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संत कबीर नगर: डीएम ने गेट बंद करवाकर शुरू कराई जांच, बाहर खड़े रहे बीएसए
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भ्रष्टाचार और समय से कर्मियों के नहीं आने की शिकायत पर मारा छापा
बीएसए, लेखाधिकारी समेत 50 फीसदी कर्मचारी मिले अनुपस्थित
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। भ्रष्टाचार और समय से कर्मियों के नहीं पहुंचने की शिकायतों पर बुधवार को डीएम प्रेम रंजन सिंह ने बीएसए कार्यालय में छापा मारा। जांच में बीएसए समेत 50 फीसदी कर्मचारी गैरहाजिर मिले। डीएम ने बीएसए कार्यालय पहुंचने के बाद मुख्य गेट को बंद करा दिया। उसी बीच पहुंचे बीएसए गेट पर करीब आधा घंटा तक खड़े रहे। जांच पूरी होने पर ही उन्हें भीतर आने दिया गया। डीएम ने जांच के लिए तमाम तरह की पत्रावलियों को भी कब्जे में लिया है।
डीएम सुबह 10 बजे अपर एसडीएम नवीन श्रीवास्तव और एसडीएम न्यायिक मेंहदावल अजय कुमार तिवारी के साथ बीएसए कार्यालय पहुंचे। डीएम ने सबसे पहले उपस्थिति पंजिका चेक की। बीएसए अतुल कुमार तिवारी, सहायक वित्त लेखाधिकारी सत्येंद्र कुमार यादव, लिपिक सुनील मिश्रा, ईएमआईएस इंचार्ज शिव प्रताप चौधरी, लेखाकार चंद्रेश्वर मिश्रा, चतुर्थ श्रेणी कर्मी राम सागर चौरसिया, राजेश कुमार और राकेश कुमार अनुपस्थित पाए गए।
गायब मिलीं महत्वपूर्ण पत्रावलियां
इसके बाद डीएम ने बीएसए कार्यालय में घूमकर वहां का हाल जाना। कार्यालय में पत्रावलियों के रखरखाव की स्थिति बेहद खराब पाई। कंपोजिट ग्रांट की फाइल गायब मिली। डीसी की नियुक्ति संबंधी पत्रावली भी नहीं मिली। बीएसए कार्यालय की बदहाल स्थिति से डीएम खफा दिखे। डीएम ने मिड-डे-मील व निर्माण से संंबंधित पत्रावलियों को कब्जे में लेकर सील कर दिया। जांच के दौरान गेट तक आने के बाद लेखाकार चंद्रेश्वर मिश्रा कहीं चले गए। बाद में बीएसए ने उन्हें फोन कर बुलाया। डीएम ने लेखाकार को अपने सहयोगी जांच अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट भेजवाया।
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बीएसए को नोटिस, अन्य पटलों के कर्मियों की भी जांच
डीएम ने बताया कि बीएसए कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार की शिकायतें शासन तक पहुंची हैं। मंडलायुक्त ने भी नियुक्ति संबंधी पत्रावली में गड़बड़ी पकड़ी थी। कर्मचारियों के समय से कार्यालय नहीं आने की भी शिकायतें मिल रही हैं। खंड शिक्षाधिकारी स्कूलों की जांच नहीं कर रहे हैं, जबकि प्रत्येक दिन बीएसए समेत खंड शिक्षाधिकारियों को विद्यालयों की जांच करनी चाहिए। स्कूलों में प्रधानाध्यापक, शिक्षक और शिक्षामित्र भी नियमित स्कूल नहीं जा रहे हैं। स्कूलों में ठीक से पढ़ाई नहीं हो रही है। कुल मिलाकर व्यववस्था बेपटरी है। जांच में तमाम खामियां उजागर हुईं। बीएसए को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अन्य पटलों के कर्मियों की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है। एडीएम मनोज कुमार सिंह, एसडीएम न्यायिक अजय कुमार तिवारी और अपर एसडीएम नवीन श्रीवास्तव को अलग-अलग जांचें सौंपी गई हैं।
