित स्लीप लगा दी गई थी लेकिन अंदर स्लीप नहीं लग पाई। कॉलेज प्रशासन इसको लेकर परेशान था। जब उपद्रवी छात्र परिसर से बाहर गए तो शिक्षकों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
प्राचार्य ने अज्ञात छात्रों के खिलाफ दी तहरीर
एचआरपीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने कॉलेज में तोड़फोड के मामले में अज्ञात छात्रों के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। प्राचार्य का कहना है कि बीए द्वितीय वर्ष चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षाफल के प्रकरण को लेकर छात्रसंघ पदाधिकारी, छात्र नेता, अनुत्तीर्ण छात्र, छात्राएं एवं अज्ञात लोगों के जरिए कॉलेज में विरोध प्रदर्शन कर वातावरण को अशांत कर दिया गया। जिससे बीएड की विश्वविद्यालयीय परीक्षा तैयारी में बाधा उत्पन्न हुई। साथ ही महाविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है।
कॉलेज के मुख्य गेट को बंद कर चाभी अपने पास रख लिया। पुलिस प्रशासन के आरक्षी के साथ भी अभद्रता की गई। उपद्रवी माहौल के कारण कॉलेज में पठन-पाठन, प्रवेश आदि कार्य बाधित हो गया। इसमे शामिल लोगों पर केस दर्ज करते हुए कॉलेज पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए।
कुछ छात्र व छात्र नेताओं ने स्नातक चतुर्थ सेमेस्टर में फेल होने को लेकर हंगामा किया है। कॉलेज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। साथ ही पुलिस कर्मियों से हाथापाई की है। परीक्षा परिणाम विश्वविद्यालय जारी करता है। वहीं पर कापियां जांची जाती हैं। अगर ऐसा है तो छात्रों की बातों को विश्वविद्यालय के सामने रखा जाएगा।
- प्रोफेसर ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, प्राचार्य, एचआरपीजी कॉलेज
कॉलेज में हंगामे की सूचना पहुंचे थे। छात्रों ने स्नातक चतुर्थ सेमेस्टर में फेल होने का आरोप लगाया है। प्राचार्य से बातचीत की गई है। साथ ही छात्रों के हितों को देखते हुए सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से बातचीत करने के लिए प्राचार्य से कहा गया है। कॉलेज में हंगामा करना गलत है।
शैलेश कुमार दुबे, एसडीएम सदर