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Sant Kabir Nagar News: बन तो गए शहरी, पीने के लिए शुद्ध पानी तक की सुविधा नहीं
Thu, 01 Jun 2023 11:08 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 01 Jun 2023 11:08 PM IST
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नगरपालिका क्षेत्र के सीमा बिस्तार क्षेत्र मैलानी के पास देशी हैंड पंप से पानी भरते हुए। संवाद
संतकबीरनगर। करीब तीन साल पहले नगर पालिका खलीलाबाद का विस्तार हुआ और उसमें 16 ग्राम पंचायतों की करीब 50,000 की आबादी शामिल हुई। कहने के लिए लोग शहरी तो बन गए, लेकिन अभी तक इतनी बड़ी आबादी के लोगों को पीने के लिए शुद्ध पानी तक मयस्सर नहीं हो पाया। मजबूरी में अधिकांश आबादी घरों में लगे देसी हैंडपंप और इंडिया मार्का हैंडपंप के पानी का सेवन कर रहे हैं। आर्थिक रूप से संपन्न लोगों ने या तो अपने घरों में समर्सिबल लगवा रखा है या डिब्बे का पानी खरीद कर पीते हैं।
ऐसे में पानी पर 600 रुपये महीने खर्च करने को मजबूर हैं। शहर की सरकार की पहली बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा तक नहीं हुई।
एक अक्तूबर 2020 को शासन ने नगर पालिका परिषद खलीलाबाद का सीमा विस्तार करते हुए सरैया, मिश्रौलिया, नेदुला, पटखौली, सरौली, बड़गों, खटौली, मैलानी, मोहद्दीपुर, बेलवनिया, डीघा, कसैला, गौसपुर, बनियाबारी, सादिकगंज और उसका खुर्द को शहर में शामिल कर लिया। लोगों को उम्मीद थी कि इन क्षेत्रों का शहर की तरह विकास होगा और पाइप लाइन के जरिये स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। करीब तीन साल होने को हैं, लेकिन अब तक इन क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए कोई इंतजाम नहीं हो सका है। यहां तक कि ग्रामीण क्षेत्र के लिए स्वीकृत पेयजल परियोजनाएं भी अब तक हैंडओवर नहीं हो सकी है। ऐसे में लोगों को स्वच्छ पेयजल से वंचित होना पड़ रहा है। मजबूरी में यहां के लोगों को घरों में लगे छोटे हैंडपंपों का पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है।
इन क्षेत्रों में जहां इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं, उनका पानी भी प्रदूषित आ रहा है। ऐसे में लोगों को डिब्बा बंद पानी खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें 600 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
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सीमा विस्तारित क्षेत्र में विकास के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है, जबकि करीब तीन वर्ष बीतने को हैं। पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन डालने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इसके लिए कार्य नहीं हुए।
-संदीप कुमार, मैलानी
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शहर में शामिल होने के बाद उम्मीद थी कि स्वच्छ पेयजल के लिए कार्य होगा, लेकिन क़ुछ भी नहीं किया गया। मजबूरी में छोटे हैंडपंपों का पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।
-राधिका देवी, मैलानी
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शहरी क्षेत्र में शामिल होने के बाद सुविधाएं मिलने की आस जगी थीं, लेकिन अब तक पेयजल आपूर्ति के लिए कुुछ भी नहीं किया गया। मजबूरी में डिब्बा का पानी मंगवाना पड़ रहा है, जिस पर 600 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
-बासमती देवी, बड़गो
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शहरी क्षेत्र में शामिल लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित कराया जाएगा।
-जगत जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका, खलीलालाबाद
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शहर में शामिल हुए क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए जल्द ही कदम उठाए जाएंगे। बनियाबारी व बड़गो में पानी की टंकी बनी है। जल्द ही इन परियोजनाओं को शहर में शामिल कराकर लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
-विनय कुमार मिश्र, ईओ खलीलाबाद
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ऐसे में पानी पर 600 रुपये महीने खर्च करने को मजबूर हैं। शहर की सरकार की पहली बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा तक नहीं हुई।
एक अक्तूबर 2020 को शासन ने नगर पालिका परिषद खलीलाबाद का सीमा विस्तार करते हुए सरैया, मिश्रौलिया, नेदुला, पटखौली, सरौली, बड़गों, खटौली, मैलानी, मोहद्दीपुर, बेलवनिया, डीघा, कसैला, गौसपुर, बनियाबारी, सादिकगंज और उसका खुर्द को शहर में शामिल कर लिया। लोगों को उम्मीद थी कि इन क्षेत्रों का शहर की तरह विकास होगा और पाइप लाइन के जरिये स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। करीब तीन साल होने को हैं, लेकिन अब तक इन क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए कोई इंतजाम नहीं हो सका है। यहां तक कि ग्रामीण क्षेत्र के लिए स्वीकृत पेयजल परियोजनाएं भी अब तक हैंडओवर नहीं हो सकी है। ऐसे में लोगों को स्वच्छ पेयजल से वंचित होना पड़ रहा है। मजबूरी में यहां के लोगों को घरों में लगे छोटे हैंडपंपों का पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है।
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इन क्षेत्रों में जहां इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं, उनका पानी भी प्रदूषित आ रहा है। ऐसे में लोगों को डिब्बा बंद पानी खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें 600 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
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सीमा विस्तारित क्षेत्र में विकास के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है, जबकि करीब तीन वर्ष बीतने को हैं। पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन डालने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इसके लिए कार्य नहीं हुए।
-संदीप कुमार, मैलानी
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शहर में शामिल होने के बाद उम्मीद थी कि स्वच्छ पेयजल के लिए कार्य होगा, लेकिन क़ुछ भी नहीं किया गया। मजबूरी में छोटे हैंडपंपों का पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।
-राधिका देवी, मैलानी
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शहरी क्षेत्र में शामिल होने के बाद सुविधाएं मिलने की आस जगी थीं, लेकिन अब तक पेयजल आपूर्ति के लिए कुुछ भी नहीं किया गया। मजबूरी में डिब्बा का पानी मंगवाना पड़ रहा है, जिस पर 600 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
-बासमती देवी, बड़गो
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शहरी क्षेत्र में शामिल लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित कराया जाएगा।
-जगत जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका, खलीलालाबाद
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शहर में शामिल हुए क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए जल्द ही कदम उठाए जाएंगे। बनियाबारी व बड़गो में पानी की टंकी बनी है। जल्द ही इन परियोजनाओं को शहर में शामिल कराकर लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
-विनय कुमार मिश्र, ईओ खलीलाबाद