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Sant Kabir Nagar News: प्रोन्नति न होने के कारण इंचार्ज के भरोसे चल रहे 604 स्कूल
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-जनवरी में जारी हुआ था आदेश, फिर मामला हो गया ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों में स्थायी हेडमास्टर नहीं हैं। जिले के 604 प्राथमिक, कंपोजिट और उच्च प्राथमिक विद्यालय हेडमास्टर विहीन है। इनमें इंचार्ज हेडमास्टर तैनात हैं। शिक्षकों की प्रोन्नति न होने के चलते यह समस्या उत्पन्न हुई है।
जिले में 1247 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 250 कंपोजिट विद्यालय, 192 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 805 प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें कुल 3250 शिक्षक तैनात हैं। वर्ष 2004 में उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की प्रोन्नति हुई। इनमें से कुछ प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर बने थे। उसके बाद प्रोन्नति नहीं हो सकी। प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षकों की वर्ष 2017 में प्रोन्नति हुई। उसमें कुछ उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक तो कुछ प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर पद पर तैनात हुए थे। उसमें से कई शिक्षक सेवानिवृत्त हो गए। करीब आठ साल बीतने को है प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की प्रोन्नति नहीं हुई।
जनवरी में शासन ने प्रोन्नति का आदेश जारी किया, जिसके बाद शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी हुई, लेकिन फिर मामला अधर में लटक गया। हाल यह है कि 192 उच्च प्राथमिक विद्यालयाें में मात्र आठ विद्यालयों में ही स्थायी हेडमास्टर तैनात हैं, जबकि 184 विद्यालयों में प्रभारी प्रधानाध्यापक तैनात हैं। 805 प्राथमिक विद्यालयों में 635 विद्यालयों में स्थायी प्रधानाध्यापक हैं, जबकि 170 प्राथमिक विद्यालय उधार के हेडमास्टर के चलते संचालित हो रहे हैं।
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शासन का जैसा निर्देश आएगा उसके अनुसार प्रोन्नति की कार्रवाई की जाएगी।
-अमित सिंह, बीएसए
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों में स्थायी हेडमास्टर नहीं हैं। जिले के 604 प्राथमिक, कंपोजिट और उच्च प्राथमिक विद्यालय हेडमास्टर विहीन है। इनमें इंचार्ज हेडमास्टर तैनात हैं। शिक्षकों की प्रोन्नति न होने के चलते यह समस्या उत्पन्न हुई है।
जिले में 1247 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 250 कंपोजिट विद्यालय, 192 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 805 प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें कुल 3250 शिक्षक तैनात हैं। वर्ष 2004 में उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की प्रोन्नति हुई। इनमें से कुछ प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर बने थे। उसके बाद प्रोन्नति नहीं हो सकी। प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षकों की वर्ष 2017 में प्रोन्नति हुई। उसमें कुछ उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक तो कुछ प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर पद पर तैनात हुए थे। उसमें से कई शिक्षक सेवानिवृत्त हो गए। करीब आठ साल बीतने को है प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की प्रोन्नति नहीं हुई।
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जनवरी में शासन ने प्रोन्नति का आदेश जारी किया, जिसके बाद शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी हुई, लेकिन फिर मामला अधर में लटक गया। हाल यह है कि 192 उच्च प्राथमिक विद्यालयाें में मात्र आठ विद्यालयों में ही स्थायी हेडमास्टर तैनात हैं, जबकि 184 विद्यालयों में प्रभारी प्रधानाध्यापक तैनात हैं। 805 प्राथमिक विद्यालयों में 635 विद्यालयों में स्थायी प्रधानाध्यापक हैं, जबकि 170 प्राथमिक विद्यालय उधार के हेडमास्टर के चलते संचालित हो रहे हैं।
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शासन का जैसा निर्देश आएगा उसके अनुसार प्रोन्नति की कार्रवाई की जाएगी।
-अमित सिंह, बीएसए