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Sant Kabir Nagar News: परियोजनाओें की धीमी प्रगति पर डीएम सख्त, कार्यदायी संस्था पर होगी कार्रवाई
Tue, 19 Mar 2024 11:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 19 Mar 2024 11:39 PM IST
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- मार्च 2023 में पूरी होनी थी पेयजल परियोजनाएं, कार्य अधूरा
- प्रमुख सचिव नमामि गंगे को डीएम ने लिखा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल पहुंचाने के लिए शुरू की गई पेयजल परियोजनाओं की प्रगति काफी धीमी है। इसको लेकर डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने सख्त रवैया अपनाया है। डीएम ने प्रमुख सचिव नमामि गंगे व ग्रामीण जलापूर्ति विभाग को पत्र लिखा है। साथ ही कार्यदायी संस्था के खिलाफ अपने स्तर से कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
जल जीवन मिशन फेज दो के अंतर्गत कार्यदायी संस्था को 449 राजस्व गांव आवंटित हैं। जिसके सापेक्ष 171 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। अनुबंध के अनुसार कार्य 23 सितंबर 2021 को प्रारंभ होकर 23 मार्च 2023 को पूर्ण होना था। कार्यदायी संस्था ने अपेक्षित मैनपावर न लगाने और परियोजनाओं के सभी घटकों पर समानांतर कार्य नहीं किए जाने की वजह से अभी तक एक परियोजना पूर्ण हो सकी है।
179 ट्यूबवेल के सापेक्ष 175 का निर्माण पूर्ण कराया गया है। मात्र 72 पंप हाउस का निर्माण पूर्ण हो सका है। 171 के सापेक्ष चार परियोजनाओं पर ओवरहेड टैंक का कार्य पूर्ण हो सका है। डीएम ने सत्यापन कराया जो पाया कि अधिकतर परियोजनाओं पर पाइप लाइन, हाउस कनेक्शन, सोलर प्लाट आदि का कार्य अधूरा पड़ा है। इसके बाद की स्वीकृत परियोजनाओं का हाल और भी बुरा है। कहीं पानी की टंकी नहीं बन सकी है तो कहीं पाइप बिछाने का कार्य अधूरा छोड़़ दिया गया है। इन्हें भी मार्च में पूरा किया जाना है।
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अमर उजाला ने 10 मार्च को ‘तय सीमा में बचे चंद दिन, अधूरी पड़ी परियोजनाएं’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम ने कार्यदायी संस्था के खिलाफ शासन को पत्र लिखा है, ताकि जल्द से जल्द कार्य पूर्ण हों और लोगों को गर्मी में पानी की किल्लत से परेशान न होना पड़े।
पेयजल परियोजनाओं के निर्माण की प्रगति काफी खराब पाई गई है। इसको लेकर प्रमुख सचिव नमामि गंगे व जलापूर्ति निगम को पत्र भेजकर कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई करने लिए आग्रह किया गया है। साथ ही जल्द ही परियोजनाओं पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
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- प्रमुख सचिव नमामि गंगे को डीएम ने लिखा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल पहुंचाने के लिए शुरू की गई पेयजल परियोजनाओं की प्रगति काफी धीमी है। इसको लेकर डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने सख्त रवैया अपनाया है। डीएम ने प्रमुख सचिव नमामि गंगे व ग्रामीण जलापूर्ति विभाग को पत्र लिखा है। साथ ही कार्यदायी संस्था के खिलाफ अपने स्तर से कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
जल जीवन मिशन फेज दो के अंतर्गत कार्यदायी संस्था को 449 राजस्व गांव आवंटित हैं। जिसके सापेक्ष 171 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। अनुबंध के अनुसार कार्य 23 सितंबर 2021 को प्रारंभ होकर 23 मार्च 2023 को पूर्ण होना था। कार्यदायी संस्था ने अपेक्षित मैनपावर न लगाने और परियोजनाओं के सभी घटकों पर समानांतर कार्य नहीं किए जाने की वजह से अभी तक एक परियोजना पूर्ण हो सकी है।
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179 ट्यूबवेल के सापेक्ष 175 का निर्माण पूर्ण कराया गया है। मात्र 72 पंप हाउस का निर्माण पूर्ण हो सका है। 171 के सापेक्ष चार परियोजनाओं पर ओवरहेड टैंक का कार्य पूर्ण हो सका है। डीएम ने सत्यापन कराया जो पाया कि अधिकतर परियोजनाओं पर पाइप लाइन, हाउस कनेक्शन, सोलर प्लाट आदि का कार्य अधूरा पड़ा है। इसके बाद की स्वीकृत परियोजनाओं का हाल और भी बुरा है। कहीं पानी की टंकी नहीं बन सकी है तो कहीं पाइप बिछाने का कार्य अधूरा छोड़़ दिया गया है। इन्हें भी मार्च में पूरा किया जाना है।
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अमर उजाला ने 10 मार्च को ‘तय सीमा में बचे चंद दिन, अधूरी पड़ी परियोजनाएं’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम ने कार्यदायी संस्था के खिलाफ शासन को पत्र लिखा है, ताकि जल्द से जल्द कार्य पूर्ण हों और लोगों को गर्मी में पानी की किल्लत से परेशान न होना पड़े।
पेयजल परियोजनाओं के निर्माण की प्रगति काफी खराब पाई गई है। इसको लेकर प्रमुख सचिव नमामि गंगे व जलापूर्ति निगम को पत्र भेजकर कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई करने लिए आग्रह किया गया है। साथ ही जल्द ही परियोजनाओं पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम