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Sant Kabir Nagar News: कुत्तों ने 35 तो बंदरों ने तीन लोगों को काटा, तीन लोग रेफर
Tue, 07 Jan 2025 11:34 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 07 Jan 2025 11:34 PM IST
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बच्ची को कुत्ता काटने का इंजेक्शन लगाते सीएचसी मलौली में फार्मासिस्ट।
धनघटा। धनघटा क्षेत्र में कुत्तों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। तीन दिन में कुत्तों ने 155 लोगों को शिकार बनाया है। मंगलवार को विभिन्न गांवों के 35 लोगों को कुत्तों ने काट लिया। वहीं तीन लोगों को बंदरों ने काट लिया। घायल लोगों को जिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैसर ले जाया। वहां पर बंदरों से घायल तीन लोगों को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। स्वास्थ्य केंद्र पर रैबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।
धनघटा क्षेत्र में रविवार को शनिचरा बाजार, बुजुर्गवार, रुस्तमपुर, बरगदवा, रानीपुर गांव में कुत्तों के काटने से 35 लोग घायल हुए थे। वहीं सोमवार को सेमरौना, टाडा, औराडाड, बरपरवा, मुंडेरा, गोसैसीपुर, चपरा पूर्वी, कुरमौल, बसवारी गांव के 85 लोगों को कुत्तों ने काट लिया था। इसमें से महिला समेत दो लोगों को मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया गया। मंगलवार को धनघटा निवासी आदित्य मिश्रा, मनिकापार निवासी कृष्णा, कटहा निवासी गौतम, कुरमौल निवासी नैंसी, रसूलपुर की काव्या, किशनपुर निवासी अवतार, नारायणपुर निवासी दयाराम, कुरमौल निवासी विक्रम, बगही निवासी सत्य राम, रोशया के धर्मेंद्र, चपरापूर्वी के राम अशीष व मटिहना के राजमन समेत 35 लोगों को कुत्तों ने काट लिया। इन सभी लोगों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैसर में किया गया है।
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मेडिकल कालेज से वापस आए पुष्पा और विनोद
सोमवार को स्वास्थ्यकर्मियों ने कुत्ता काटने से घायल निहैला गांव निवासी विनोद और ककरहा निवासी पुष्पा देवी को मेडिकल कालेज भेज दिया था। कारण यह था कि कुत्तों ने उनको गहरा घाव दिया था। मेडिकल कालेज गोरखपुर में इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ। मंगलवार को देर शाम अस्पताल से उनको घर भेज दिया।
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भय के माहौल में बच्चे और बुजुर्ग
कुत्ता काटने की बढ़ती घटनाओं के चलते लोगों के अन्दर भय का माहौल देखा जा रहा है। रसूलपुर, कटहां, मनिकापार, बगहीं, कुरमौल, रोशया, चपरा पूर्वी, मटिहना समेत दर्जनों गांवों में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक कुत्तों से भयभीत हैं। कुत्तों के आते देख लोग उनसे दूर हट जा रहे हैं। कई लोगों ने तो हाथ में डंडा लेकर भी चलना शुरु कर दिया है। लोग छोटे बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं, कि कहीं कोई कुत्ता उन्हें न काट ले।
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बंदरों को भगाने गए तो हो गए आक्रामक
बंदरों के काटने की घटना बभनौली गांव में हुई। गांव के निवासी भागल बताते हैं कि सुबह के समय उनके घर के अन्दर बंदर घुस रहे थे। उन्होंने बंदरों को रोकना चाहा तो, बंदरों ने उनके ऊपर हमला बोलकर काट लिया। बंदर इस तरह से आक्रामक हो गए कि कान और बाल पकड़कर काट रहे थे। लोगों ने बंदरों को मौके से भगाया तब जाकर उनकी जान बची। इसी गांव की परवीन और तूफानी को भी मंगलवार के दिन बंदरों ने काट लिया। इन तीनों लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैसर बाजार लाया गया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उनको जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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कुत्तों से न करें छेड़छाड़, बरतें सावधानी : डॉ. चौधरी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. जितेंद्र चौधरी ने बताया कि कुत्तों के बच्चों के साथ छेड़छाड़ नहीं करना चाहिए। कुत्तों से हमेशा सावधान रहने की जरूरत है। पिछले वर्ष के अपेक्षा इस वर्ष क्षेत्र में कुत्तों के काटने की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। जब कुत्ता पागल हो जाता है तभी इस तरह से काटता है। पागल कुत्ते के मुंह से ठंड में भी लार टपकती रहती है। अगर किसी कुत्ते के मुंह से लार टपक रही हो, तो उसके करीब न जाएं। शरीर के जिस अंग पर कुत्ता काटा है उसे नहाने के साबुन से तत्काल धोना चाहिए। इसके बाद टिटनेस का इंजेक्शन लगवाएं। नजदीकी अस्पताल पर पहुंचकर रैबीज का इंजेक्शन जरूर लगवाएं।