बीएसए, लेखाधिकारी समेत 50 फीसदी कर्मचारी मिले अनुपस्थित
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। भ्रष्टाचार और समय से कर्मियों के नहीं पहुंचने की शिकायतों पर बुधवार को डीएम प्रेम रंजन सिंह ने बीएसए कार्यालय में छापा मारा। जांच में बीएसए समेत 50 फीसदी कर्मचारी गैरहाजिर मिले। डीएम ने बीएसए कार्यालय पहुंचने के बाद मुख्य गेट को बंद करा दिया। उसी बीच पहुंचे बीएसए गेट पर करीब आधा घंटा तक खड़े रहे। जांच पूरी होने पर ही उन्हें भीतर आने दिया गया। डीएम ने जांच के लिए तमाम तरह की पत्रावलियों को भी कब्जे में लिया है।
डीएम सुबह 10 बजे अपर एसडीएम नवीन श्रीवास्तव और एसडीएम न्यायिक मेंहदावल अजय कुमार तिवारी के साथ बीएसए कार्यालय पहुंचे। डीएम ने सबसे पहले उपस्थिति पंजिका चेक की। बीएसए अतुल कुमार तिवारी, सहायक वित्त लेखाधिकारी सत्येंद्र कुमार यादव, लिपिक सुनील मिश्रा, ईएमआईएस इंचार्ज शिव प्रताप चौधरी, लेखाकार चंद्रेश्वर मिश्रा, चतुर्थ श्रेणी कर्मी राम सागर चौरसिया, राजेश कुमार और राकेश कुमार अनुपस्थित पाए गए।
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गायब मिलीं महत्वपूर्ण पत्रावलियां
इसके बाद डीएम ने बीएसए कार्यालय में घूमकर वहां का हाल जाना। कार्यालय में पत्रावलियों के रखरखाव की स्थिति बेहद खराब पाई। कंपोजिट ग्रांट की फाइल गायब मिली। डीसी की नियुक्ति संबंधी पत्रावली भी नहीं मिली। बीएसए कार्यालय की बदहाल स्थिति से डीएम खफा दिखे। डीएम ने मिड-डे-मील व निर्माण से संंबंधित पत्रावलियों को कब्जे में लेकर सील कर दिया। जांच के दौरान गेट तक आने के बाद लेखाकार चंद्रेश्वर मिश्रा कहीं चले गए। बाद में बीएसए ने उन्हें फोन कर बुलाया। डीएम ने लेखाकार को अपने सहयोगी जांच अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट भेजवाया।
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बीएसए को नोटिस, अन्य पटलों के कर्मियों की भी जांच
डीएम ने बताया कि बीएसए कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार की शिकायतें शासन तक पहुंची हैं। मंडलायुक्त ने भी नियुक्ति संबंधी पत्रावली में गड़बड़ी पकड़ी थी। कर्मचारियों के समय से कार्यालय नहीं आने की भी शिकायतें मिल रही हैं। खंड शिक्षाधिकारी स्कूलों की जांच नहीं कर रहे हैं, जबकि प्रत्येक दिन बीएसए समेत खंड शिक्षाधिकारियों को विद्यालयों की जांच करनी चाहिए। स्कूलों में प्रधानाध्यापक, शिक्षक और शिक्षामित्र भी नियमित स्कूल नहीं जा रहे हैं। स्कूलों में ठीक से पढ़ाई नहीं हो रही है। कुल मिलाकर व्यववस्था बेपटरी है। जांच में तमाम खामियां उजागर हुईं। बीएसए को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अन्य पटलों के कर्मियों की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है। एडीएम मनोज कुमार सिंह, एसडीएम न्यायिक अजय कुमार तिवारी और अपर एसडीएम नवीन श्रीवास्तव को अलग-अलग जांचें सौंपी गई हैं।