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कोट
आवारा कुत्तों को पकड़ने की जिम्मेदारी नगर निकाय क्षेत्र में निकाय की है तथा ग्राम पंचायत क्षेत्र में ग्राम की है। पशुपालन विभाग कुत्तों तथा अन्य जानवरों का इलाज करेगा। हमारे पास जो भी जानवर आएगा उसका इलाज करेंगे।
डॉ. सुरेश तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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धनघटा क्षेत्र में रविवार को शनिचरा बाजार, बुजुर्गवार, रुस्तमपुर, बरगदवा, रानीपुर गांव में कुत्तों के काटने से 35 लोग घायल हुए थे। वहीं सोमवार को सेमरौना, टाडा, औराडाड, बरपरवा, मुंडेरा, गोसैसीपुर, चपरा पूर्वी, कुरमौल, बसवारी गांव के 85 लोगों को कुत्तों ने काट लिया था। इसमें से महिला समेत दो लोगों को मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया गया। मंगलवार को धनघटा निवासी आदित्य मिश्रा, मनिकापार निवासी कृष्णा, कटहा निवासी गौतम, कुरमौल निवासी नैंसी, रसूलपुर की काव्या, किशनपुर निवासी अवतार, नारायणपुर निवासी दयाराम, कुरमौल निवासी विक्रम, बगही निवासी सत्य राम, रोशया के धर्मेंद्र, चपरापूर्वी के राम अशीष व मटिहना के राजमन समेत 35 लोगों को कुत्तों ने काट लिया। इन सभी लोगों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैसर में किया गया है।
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मेडिकल कालेज से वापस आए पुष्पा और विनोद
सोमवार को स्वास्थ्यकर्मियों ने कुत्ता काटने से घायल निहैला गांव निवासी विनोद और ककरहा निवासी पुष्पा देवी को मेडिकल कालेज भेज दिया था। कारण यह था कि कुत्तों ने उनको गहरा घाव दिया था। मेडिकल कालेज गोरखपुर में इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ। मंगलवार को देर शाम अस्पताल से उनको घर भेज दिया।
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भय के माहौल में बच्चे और बुजुर्ग
कुत्ता काटने की बढ़ती घटनाओं के चलते लोगों के अन्दर भय का माहौल देखा जा रहा है। रसूलपुर, कटहां, मनिकापार, बगहीं, कुरमौल, रोशया, चपरा पूर्वी, मटिहना समेत दर्जनों गांवों में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक कुत्तों से भयभीत हैं। कुत्तों के आते देख लोग उनसे दूर हट जा रहे हैं। कई लोगों ने तो हाथ में डंडा लेकर भी चलना शुरु कर दिया है। लोग छोटे बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं, कि कहीं कोई कुत्ता उन्हें न काट ले।
बंदरों को भगाने गए तो हो गए आक्रामक
बंदरों के काटने की घटना बभनौली गांव में हुई। गांव के निवासी भागल बताते हैं कि सुबह के समय उनके घर के अन्दर बंदर घुस रहे थे। उन्होंने बंदरों को रोकना चाहा तो, बंदरों ने उनके ऊपर हमला बोलकर काट लिया। बंदर इस तरह से आक्रामक हो गए कि कान और बाल पकड़कर काट रहे थे। लोगों ने बंदरों को मौके से भगाया तब जाकर उनकी जान बची। इसी गांव की परवीन और तूफानी को भी मंगलवार के दिन बंदरों ने काट लिया। इन तीनों लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैसर बाजार लाया गया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उनको जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
कुत्तों से न करें छेड़छाड़, बरतें सावधानी : डॉ. चौधरी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. जितेंद्र चौधरी ने बताया कि कुत्तों के बच्चों के साथ छेड़छाड़ नहीं करना चाहिए। कुत्तों से हमेशा सावधान रहने की जरूरत है। पिछले वर्ष के अपेक्षा इस वर्ष क्षेत्र में कुत्तों के काटने की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। जब कुत्ता पागल हो जाता है तभी इस तरह से काटता है। पागल कुत्ते के मुंह से ठंड में भी लार टपकती रहती है। अगर किसी कुत्ते के मुंह से लार टपक रही हो, तो उसके करीब न जाएं। शरीर के जिस अंग पर कुत्ता काटा है उसे नहाने के साबुन से तत्काल धोना चाहिए। इसके बाद टिटनेस का इंजेक्शन लगवाएं। नजदीकी अस्पताल पर पहुंचकर रैबीज का इंजेक्शन जरूर लगवाएं।
कोट
आवारा कुत्तों को पकड़ने की जिम्मेदारी नगर निकाय क्षेत्र में निकाय की है तथा ग्राम पंचायत क्षेत्र में ग्राम की है। पशुपालन विभाग कुत्तों तथा अन्य जानवरों का इलाज करेगा। हमारे पास जो भी जानवर आएगा उसका इलाज करेंगे।
डॉ. सुरेश तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी